भारतीय खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए हरियाणा की मनीषा भानवाला (Manisha Bhanwala) ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 (World Wrestling Championships 2026) में स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
30 अक्टूबर, 2026 को कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना (Astana) में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के महिलाओं के 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में मनीषा भानवाला ने अमेरिका की अबीगैल एलिजाबेथ नेटे (Abigail Elizabeth Nette) को 8-6 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ मनीषा विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गईं।
उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने फाइनल मुकाबले में 0-6 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
मनीषा भारत की ओर से विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी पहलवान भी बनी हैं। इससे पहले सुशील कुमार ने वर्ष 2010 में पुरुषों के 66 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
चर्चा में क्यों?
मनीषा भानवाला ने 30 अक्टूबर, 2026 को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के महिलाओं के 59 किलोग्राम भार वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता।
यह प्रतियोगिता कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में 24 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2026 तक आयोजित की गई।
फाइनल मुकाबले में मनीषा का सामना अमेरिका की पहलवान अबीगैल एलिजाबेथ नेटे से हुआ।
मुकाबले की शुरुआत में अमेरिकी पहलवान ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए 6-0 की बढ़त बना ली थी।
हालाँकि, मनीषा ने धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए मैच में वापसी की तथा अंततः 8-6 से जीत दर्ज की।
इस सफलता ने भारतीय महिला कुश्ती को विश्व स्तर पर एक नई पहचान प्रदान की है।
विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में मनीषा की ऐतिहासिक वापसी
अमेरिकी पहलवान अबीगैल नेटे ने मुकाबले की शुरुआत में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए मनीषा पर दबाव बनाया।
प्रारंभिक चरण में अमेरिकी पहलवान ने तकनीकी दाँवों के माध्यम से छह अंकों की बढ़त हासिल कर ली।
इसके बाद मनीषा ने पहले पीरियड के समाप्त होने से पहले एक अंक प्राप्त किया, जिससे स्कोर 1-6 हो गया।
मुकाबले के दूसरे पीरियड में मनीषा ने अपनी रणनीति बदली और आक्रामक प्रदर्शन शुरू किया।
उन्होंने टेकडाउन (Takedown) तथा गट-रेंच (Gut-Wrench) जैसी कुश्ती तकनीकों का प्रभावी उपयोग करते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी की बढ़त समाप्त कर दी।
इसके बाद मुकाबला 6-6 की बराबरी पर पहुँच गया।
निर्णायक क्षणों में मनीषा ने एक और सफल टेकडाउन के माध्यम से दो अंक हासिल किए और 8-6 की बढ़त बना ली।
अंतिम क्षणों तक उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया।
इस मुकाबले में मनीषा की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, मानसिक दृढ़ता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की योग्यता निर्णायक साबित हुई।
मनीषा भानवाला कौन हैं?
मनीषा भानवाला भारत की एक अंतरराष्ट्रीय महिला फ्रीस्टाइल पहलवान हैं।
उनका संबंध हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गाँव से है।
वर्ष 2026 में 29 वर्षीय मनीषा ने कई वर्षों के कठिन प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के बाद विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक हासिल किया।
वे एक किसान परिवार से आती हैं, जहाँ खेलों के प्रति रुचि और प्रोत्साहन का वातावरण रहा है।
उनके बड़े भाई रिंकू कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं, जबकि उनकी भाभी ममता सिहाग भी कुश्ती से जुड़ी हुई हैं।
बचपन में मनीषा अपने भाई को गाँव में कबड्डी खेलते हुए देखती थीं। इससे उनमें खेलों के प्रति रुचि विकसित हुई।
बाद में परिवार ने उन्हें व्यक्तिगत खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्होंने कुश्ती को अपना करियर बनाया।
मनीषा के कुश्ती करियर की शुरुआत
मनीषा का कुश्ती से परिचय बचपन में हुआ था।
उनके पिता ने उन्हें शारीरिक फिटनेस और खेल प्रशिक्षण के उद्देश्य से एक खेल छात्रावास में भेजा था।
शुरुआती दिनों में मनीषा ने अपने आसपास के वरिष्ठ पहलवानों को अभ्यास करते और प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए देखा।
इसके अतिरिक्त भारतीय पहलवानों द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की उपलब्धियों ने उन्हें प्रेरित किया।
धीरे-धीरे उनका रुझान कुश्ती की ओर बढ़ता गया और उन्होंने इसे अपने जीवन का प्रमुख लक्ष्य बना लिया।
उन्होंने हरियाणा के रोहतक स्थित छोटू राम स्टेडियम से जुड़े प्रशिक्षण वातावरण में अपनी कुश्ती तकनीकों को बेहतर बनाया।
कठिन अभ्यास, नियमित प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव ने उन्हें एक सफल पहलवान के रूप में स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संघर्ष और पारिवारिक चुनौतियों से भरा सफर
मनीषा भानवाला की सफलता के पीछे लंबे समय का संघर्ष और अनेक व्यक्तिगत चुनौतियाँ रही हैं।
उनके पिता उनके कुश्ती करियर के सबसे बड़े समर्थकों में शामिल थे।
वर्ष 2022 में जब मनीषा एक अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए मंगोलिया जा रही थीं, उसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया।
यह घटना उनके जीवन में एक अत्यंत कठिन समय लेकर आई।
इसके बावजूद मनीषा ने अपने खेल करियर को जारी रखा और अपने पिता के विश्व चैंपियन बनने के सपने को पूरा करने का संकल्प बनाए रखा।
विश्व चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि अपने पिता के सपने को साकार करने का भावनात्मक क्षण भी था।
मनीषा ने इस उपलब्धि को वर्षों की मेहनत, संघर्ष और पारिवारिक समर्थन का परिणाम बताया।
एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक
विश्व चैंपियन बनने से पहले भी मनीषा भानवाला अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कर चुकी थीं।
मार्च 2025 में जॉर्डन की राजधानी अम्मान (Amman) में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं के 62 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
फाइनल मुकाबले में उन्होंने उत्तर कोरिया की ओक जू किम (Ok Ju Kim) को 8-7 से हराया था।
इस मुकाबले में भी मनीषा ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी।
एशियाई चैंपियनशिप का यह स्वर्ण पदक उनके करियर की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थी।
इस जीत ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
अलग-अलग भार वर्गों में मनीषा का प्रदर्शन
मनीषा भानवाला ने अपने कुश्ती करियर के दौरान विभिन्न भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा की है।
उन्होंने 62 किलोग्राम, 65 किलोग्राम और 57 किलोग्राम जैसे भार वर्गों में भाग लिया है।
लेकिन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि महिलाओं के 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतना रही।
कुश्ती में विभिन्न भार वर्गों के अनुसार पहलवानों को अपने शरीर का वजन, प्रशिक्षण और शारीरिक क्षमता संतुलित करनी होती है।
भार वर्ग बदलने के लिए पहलवानों को अपनी तकनीक, सहनशक्ति और शारीरिक तैयारी में भी आवश्यक परिवर्तन करने पड़ सकते हैं।
मनीषा की अलग-अलग भार वर्गों में भागीदारी उनके अनुभव और खेल के प्रति अनुकूलन क्षमता को दर्शाती है।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 भारतीय महिला कुश्ती के लिए विशेष रूप से यादगार रही।
मनीषा भानवाला के स्वर्ण पदक के अतिरिक्त अन्य भारतीय महिला पहलवानों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
नीलम सिरोही ने महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।
काजल दोचक ने महिलाओं के 76 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
इसके अतिरिक्त तनु शर्मा ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय पदक संख्या में योगदान दिया।
इस प्रकार भारत ने महिलाओं की कुश्ती में कुल चार पदक प्राप्त किए, जिनमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल थे।
इस प्रतियोगिता में पहली बार तीन भारतीय महिला पहलवान अलग-अलग भार वर्गों के स्वर्ण पदक मुकाबलों तक पहुँचीं।
यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय स्तर को दर्शाती है।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत के स्वर्ण पदक विजेता
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना किसी भी पहलवान के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
भारत की ओर से अब तक सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो पहलवानों ने स्वर्ण पदक जीते हैं।
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पहलवान |
वर्ष |
भार वर्ग |
प्रतियोगिता स्थल |
|---|---|---|---|
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सुशील कुमार |
2010 |
पुरुष 66 किग्रा फ्रीस्टाइल |
मॉस्को, रूस |
|
मनीषा भानवाला |
2026 |
महिला 59 किग्रा फ्रीस्टाइल |
अस्ताना, कजाखस्तान |
सुशील कुमार ने वर्ष 2010 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
इसके लगभग 16 वर्ष बाद मनीषा भानवाला ने विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ा।
मनीषा महिलाओं के वर्ग में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय पहलवान हैं।
59 किलोग्राम वर्ग ओलंपिक में क्यों शामिल नहीं है?
मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जिस 59 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, वह ओलंपिक खेलों के निर्धारित महिला फ्रीस्टाइल भार वर्गों में शामिल नहीं है।
ओलंपिक खेलों में महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती के छह निर्धारित भार वर्ग होते हैं।
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ओलंपिक महिला कुश्ती के भार वर्ग |
|---|
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50 किलोग्राम |
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53 किलोग्राम |
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57 किलोग्राम |
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62 किलोग्राम |
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68 किलोग्राम |
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76 किलोग्राम |
इसलिए मनीषा को लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में भाग लेने के लिए 59 किलोग्राम से किसी ओलंपिक भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
उन्होंने 57 किलोग्राम भार वर्ग में ओलंपिक पदक हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 पर मनीषा की नजर
विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने के बाद मनीषा भानवाला ने अपने अगले बड़े लक्ष्य के रूप में लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 को चुना है।
उनका उद्देश्य महिलाओं के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतना है।
ओलंपिक में सफलता हासिल करने के लिए उन्हें निर्धारित पात्रता प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा और संबंधित भार वर्ग में अपनी तैयारी मजबूत करनी होगी।
इसके लिए शारीरिक फिटनेस, वजन प्रबंधन, तकनीकी कौशल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहेगा।
मनीषा ने वर्ष 2027 की विश्व चैंपियनशिप में भी 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने की इच्छा व्यक्त की है।
यदि वे अपनी वर्तमान लय और प्रदर्शन बनाए रखने में सफल रहती हैं, तो वे भारत की प्रमुख ओलंपिक पदक दावेदारों में शामिल हो सकती हैं।
भारतीय महिला कुश्ती के लिए इस उपलब्धि का महत्त्व
मनीषा भानवाला की विश्व चैंपियनशिप में सफलता भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
1. भारतीय महिला कुश्ती को नई पहचान
विश्व चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक जीतने से भारतीय महिला पहलवानों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत हुई है।
2. युवा महिला खिलाड़ियों को प्रेरणा
मनीषा की सफलता उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है, जो कुश्ती तथा अन्य प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में अपना करियर बनाना चाहती हैं।
3. अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत
विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का बेहतर प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
4. महिला खेलों के विकास को प्रोत्साहन
इस तरह की उपलब्धियाँ महिला खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल अवसंरचना और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में योगदान दे सकती हैं।
5. ओलंपिक तैयारियों के लिए आत्मविश्वास
विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से मनीषा और अन्य भारतीय पहलवानों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है, जिसका लाभ आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मिल सकता है।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप क्या है?
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (World Wrestling Championships) एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता है।
इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (United World Wrestling – UWW) द्वारा किया जाता है।
इस प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के शीर्ष पहलवान निर्धारित भार वर्गों में भाग लेते हैं।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में मुख्य रूप से तीन प्रकार की कुश्ती प्रतियोगिताएँ आयोजित होती हैं:
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पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती (Men’s Freestyle Wrestling)।
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महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती (Women’s Freestyle Wrestling)।
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पुरुष ग्रीको-रोमन कुश्ती (Men’s Greco-Roman Wrestling)।
इन प्रतियोगिताओं में पहलवानों को उनके प्रदर्शन के आधार पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए जाते हैं।
विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाला खिलाड़ी संबंधित भार वर्ग का विश्व चैंपियन कहलाता है।
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) क्या है?
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (United World Wrestling – UWW) विश्व स्तर पर कुश्ती खेल का संचालन और नियमन करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है।
यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन, कुश्ती के नियमों और खेल के वैश्विक विकास से संबंधित कार्य करती है।
इस संस्था को पहले इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एसोसिएटेड रेसलिंग स्टाइल्स (FILA) के नाम से जाना जाता था।
वर्ष 2014 में इसका नाम बदलकर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग कर दिया गया।
इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के कोर्सियर-सुर-वेवे (Corsier-sur-Vevey) में स्थित है।
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप UWW की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल है।