दक्षिण अमेरिका के सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश ब्राजील का नेतृत्व अगले चार वर्षों तक अनुभवी वामपंथी नेता लूला दा सिल्वा करेंगे, जो लंबे समय से अमेरिकी प्रभाव की आलोचना करते रहे हैं।
लूला की जीत से अमेरिका की चिंताएँ और बढ़ सकती हैं, क्योंकि इससे ब्राजील और चीन के बीच संबंधों के और मजबूत होने की संभावना है।
लूला दा सिल्वा का चौथा गैर-लगातार कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होगा।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में जीत के लिए लूला दा सिल्वा को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा तथा व्यापक बनाने के लिए उनके साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की।
लूला दा सिल्वा कौन हैं?
पूरा नाम: लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva)
जन्म: 27 अक्टूबर, 1945
जन्म स्थान: गरान्हुन्स शहर, पर्नाम्बुको राज्य, ब्राजील
धातु श्रमिक के रूप में: उन्होंने 14 वर्ष की आयु में साओ पाउलो के निकट एक औद्योगिक शहर में धातु श्रमिक के रूप में काम करना शुरू किया। इसी दौरान उनके बाएँ हाथ की छोटी उँगली कट गई थी।
युवावस्था: युवावस्था में उन्होंने राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण सेवा (SENAI) से व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और मैकेनिकल टर्नर के रूप में योग्यता हासिल की। इसके बाद उन्होंने धातु उद्योग से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में काम किया।
1975: वे मेटलवर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बने।
1980: उन्होंने वर्कर्स पार्टी (Workers’ Party — PT) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे।
1989: उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद लगातार दो राष्ट्रपति चुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
27 अक्टूबर, 2002: वे पहली बार ब्राजील के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
2006: उन्होंने दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की।
2022: उन्होंने तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीतकर सत्ता में वापसी की।
2026: उन्होंने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीतकर ब्राजील के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।