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दक्षिण अफ्रीका में IBSAMAR समुद्री अभ्यास का 9वाँ संस्करण संपन्न

  • भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास (India-Brazil-South Africa Maritime Exercise—IBSAMAR) का नौवाँ संस्करण 20 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका के साइमन टाउन में संपन्न हुआ।

  • यह त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास भारतीय नौसेना, ब्राजील की नौसेना और दक्षिण अफ्रीका की नौसेना के बीच आयोजित किया गया।

  • इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability) बढ़ाना, समुद्री सहयोग को मजबूत करना तथा भाग लेने वाले बलों के बीच आपसी समझ विकसित करना है।

  • IBSAMAR अभ्यास वर्ष 2008 से भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA) सहयोग ढाँचे के अंतर्गत प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित किया जाता रहा है।

  • यह अभ्यास तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच सामूहिक प्रशिक्षण, अनुभवों के आदान-प्रदान और परिचालन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने का एक महत्त्वपूर्ण मंच बन गया है।

IBSAMAR IX अभ्यास की प्रमुख विशेषताएँ

  • अभ्यास का नाम: IBSAMAR IX (नौवाँ संस्करण)।

  • आयोजन स्थल: साइमन टाउन, दक्षिण अफ्रीका।

  • समापन तिथि: 20 अक्टूबर।

  • भाग लेने वाले देश: भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका।

  • अभ्यास की अवधि: 10 दिन।

  • आयोजन का ढाँचा: भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA)।

  • आयोजन की आवृत्ति: प्रत्येक दो वर्ष में।

  • मुख्य उद्देश्य: समुद्री सुरक्षा, अंतर-संचालन क्षमता, सामूहिक प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग को बढ़ावा देना।

IBSAMAR IX की थीम

इस अभ्यास का विषय था — ‘समुद्री क्षेत्र में साझा भविष्य के लिए एकजुट होकर अधिक मजबूत बनना’ (Stronger Together Towards a Shared Future in the Maritime Domain)।

इस थीम का उद्देश्य तीनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना तथा समुद्री चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयारियों को बेहतर बनाना है।

अभ्यास का महत्त्व

  • IBSAMAR IX का आयोजन हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।

  • इस अभ्यास से तीनों देशों की नौसेनाओं को संयुक्त अभियानों का अभ्यास करने और एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है।

  • अंतर-संचालन क्षमता में सुधार से विभिन्न देशों की नौसेनाएँ आपात स्थितियों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से सहयोग कर सकती हैं।

  • यह अभ्यास समुद्री डकैती, समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी खतरों और अन्य साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक तैयारी को बढ़ावा देता है।

  • IBSAMAR भारत की समुद्री कूटनीति और IBSA के अंतर्गत त्रिपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारतीय नौसेना की भागीदारी

  • भारतीय नौसेना की ओर से INS तरकश (INS Tarkash) ने इस दस दिवसीय अभ्यास में भाग लिया।

  • INS तरकश भारतीय नौसेना का एक अग्रिम पंक्ति का निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है।

  • यह युद्धपोत अपनी आधुनिक प्रणालियों और बहुउद्देशीय परिचालन क्षमताओं के कारण समुद्री सुरक्षा अभियानों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील की नौसेनाओं की भागीदारी

दक्षिण अफ्रीका की नौसेना

दक्षिण अफ्रीका ने निम्नलिखित युद्धपोतों और पनडुब्बी के साथ अभ्यास में भाग लिया:

  1. SAS Amatola

  2. SAS King Sekhukhune I

  3. SAS Adam Kok III

  4. SAS Manthatisi पनडुब्बी

ब्राजील की नौसेना

  • ब्राजील की नौसेना ने BNS Barroso युद्धपोत के साथ भाग लिया।

  • इस युद्धपोत पर एक लिंक्स (Lynx) हेलीकॉप्टर भी तैनात था।

निष्कर्ष

IBSAMAR IX भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने वाला एक महत्त्वपूर्ण त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। यह तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण, अंतर-संचालन क्षमता और समुद्री सुरक्षा संबंधी तैयारियों को बेहतर बनाने में सहायता करता है। हिंद महासागर क्षेत्र में बदलती समुद्री चुनौतियों के संदर्भ में इस अभ्यास का रणनीतिक महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

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