केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने देश में शहरी स्वच्छता को नई गति देने के लिए PRAGATI-50 पहल के अंतर्गत 50 मॉडल शहरों का चयन किया है। ये शहर 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं।
इस पहल का उद्देश्य इन चयनित शहरों को ऐसे स्वच्छ और अनुकरणीय मॉडल शहरों के रूप में विकसित करना है, जिनकी स्वच्छता व्यवस्था को देश के अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए उदाहरण बनाया जा सके।
PRAGATI-50 का मुख्य उद्देश्य
PRAGATI-50 का लक्ष्य केवल नियमित साफ-सफाई या कचरा उठाने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से शहरों में दृश्य रूप से बेहतर, निरंतर और उच्च स्तर की स्वच्छता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस पहल के तहत चयनित शहरों को अपनी स्वच्छता व्यवस्था में इस स्तर तक सुधार करना होगा कि आम नागरिकों को शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे।
इन शहरों को आगे चलकर देश के अन्य नगरों के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
‘Garbage Free City’ के लक्ष्य को बढ़ावा
PRAGATI-50 पहल का एक प्रमुख उद्देश्य शहरों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर Garbage Free City (कचरा-मुक्त शहर) के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करना है।
इसके लिए शहरों में केवल कचरा संग्रहण ही नहीं, बल्कि कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण और उचित निपटान जैसी पूरी व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
इससे शहरों को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा?
PRAGATI-50 के तहत शहरी स्वच्छता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रमुख क्षेत्र हैं:
- शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाली स्वच्छता
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- कचरे का संग्रहण और उचित निपटान
- उपयोग किए गए जल यानी Used Water Management
- स्वच्छता सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन
- नागरिकों की भागीदारी
- स्वच्छता से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी
- निर्धारित समय में लक्ष्यों की प्राप्ति
इस प्रकार यह पहल शहर की स्वच्छता को एक समग्र व्यवस्था के रूप में देखने पर जोर देती है।
माइक्रो-लेवल एक्शन प्लान
चयनित शहरों में राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) द्वारा सूक्ष्म स्तर की कार्ययोजनाएं यानी Micro-level Action Plans तैयार की जाएंगी।
इन योजनाओं में शहर की स्थानीय समस्याओं की पहचान करके उनके समाधान के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित की जाएगी।
इसके बाद इन योजनाओं को तेजी और प्रभावी तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य और स्थानीय निकायों की होगी।
परिणाम आधारित मूल्यांकन
PRAGATI-50 में केवल योजनाएं बनाने पर जोर नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनके वास्तविक परिणामों का भी लगातार मूल्यांकन किया जाएगा।
शहरों की प्रगति को Outcome-Based Assessment के माध्यम से जांचा जाएगा। इसका अर्थ है कि केवल यह नहीं देखा जाएगा कि कितने कार्य किए गए, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि उन कार्यों से जमीन पर कितना वास्तविक सुधार आया।
उदाहरण के लिए, कचरा संग्रहण की व्यवस्था स्थापित करने के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि शहर की सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य क्षेत्रों में वास्तव में स्वच्छता में कितना सुधार हुआ है।
तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था
PRAGATI-50 के तहत प्रगति की निगरानी के लिए Technology-enabled Monitoring का उपयोग किया जाएगा।
इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन पोर्टल पर एक डिजिटल समीक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है, जो Pro-Active Governance and Timely Implementation (PRAGATI) मॉडल की तर्ज पर काम करेगी।
इस डिजिटल तंत्र के माध्यम से चयनित शहरों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सकेगी और आवश्यक होने पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
PRAGATI मॉडल का महत्व
PRAGATI का पूरा अर्थ है Pro-Active Governance and Timely Implementation यानी सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन।
इस मॉडल के माध्यम से किसी योजना की केवल घोषणा करने के बजाय उसके कार्यान्वयन, प्रगति और परिणामों पर लगातार नजर रखी जाती है।
PRAGATI-50 में इसी प्रकार की डिजिटल समीक्षा व्यवस्था अपनाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि शहरों द्वारा निर्धारित स्वच्छता लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।
शहरों की नियमित निगरानी और मार्गदर्शन
केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों को चयनित शहरों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये अधिकारी संबंधित शहरों की नियमित निगरानी और मार्गदर्शन (Handholding) करेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शहरों को केवल निर्देश देना नहीं, बल्कि उनके सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहायता करना भी है।
अधिकारी शहरों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्थानीय निकायों को बेहतर कार्यान्वयन के लिए मार्गदर्शन देंगे।
नागरिकों की भागीदारी पर जोर
PRAGATI-50 में Citizen Participation यानी नागरिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
शहर को वास्तव में स्वच्छ और कचरा-मुक्त बनाने के लिए केवल सरकारी एजेंसियों का प्रयास पर्याप्त नहीं होता। नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
इसलिए लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्वच्छता अभियानों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन से संबंध
PRAGATI-50 को स्वच्छ भारत मिशन के व्यापक शहरी स्वच्छता लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है। डिजिटल निगरानी व्यवस्था भी स्वच्छ भारत मिशन के पोर्टल पर स्थापित की गई है।
इससे स्वच्छता संबंधी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा को अधिक व्यवस्थित तथा तकनीक-आधारित बनाने में मदद मिलेगी।
पहल का व्यापक महत्व
PRAGATI-50 का महत्व केवल 50 शहरों तक सीमित नहीं है। इन शहरों को मॉडल सिटी के रूप में विकसित करके वहां अपनाई गई सफल व्यवस्थाओं को देश के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।
यदि चयनित शहर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किए गए जल के प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में उच्च मानक स्थापित करते हैं, तो उनके अनुभव अन्य नगर निकायों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकते हैं।
इस प्रकार PRAGATI-50 का उद्देश्य 50 शहरों में सुधार के साथ-साथ पूरे देश में बेहतर शहरी स्वच्छता के लिए एक दोहराए जा सकने वाले मॉडल का निर्माण करना है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- पहल का नाम: PRAGATI-50
- संबंधित मंत्रालय: आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
- चयनित शहर: 50
- राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: 24
- मुख्य उद्देश्य: स्वच्छता के मॉडल शहर विकसित करना
- प्रमुख लक्ष्य: Garbage Free Cities
- मुख्य क्षेत्र: शहरी स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, Used Water Management और नागरिक भागीदारी
- कार्ययोजना: राज्य और Urban Local Bodies द्वारा Micro-level Action Plans
- निगरानी: Outcome-Based Assessment और Technology-enabled Monitoring
- डिजिटल व्यवस्था: स्वच्छ भारत मिशन पोर्टल पर PRAGATI-जैसी समीक्षा प्रणाली
- PRAGATI का पूर्ण रूप: Pro-Active Governance and Timely Implementation
- विशेष व्यवस्था: मंत्रालय के अधिकारी चयनित शहरों की नियमित निगरानी और Handholding करेंगे।