बांग्लादेश में खसरा प्रकोप: छह और बच्चों की मौत, कुल मृतकों की संख्या 973 पहुंची
बांग्लादेश में खसरे (Measles) के बढ़ते प्रकोप के कारण सोमवार को छह और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही वर्ष 2026 में खसरे से पुष्ट और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 973 तक पहुंच गई है।
बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, ये छह मौतें सोमवार सुबह से पहले के 24 घंटों के दौरान दर्ज की गईं। नवीनतम छह मौतों को संदिग्ध खसरा मौतों के रूप में दर्ज किया गया है। खसरे से पुष्ट मौतों की संख्या 99 बनी हुई है, जबकि संदिग्ध मौतों की संख्या बढ़कर 874 हो गई है।
पिछले 24 घंटों में 1,162 नए संदिग्ध खसरा मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में संदिग्ध खसरा मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,57,991 हो गई है। इसी अवधि में 94 नए पुष्ट मामले सामने आए, जिससे कुल पुष्ट मामलों की संख्या 19,312 तक पहुंच गई।
वर्ष 2026 का खसरा प्रकोप बांग्लादेश के हालिया इतिहास के सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों में से एक बताया जा रहा है। खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है, जिससे बढ़ते मामलों को लेकर चिंता और गंभीर हो गई है।
कनाडा स्थित Global Centre for Democratic Governance (GCDG) ने अपनी रिपोर्ट ‘Preventable Tragedy: Bangladesh’s 2026 Measles Outbreak’ में इस संकट को टाला जा सकने वाला बताया। रिपोर्ट के अनुसार, महामारी विज्ञान के दृष्टिकोण से यह प्रकोप पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं था।
रिपोर्ट में 2024-25 के दौरान वैक्सीन आपूर्ति और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में व्यवधान को संकट के प्रमुख कारणों में बताया गया। नियमित टीकाकरण में कमी, पूरक टीकाकरण कार्यक्रमों का रद्द होना और वैक्सीन खरीद में प्रशासनिक देरी ने स्थिति को और गंभीर बनाया।
रिपोर्ट के अनुसार, जोखिम वाले बच्चों और क्षेत्रों की समय पर पहचान नहीं किए जाने से भी प्रकोप बढ़ने में मदद मिली। पहले बांग्लादेश WHO-अनुमोदित टीकों की खरीद UNICEF की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से करता था। बाद में इस व्यवस्था को बदलकर ओपन टेंडर आधारित खरीद प्रक्रिया अपनाई गई।
रिपोर्ट के अनुसार, UNICEF ने 2024 से 2026 के बीच संभावित वैक्सीन संकट को लेकर सरकार को कई बार चेतावनी दी। EPI के आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में खसरा टीकाकरण कवरेज 2025 में घटकर 56.2% रह गया। यह वर्ष 2017 से 2025 के बीच खसरा टीकाकरण कवरेज का सबसे निचला स्तर था।
WHO ने 2024-25 के दौरान देशभर में Measles-Rubella (MR) वैक्सीन की कमी और नियमित टीकाकरण में गिरावट को बच्चों की प्रतिरक्षा कम होने का प्रमुख कारण बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में प्रतिरक्षा स्तर में आई गिरावट ने वर्ष 2026 के व्यापक खसरा प्रकोप की स्थिति पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।