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अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार, अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव

अग्निपथ योजना में केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अग्निवीरों को दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। 4 नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इस फैसले के तहत चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनकी इच्छा, पात्रता और निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर सशस्त्र बलों में नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर भी मिलेगा।

इस निर्णय का उद्देश्य अग्निपथ योजना के अंतर्गत भर्ती हुए युवाओं को सेना में लंबे समय तक सेवा करने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करना और सशस्त्र बलों में प्रशिक्षित एवं अनुभवी सैनिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इस बदलाव की घोषणा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (Gen. N.S. Raja Subramani) ने की।

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब लगभग 18,300 अग्निवीरों का चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद 31 दिसंबर तक सशस्त्र बलों से बाहर होने का समय नजदीक था।

क्या है अग्निपथ योजना?

अग्निपथ योजना भारत सरकार द्वारा जून 2022 में शुरू की गई सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती से संबंधित एक नई व्यवस्था है। इस योजना के माध्यम से भारतीय थल सेना (Indian Army), भारतीय नौसेना (Indian Navy) और भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में सैनिकों की भर्ती मुख्य रूप से अल्पकालिक संविदात्मक आधार पर की जाती है।

इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले युवाओं को ‘अग्निवीर’ (Agniveer) कहा जाता है। अग्निवीरों की प्रारंभिक सेवा अवधि चार वर्ष निर्धारित की गई है। इस अवधि में प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें सैन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होता है।

चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता, प्रदर्शन और संगठनात्मक आवश्यकताओं के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जाता है। शेष अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना, सेना की औसत आयु को कम करना तथा सैन्य भर्ती प्रणाली को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाना है।

अग्निपथ योजना के प्रमुख प्रावधान

1. भर्ती की आयु सीमा

अग्निपथ योजना के अंतर्गत प्रारंभिक रूप से 17.5 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को भर्ती करने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, वर्ष 2022 के पहले भर्ती चक्र के लिए एकमुश्त छूट देते हुए अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया था।

2. चार वर्ष की सेवा अवधि

योजना के अंतर्गत चयनित अग्निवीरों को चार वर्ष की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में नियुक्त किया जाता है। इस दौरान उन्हें सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है और संबंधित सेवा की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।

3. 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा का अवसर

चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है। यह चयन योग्यता, प्रदर्शन, संगठनात्मक आवश्यकताओं और निर्धारित नीतियों के आधार पर किया जाता है।

4. अखिल भारतीय एवं सभी वर्गों के आधार पर भर्ती

इस योजना में भर्ती की प्रक्रिया ‘अखिल भारतीय, सभी वर्ग’ (All India, All Class) के आधार पर निर्धारित की गई है। इसका अर्थ है कि भर्ती प्रक्रिया में देश के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों के युवाओं को अवसर प्रदान किया जाता है।

इस व्यवस्था से सेना की कुछ पारंपरिक रेजिमेंटों की भर्ती संरचना में भी बदलाव आने की संभावना है, क्योंकि पहले कुछ रेजिमेंटों में विशेष क्षेत्रों या समुदायों के युवाओं की भर्ती परंपरागत रूप से अधिक होती थी।

5. महिलाओं की भर्ती

अग्निपथ योजना के अंतर्गत महिलाओं को भी सशस्त्र बलों में शामिल किया जा रहा है। भारतीय नौसेना सहित संबंधित सैन्य सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

6. सेवा निधि पैकेज

चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य उन्हें सैन्य सेवा के बाद अपने भविष्य के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

अग्निपथ योजना में किए गए प्रमुख संशोधन

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत नए बदलावों के अंतर्गत अग्निवीरों की चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा अवधि के बाद एक अतिरिक्त सेवा अवधि का प्रावधान किया गया है।

पहले की व्यवस्था के अनुसार चार वर्ष पूरे होने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जाता था, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता था।

नई व्यवस्था के तहत शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर प्रदान किया जाएगा।

इसके प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:

1. दो वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार

चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले उन अग्निवीरों को, जिन्हें पहले नियमित सेवा में शामिल नहीं किया गया था, दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा।

इस प्रकार उनकी कुल प्रारंभिक और अतिरिक्त सेवा अवधि छह वर्ष हो सकती है।

2. नियमित सैनिक बनने का अतिरिक्त अवसर

दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी होने के बाद सभी संबंधित अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर दिया जाएगा।

हालांकि, नियमित भर्ती पूरी तरह स्वचालित नहीं होगी। इसके लिए अग्निवीरों की इच्छा, निर्धारित पात्रता, चयन मानदंडों और सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।

3. अधिक वेतन का प्रावधान

दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक वेतन दिया जाएगा। इसके तहत पहले वर्ष में 43,500 रुपये और दूसरे वर्ष में 47,500 रुपये का निश्चित मासिक वेतन निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें लागू भत्ते भी प्रदान किए जाएंगे।

4. सेवा निधि पैकेज में वृद्धि

अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों के सेवा निधि पैकेज में भी वृद्धि की जाएगी। इससे उनकी कुल सेवा अवधि के अनुरूप आर्थिक लाभ बेहतर होंगे।

5. वरिष्ठता का लाभ

दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को वरिष्ठता (Seniority) से संबंधित लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अतिरिक्त सेवा करने वाले अग्निवीरों के अनुभव और सेवा अवधि को उचित महत्व देना है।

अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान वेतन संरचना

नई व्यवस्था के तहत दूसरी सेवा अवधि के दो वर्षों के लिए अग्निवीरों को निम्नलिखित निश्चित मासिक वेतन दिया जाएगा:

सेवा अवधि

निश्चित मासिक वेतन

अतिरिक्त सेवा का पहला वर्ष

₹43,500

अतिरिक्त सेवा का दूसरा वर्ष

₹47,500

इसके अतिरिक्त पात्र अग्निवीरों को संबंधित भत्ते भी दिए जाएंगे। इस प्रकार नई व्यवस्था के अंतर्गत अग्निवीरों को अधिक आर्थिक लाभ और लंबे समय तक सैन्य सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा।

अग्निपथ योजना में बदलाव की आवश्यकता क्यों पड़ी?

अग्निपथ योजना में किए गए संशोधनों के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं।

1. प्रशिक्षित सैनिकों का अनुभव बनाए रखना

चार वर्ष की सेवा के दौरान अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। यदि चार वर्ष के बाद बड़ी संख्या में प्रशिक्षित सैनिकों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है, तो सेना को उनके स्थान पर नए सैनिकों को प्रशिक्षित करना पड़ता है। अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा से प्रशिक्षित सैनिकों के अनुभव का अधिक समय तक उपयोग किया जा सकेगा।

2. अग्निवीरों को अधिक अवसर प्रदान करना

पहले केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर मिलता था। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार वर्ष बाद सेवा छोड़नी पड़ती थी। नए बदलाव से उन्हें अतिरिक्त दो वर्ष तक सेना में कार्य करने और नियमित सैनिक बनने की दिशा में प्रयास करने का अवसर मिलेगा।

3. आर्थिक सुरक्षा में सुधार

अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ प्रदान करने से अग्निवीरों को आर्थिक रूप से अधिक सहायता मिलेगी।

4. सैन्य दक्षता और निरंतरता बनाए रखना

सशस्त्र बलों को ऐसे सैनिकों की आवश्यकता होती है, जिन्हें सैन्य कार्यों और विभिन्न परिस्थितियों का व्यावहारिक अनुभव हो। अतिरिक्त सेवा अवधि से अनुभवी सैनिकों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

अग्निपथ योजना का उद्देश्य

अग्निपथ योजना को भारतीय सशस्त्र बलों की भर्ती व्यवस्था में एक व्यापक परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • सशस्त्र बलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना।

  • सेना की औसत आयु को कम करना और उसे अधिक युवा बनाना।

  • सैन्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और लचीला बनाना।

  • प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवाओं की उपलब्धता बढ़ाना।

  • सशस्त्र बलों के वेतन और पेंशन संबंधी दीर्घकालिक खर्चों को नियंत्रित करने में सहायता करना।

  • युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देना।

अग्निपथ योजना के अंतर्गत वर्तमान स्थिति

अग्निपथ योजना के माध्यम से अब तक तीनों सशस्त्र बलों में बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती की गई है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत भर्ती किए गए 3 लाख से अधिक अग्निवीर वर्तमान में सशस्त्र बलों में कार्यरत हैं।

नई व्यवस्था से अग्निवीरों की सेवा अवधि, वेतन संरचना और नियमित सैनिक बनने के अवसरों में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • योजना का नाम: अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme)

  • योजना की शुरुआत: जून 2022

  • संबंधित मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय

  • भर्ती के अंतर्गत सेवाएं: भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना

  • भर्ती किए जाने वाले सैनिकों का नाम: अग्निवीर (Agniveer)

  • प्रारंभिक सेवा अवधि: 4 वर्ष

  • प्रारंभिक आयु सीमा: 17.5 से 21 वर्ष

  • वर्ष 2022 में अधिकतम आयु सीमा: एकमुश्त छूट के तहत 23 वर्ष

  • नियमित सेवा में चयन का प्रावधान: अधिकतम 25 प्रतिशत

  • नई अतिरिक्त सेवा अवधि: 2 वर्ष

  • अतिरिक्त सेवा के पहले वर्ष का वेतन: ₹43,500 प्रतिमाह

  • अतिरिक्त सेवा के दूसरे वर्ष का वेतन: ₹47,500 प्रतिमाह

  • निर्णय को मंजूरी: केंद्रीय मंत्रिमंडल

  • निर्णय की तिथि: 4 नवंबर

  • निर्णय की घोषणा: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

 
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