- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (SRJTKT) में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जा रही है।
- CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने 3 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर उनके नाम ट्रस्ट को सौंप दिए हैं।
- ट्रस्ट द्वारा 2 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में इन तीन उम्मीदवारों में से एक को पहला CEO चुने जाने की संभावना है।
- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की देखरेख करता है।
- CEO पद के गठन का निर्णय मंदिर में प्राप्त दान के प्रबंधन से संबंधित कथित चोरी और अनियमितताओं के विवाद के बाद लिया गया।
- इन आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था।
- 6 जुलाई को ट्रस्ट ने एक बड़े प्रशासनिक सुधार की घोषणा की थी, जिसमें CEO पद का सृजन प्रमुख निर्णयों में शामिल था।
- CEO पद बनाने का मुख्य उद्देश्य:
- प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करना।
- ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना।
- दान और वित्तीय प्रबंधन पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करना।
- ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करना।
- ट्रस्ट अपने उपनियमों (Bylaws) में भी बदलाव करने पर विचार कर रहा है।
- प्रस्तावित बदलावों के तहत CEO की शक्तियों और पर्यवेक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा, विशेषकर फंड मैनेजमेंट के संबंध में।
CEO चयन समिति के सदस्य
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में शामिल हैं:
- सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली।
- सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी।
- वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हवारे।
चयन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- CEO चयन प्रक्रिया जुलाई 2026 में शुरू हुई।
- समिति ने उम्मीदवारों के लिए पात्रता मानदंड तय किए।
- पात्रता में मंदिर प्रशासन का अनुभव और “कट्टर हिंदू” होना शामिल था।
- आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 थी।
- अगस्त के प्रारंभ में उम्मीदवारों के ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित किए गए।
- इसके बाद 16 उम्मीदवारों को व्यक्तिगत बातचीत (In-person Interaction) के लिए अयोध्या बुलाया गया।
- व्यक्तिगत साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त को आयोजित किए गए।
- कुल 5,585 आवेदनों की जांच की गई।
- आवेदनों की स्क्रीनिंग में AI-सहायता प्राप्त उपकरणों (AI-assisted Tools) के साथ-साथ मैनुअल समीक्षा का भी उपयोग किया गया।
- मूल्यांकन का कार्य दिल्ली-NCR, पुणे और ओडिशा के संबलपुर स्थित टीमों द्वारा किया गया।
- शॉर्टलिस्ट किए गए 3 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
- सूत्रों के अनुसार, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवार शामिल हैं।
- तीनों उम्मीदवारों के नाम किसी प्राथमिकता क्रम (Order of Preference) में नहीं रखे गए हैं।
- चयन समिति की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में निम्न प्रमुख लोग उपस्थित थे: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, महंत दिनेंद्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी।