भारत के 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में बनी फिल्मों के लिए प्रदान किए गए। गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर (पूर्व नाम केवड़िया) में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट रचनात्मक, तकनीकी और कलात्मक योगदान को सम्मानित करने वाले देश के प्रमुख पुरस्कारों में शामिल हैं। 72वें संस्करण में फीचर फिल्मों, गैर-फीचर फिल्मों, सिनेमा पर लेखन तथा भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से जुड़े सम्मान प्रदान किए गए।
एकता नगर में आयोजित हुआ समारोह
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में किया गया। एकता नगर पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था।
यह स्थान विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए जाना जाता है। यह प्रतिमा भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में प्रमुख स्थान रखती है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की नई पहल के तहत एकता नगर को आयोजन स्थल बनाया गया।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के सम्मान
वयोवृद्ध अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में किसी व्यक्ति के आजीवन योगदान और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
अनंत नाग ने हिंदी के साथ-साथ विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अभिनय करियर में फिल्मों के साथ-साथ रंगमंच और टेलीविजन का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान दो अभिनेताओं को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
ममूटी को मलयालम फिल्म ‘Bramayugam’ के लिए और कार्तिक आर्यन को हिंदी फिल्म ‘Chandu Champion’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में सम्मानित किया गया।
यह दोनों अभिनेताओं के अभिनय की अलग-अलग शैलियों और फिल्मों में उनके प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने को दर्शाता है।
यामी गौतम बनीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
अभिनेत्री यामी गौतम को फिल्म ‘Article 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
फिल्म में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह पुरस्कार उनके अभिनय को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।
‘Article 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार
निर्देशक आदित्य सुहास जंभाले की हिंदी फिल्म ‘Article 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया।
फिल्म की कहानी जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर आधारित है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान किसी फिल्म की समग्र सिनेमाई उपलब्धि को मान्यता देता है।
‘Amaran’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन
तमिल फिल्म ‘Amaran’ के निर्देशक राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार प्रदान किया गया।
फिल्म के निर्देशन में कहानी, पात्रों के चित्रण, सिनेमाई प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव जैसे विभिन्न पहलुओं को महत्व दिया जाता है। राष्ट्रीय पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का सम्मान निर्देशक की समग्र रचनात्मक उपलब्धि को मान्यता देता है।
‘Kalki 2898 AD’ को लोकप्रिय फिल्म का सम्मान
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन जैसे कलाकारों वाली फिल्म ‘Kalki 2898 AD’ को Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment का पुरस्कार मिला।
यह श्रेणी ऐसी लोकप्रिय फिल्मों को सम्मानित करती है जो व्यापक दर्शक वर्ग का मनोरंजन करने के साथ-साथ समग्र मनोरंजन मूल्य प्रस्तुत करती हैं।
फिल्म को उसकी विज्ञान-कथा आधारित दुनिया, दृश्य प्रभावों और बड़े पैमाने की प्रस्तुति के लिए भी व्यापक दर्शक प्रतिक्रिया मिली थी।
रंदीप हुड्डा को निर्देशन में सर्वश्रेष्ठ डेब्यू
अभिनेता रंदीप हुड्डा को फिल्म ‘Swatantrya Veer Savarkar’ के लिए Best Debut Film of a Director का पुरस्कार दिया गया।
यह उनका निर्देशक के रूप में महत्वपूर्ण पुरस्कार है। फिल्म में उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन की भूमिका भी निभाई।
गैर-फीचर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री पुरस्कार
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में गैर-फीचर श्रेणी में भी विभिन्न फिल्मों और रचनात्मक कार्यों को सम्मानित किया गया।
‘Bhangaar’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया।
वहीं ‘Ram-Nami’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला।
गैर-फीचर फिल्मों की श्रेणी में डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म, एनिमेशन और अन्य संबंधित रचनात्मक रूप शामिल होते हैं।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की प्रमुख विजेता सूची
| श्रेणी | विजेता |
|---|---|
| दादासाहेब फाल्के पुरस्कार | अनंत नाग |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेता | ममूटी – ‘Bramayugam’ |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेता | कार्तिक आर्यन – ‘Chandu Champion’ |
| सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री | यामी गौतम – ‘Article 370’ |
| सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म | ‘Article 370’ |
| सर्वश्रेष्ठ निर्देशन | राजकुमार पेरियासामी – ‘Amaran’ |
| सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म | ‘Kalki 2898 AD’ |
| सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर | रंदीप हुड्डा – ‘Swatantrya Veer Savarkar’ |
| सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म | ‘Bhangaar’ |
| सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री | ‘Ram-Nami’ |
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार क्या हैं?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत में सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित करने वाले प्रमुख राष्ट्रीय पुरस्कार हैं।
इनकी स्थापना 1954 में की गई थी। पुरस्कारों का संचालन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
इन पुरस्कारों के माध्यम से भारतीय फिल्मों में उत्कृष्ट अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत, तकनीकी कौशल और अन्य रचनात्मक उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाता है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत
भारतीय सिनेमा के इतिहास में दादासाहेब फाल्के का विशेष स्थान है। उनकी फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ वर्ष 1913 में प्रदर्शित हुई थी और इसे भारत की पहली पूर्ण लंबाई वाली फीचर फिल्म के रूप में व्यापक रूप से माना जाता है।
भारतीय सिनेमा की कलात्मक और तकनीकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1949 में गठित फिल्म इन्क्वायरी कमेटी ने फिल्म पुरस्कारों की स्थापना की सिफारिश की थी।
इसके बाद 1954 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना की गई। पहला संस्करण वर्ष 1953 में बनी फिल्मों के लिए आयोजित हुआ।
पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में कितनी श्रेणियां थीं?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के पहले संस्करण में मुख्य रूप से तीन श्रेणियां थीं—
- फीचर फिल्म
- डॉक्यूमेंट्री फिल्म
- बच्चों की फिल्म
उस समय पुरस्कारों का स्वरूप आज की तुलना में काफी सीमित था। जैसे-जैसे भारतीय सिनेमा का विस्तार हुआ, वैसे-वैसे पुरस्कारों की नई श्रेणियां भी जोड़ी गईं।
पहली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म
पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मराठी फिल्म ‘Shyamchi Aai’ को President’s Gold Medal for the Best All-India Feature Film प्रदान किया गया था।
यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के सम्मान की शुरुआत का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पहली सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री
पहले संस्करण में ‘Mahabalipuram’ को President’s Gold Medal for the Best Documentary Film प्रदान किया गया था।
वहीं ‘Do Bigha Zamin’ को Certificate of Merit दिया गया था।
अभिनेता और अभिनेत्री के लिए पुरस्कार कब शुरू हुए?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के शुरुआती दौर में मुख्य रूप से फिल्मों को सम्मानित किया जाता था। बाद में कलाकारों और तकनीशियनों के उत्कृष्ट योगदान के लिए अलग-अलग पुरस्कार स्थापित किए गए।
वर्ष 1967 की फिल्मों के लिए कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए अलग पुरस्कार स्थापित किए गए और 1968 में पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार प्रदान किए गए।
पहले सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार उत्तम कुमार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार नर्गिस को मिला था।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री पुरस्कारों के पुराने नाम
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के शुरुआती दौर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कारों के नाम आज से अलग थे।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार “भारत” और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार “उर्वशी” कहलाता था।
बाद में इन पुरस्कारों के नाम वर्तमान स्वरूप में बदल गए।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की स्थापना 1969 में की गई थी।
यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में किसी व्यक्ति के आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध अभिनेत्री देविका रानी थीं।
समय के साथ यह सम्मान भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च फिल्म सम्मान बन गया।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की प्रमुख श्रेणियां
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को व्यापक रूप से तीन प्रमुख वर्गों में विभाजित किया जाता है—
फीचर फिल्म श्रेणी
इसमें पूर्ण लंबाई वाली फिल्मों को सम्मानित किया जाता है। विभिन्न भाषाओं में बनी फिल्मों को उनकी कलात्मक और तकनीकी उपलब्धियों के आधार पर पुरस्कार दिए जाते हैं।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी
इस श्रेणी में डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, एनिमेशन और अन्य संबंधित फिल्म रूपों को सम्मानित किया जाता है।
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन
इस श्रेणी में सिनेमा पर प्रकाशित उत्कृष्ट पुस्तकों और फिल्म आलोचना से संबंधित श्रेष्ठ लेखन को सम्मानित किया जाता है।
भाषाई विविधता को मिलता है सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को भी महत्व देते हैं।
संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में बनी फिल्मों के लिए संबंधित भाषाओं के आधार पर सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
इसके अलावा आठवीं अनुसूची से बाहर की भाषाओं में बनी फिल्मों के लिए भी अलग पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है।
72वें संस्करण में गढ़वाली भाषा की ‘Dholi’ और तुलु भाषा की ‘Imbu’ को भी इसी व्यवस्था के तहत मान्यता मिली।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में लगातार विस्तार
भारतीय सिनेमा में समय के साथ नए तकनीकी माध्यम और नई कहानी कहने की शैलियां विकसित हुई हैं। इसी के अनुरूप राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी नई श्रेणियां जोड़ी गईं।
निर्देशन, अभिनय, संगीत, छायांकन, संपादन, ध्वनि, विशेष प्रभाव, पटकथा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्टता को सम्मान देने की व्यवस्था विकसित हुई।
इससे पुरस्कार भारतीय फिल्म उद्योग के बदलते स्वरूप के साथ आगे बढ़ते रहे हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का नया आयोजन स्थल
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को केवल एक निश्चित स्थान तक सीमित रखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की पहल की गई है।
इस पहल का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय स्वरूप को देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना और अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक एवं सिनेमाई विविधता को सामने लाना है।
एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है।
क्षेत्रीय संस्कृति और भारतीय सिनेमा
भारत में सिनेमा केवल हिंदी या कुछ प्रमुख भाषाओं तक सीमित नहीं है। देश की विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में फिल्मों की अपनी विशिष्ट परंपरा है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के माध्यम से मराठी, तमिल, मलयालम, कन्नड़, तेलुगु, असमिया, बंगाली, गढ़वाली, तुलु सहित विभिन्न भाषाओं के सिनेमा को राष्ट्रीय मंच मिलता है।
यह व्यवस्था भारतीय सिनेमा की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक प्रकृति को दर्शाती है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का महत्व
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में एक ओर अनुभवी कलाकार अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर अभिनय, निर्देशन, फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और गैर-फीचर सिनेमा के क्षेत्र में भी विभिन्न रचनाकारों को सम्मान मिला।
इस प्रकार यह पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा की विरासत, वर्तमान उपलब्धियों और भाषाई-सांस्कृतिक विविधता को एक साथ सामने लाता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- पुरस्कार: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- फिल्म वर्ष: 2024
- पुरस्कार समारोह: 2026
- पुरस्कार प्रदान करने वाली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
- आयोजन स्थल: एकता नगर, गुजरात
- पूर्व नाम: केवड़िया
- विशेष पहचान: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: अनंत नाग
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: ममूटी और कार्तिक आर्यन
- ममूटी की फिल्म: ‘Bramayugam’
- कार्तिक आर्यन की फिल्म: ‘Chandu Champion’
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम
- यामी गौतम की फिल्म: ‘Article 370’
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘Article 370’
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी
- फिल्म: ‘Amaran’
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: ‘Kalki 2898 AD’
- सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर: रंदीप हुड्डा
- फिल्म: ‘Swatantrya Veer Savarkar’
- सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म: ‘Bhangaar’
- सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: ‘Ram-Nami’
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की स्थापना: 1954
- पहला पुरस्कार संस्करण: 1953 की फिल्मों के लिए
- पहली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘Shyamchi Aai’
- पहली सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: ‘Mahabalipuram’
- पहला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: उत्तम कुमार
- पहली सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: नर्गिस
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की स्थापना: 1969
- पहली दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्तकर्ता: देविका रानी
- फीचर फिल्म जूरी अध्यक्ष: जयाराज
- गैर-फीचर फिल्म जूरी अध्यक्ष: असीम सिन्हा
- सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन जूरी अध्यक्ष: ए. चंद्रशेखर
- मुख्य उद्देश्य: भारतीय सिनेमा की रचनात्मक, तकनीकी और कलात्मक उत्कृष्टता को सम्मानित करना