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भारत और मंगोलिया के बीच ‘नोमैडिक एलीफेंट’ सैन्य अभ्यास शुरू

भारत और मंगोलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट’ (Nomadic Elephant) का 18वां संस्करण शुरू हो गया है। यह भारत और मंगोलिया की सेनाओं के बीच होने वाला एक महत्वपूर्ण वार्षिक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है। इसका आयोजन दोनों देशों में बारी-बारी से किया जाता है।

इस वर्ष यह अभ्यास उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (Foreign Training Node) में आयोजित किया जा रहा है। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के साथ सैन्य अनुभव साझा करने और संयुक्त अभियानों के लिए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है।

अभ्यास की अवधि

नोमैडिक एलीफेंट के 18वें संस्करण का आयोजन सितंबर 2026 से 3 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।

अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक विभिन्न सैन्य गतिविधियों, सामरिक प्रशिक्षण और संयुक्त अभियानों से संबंधित अभ्यासों में भाग लेंगे।

भारत और मंगोलिया के कितने सैनिक शामिल हैं?

इस सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के 45-45 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं।

इस प्रकार दोनों देशों से कुल 90 सैन्यकर्मी इस संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधि का हिस्सा हैं।

दोनों पक्षों की छोटी लेकिन प्रशिक्षित सैन्य टुकड़ियां एक-दूसरे के साथ मिलकर विभिन्न परिस्थितियों में अभियान चलाने की तकनीकों और प्रक्रियाओं का अभ्यास करेंगी।

नोमैडिक एलीफेंट अभ्यास क्या है?

नोमैडिक एलीफेंट भारत और मंगोलिया के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है।

इसका आयोजन बारी-बारी से भारत और मंगोलिया में किया जाता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच सहयोग, आपसी समझ और संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करना है।

यह अभ्यास विशेष रूप से उन परिस्थितियों पर केंद्रित है, जिनमें सैनिकों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाना पड़ सकता है।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य

नोमैडिक एलीफेंट का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है।

इस अभ्यास के माध्यम से सैनिकों को विशेष रूप से अर्ध-शहरी (Semi-Urban) और पर्वतीय (Mountainous) क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी तथा उग्रवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इन अभियानों को संयुक्त राष्ट्र (UN) के जनादेश के अनुरूप संचालित करने की प्रक्रियाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।

आतंकवाद और उग्रवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण

अभ्यास में सैनिक ऐसी परिस्थितियों का अनुकरण करते हैं, जिनमें किसी अर्ध-शहरी या पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अभियान चलाना हो।

इस दौरान सैनिकों के बीच—

  • संयुक्त अभियान की योजना बनाना
  • क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का समन्वय
  • कठिन भूभाग में अभियान चलाना
  • निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था
  • सामरिक स्तर पर निर्णय लेना
  • एक-दूसरे की सैन्य प्रक्रियाओं को समझना

जैसी क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है।

पर्वतीय क्षेत्र में प्रशिक्षण का महत्व

उत्तराखंड का पिथौरागढ़ क्षेत्र पर्वतीय भूभाग में स्थित है। इसलिए यहां आयोजित अभ्यास सैनिकों को कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के दौरान ऊंचाई, कठिन रास्ते, मौसम और सीमित गतिशीलता जैसी परिस्थितियां चुनौती पैदा कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में प्रशिक्षण से सैनिकों की सामरिक तैयारी और अनुकूलन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलती है।

भारत-मंगोलिया रक्षा सहयोग

नोमैडिक एलीफेंट भारत और मंगोलिया के बीच बढ़ते रक्षा एवं सैन्य सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की सैन्य कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण पद्धतियों और अभियान संबंधी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है।

ऐसे अभ्यास आपसी विश्वास और सैन्य सहयोग को मजबूत करने में भी सहायक होते हैं।

पिछले वर्ष कहां हुआ था अभ्यास?

नोमैडिक एलीफेंट के पिछले संस्करण का आयोजन 2025 में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार (Ulaanbaatar) में किया गया था।

चूंकि यह अभ्यास भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है, इसलिए दोनों देशों को अपने-अपने भौगोलिक और परिचालन वातावरण में संयुक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलता है।

मंगोलिया का ‘खान क्वेस्ट’ सैन्य अभ्यास

मंगोलिया में आयोजित होने वाला एक अन्य महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट (Khaan Quest)’ है।

यह एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है, जिसमें विभिन्न देशों की सैन्य टुकड़ियां भाग लेती हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों और विभिन्न सैन्य परिस्थितियों में सहयोग एवं समन्वय को बढ़ावा देना है।

भारतीय सेना ने 2025 में खान क्वेस्ट के संस्करण में भी भाग लिया था।

नोमैडिक एलीफेंट और खान क्वेस्ट में अंतर

दोनों अभ्यासों का स्वरूप अलग है।

अभ्यास प्रमुख विशेषता
नोमैडिक एलीफेंट भारत और मंगोलिया के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास
खान क्वेस्ट मंगोलिया में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास
नोमैडिक एलीफेंट भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से आयोजित
खान क्वेस्ट विभिन्न देशों की सेनाओं की भागीदारी
नोमैडिक एलीफेंट संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और आतंकवाद-रोधी अभियान पर जोर

संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ में महत्व

नोमैडिक एलीफेंट में संयुक्त अभियानों को संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के अनुरूप संचालित करने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

इससे दोनों देशों के सैन्यकर्मियों को बहुराष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में आवश्यक समन्वय और संचालन प्रक्रियाओं को समझने में सहायता मिलती है।

भारत के लिए अभ्यास का महत्व

भारत के लिए यह अभ्यास मंगोलिया के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ कठिन भूभाग में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करता है।

विशेष रूप से पर्वतीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण भारतीय सैनिकों की सामरिक क्षमताओं को और विकसित करने में सहायक हो सकता है।

मंगोलिया के लिए महत्व

मंगोलियाई सशस्त्र बलों के लिए भी यह अभ्यास भारतीय सेना के अनुभव और प्रशिक्षण पद्धतियों को समझने का अवसर प्रदान करता है।

दोनों सेनाएं अभ्यास के दौरान अपने अनुभव और संचालन संबंधी तकनीकों को साझा करती हैं, जिससे पारस्परिक सैन्य समझ बेहतर होती है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • अभ्यास का नाम: नोमैडिक एलीफेंट (Nomadic Elephant)
  • संस्करण: 18वां
  • देश: भारत और मंगोलिया
  • आयोजन स्थल: फॉरेन ट्रेनिंग नोड, पिथौरागढ़, उत्तराखंड
  • अवधि: सितंबर 2026 से 3 अक्टूबर 2026 तक
  • भारतीय सेना की भागीदारी: 45 सैन्यकर्मी
  • मंगोलियाई सशस्त्र बलों की भागीदारी: 45 सैन्यकर्मी
  • कुल भागीदारी: 90 सैन्यकर्मी
  • आयोजन का स्वरूप: वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास
  • आयोजन प्रणाली: भारत और मंगोलिया में बारी-बारी से
  • पिछला संस्करण: 2025, उलानबटार, मंगोलिया
  • मुख्य उद्देश्य: संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाना
  • प्रमुख प्रशिक्षण: अर्ध-शहरी और पर्वतीय क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी/उग्रवाद-रोधी अभियान
  • आधार: संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के अनुरूप संयुक्त अभियान
  • मंगोलिया का अन्य प्रमुख अभ्यास: खान क्वेस्ट (Khaan Quest)
  • भारतीय सेना की खान क्वेस्ट में भागीदारी: 2025 संस्करण में सहभागिता