Skip to content

प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और अफ्रीकी संघ के बीच संबंधों तथा वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

भारत-अफ्रीकी संघ साझेदारी

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वर्ष 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल कराने में भारत की भूमिका को याद किया। दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-अफ्रीकी संघ साझेदारी वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार है।

अफ्रीकी संघ को सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। इससे वैश्विक आर्थिक शासन में अफ्रीकी महाद्वीप को औपचारिक प्रतिनिधित्व मिला।

दोनों नेताओं ने चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-IV) को दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक तिथि पर शीघ्र आयोजित करने के संबंध में भी चर्चा की।

भारत और अफ्रीकी देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, विकासात्मक और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है।

भारत-बुरुंडी संबंध

बैठक में भारत और बुरुंडी के द्विपक्षीय संबंधों की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी, कृषि आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीकी संघ के नेतृत्व द्वारा इबोला प्रकोप से निपटने के प्रयासों की सराहना की। वहीं, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष ने इबोला प्रकोप से निपटने में सहायता के लिए भारत द्वारा अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (Africa CDC) को उपलब्ध कराए गए चिकित्सा सहयोग की सराहना की।

एवरिस्ट नदायिशिमिये कौन हैं?

एवरिस्ट नदायिशिमिये बुरुंडी के राष्ट्रपति हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष का पद संभाला। अफ्रीकी संघ की 39वीं साधारण सभा ने उन्हें वर्ष 2026 के लिए अफ्रीकी संघ का अध्यक्ष औपचारिक रूप से स्वीकार किया था।

अफ्रीकी संघ

अफ्रीकी संघ (African Union—AU) अफ्रीकी महाद्वीप के 55 सदस्य देशों का महाद्वीपीय संगठन है। इसका आधिकारिक शुभारंभ वर्ष 2002 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुआ। यह अफ्रीकी एकता संगठन (OAU) का उत्तराधिकारी है।

अफ्रीकी एकता संगठन की स्थापना

25 मई 1963 को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में उस समय स्वतंत्र हो चुके 32 अफ्रीकी देशों ने अफ्रीकी एकता संगठन (OAU) की स्थापना के लिए चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे।

OAU का उद्देश्य अफ्रीकी देशों में एकता एवं एकजुटता को बढ़ावा देना, उपनिवेशवाद और रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष को समर्थन देना तथा अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना था।

अफ्रीकी संघ के गठन की पृष्ठभूमि

1990 के दशक में अफ्रीकी नेताओं ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप OAU की संरचना और कार्यप्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता पर विचार किया।

9 सितंबर 1999 को लीबिया के सिर्ते में OAU के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों ने सिर्ते घोषणा (Sirte Declaration) जारी की। इसमें एक नए अफ्रीकी संघ की स्थापना का आह्वान किया गया। इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों के एकीकरण की प्रक्रिया को तेज करना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अफ्रीका की भूमिका को मजबूत करना तथा महाद्वीप की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटना था।

अफ्रीकी संघ के गठन की प्रमुख घटनाएँ

अफ्रीकी संघ के आधिकारिक गठन से पहले चार प्रमुख शिखर सम्मेलन हुए—

  • सिर्ते शिखर सम्मेलन – 1999: अफ्रीकी संघ की स्थापना का आह्वान करने वाली सिर्ते घोषणा अपनाई गई।
  • लोमे शिखर सम्मेलन – 2000: अफ्रीकी संघ के संवैधानिक अधिनियम को अपनाया गया।
  • लुसाका शिखर सम्मेलन – 2001: अफ्रीकी संघ के कार्यान्वयन की रूपरेखा तैयार की गई।
  • डरबन शिखर सम्मेलन – 2002: अफ्रीकी संघ का आधिकारिक शुभारंभ हुआ और राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार प्रमुखों की पहली सभा आयोजित हुई।

अफ्रीकी संघ के सदस्य देश

अफ्रीकी संघ में वर्तमान में 55 सदस्य देश हैं। वर्ष 2002 में अफ्रीकी संघ के शुभारंभ के समय सदस्य देशों की संख्या 53 थी। इसके बाद 2011 में दक्षिण सूडान 54वाँ सदस्य और 2017 में मोरक्को 55वाँ सदस्य बना।

अफ्रीकी संघ का मुख्यालय

अफ्रीकी संघ का मुख्यालय अदीस अबाबा, इथियोपिया में स्थित है।

अफ्रीकी संघ की दृष्टि

अफ्रीकी संघ की व्यापक दृष्टि एक ऐसे एकीकृत, समृद्ध और शांतिपूर्ण अफ्रीका का निर्माण करना है, जो अपने नागरिकों द्वारा संचालित हो और वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में कार्य करे।

जी-20 में अफ्रीकी संघ की स्थायी सदस्यता

9 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान यह एक महत्वपूर्ण संस्थागत परिवर्तन था, जिससे अफ्रीकी महाद्वीप को वैश्विक आर्थिक नीति-निर्माण के प्रमुख मंच पर औपचारिक प्रतिनिधित्व मिला।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • अफ्रीकी संघ के सदस्य देश: 55
  • अफ्रीकी संघ का आधिकारिक शुभारंभ: 2002
  • अफ्रीकी संघ का शुभारंभ: डरबन, दक्षिण अफ्रीका
  • अफ्रीकी संघ का मुख्यालय: अदीस अबाबा, इथियोपिया
  • अफ्रीकी संघ का पूर्ववर्ती संगठन: अफ्रीकी एकता संगठन (OAU)
  • OAU की स्थापना: 25 मई 1963
  • OAU की स्थापना का स्थान: अदीस अबाबा, इथियोपिया
  • सिर्ते घोषणा: 9 सितंबर 1999
  • दक्षिण सूडान: 2011 में 54वाँ सदस्य
  • मोरक्को: 2017 में 55वाँ सदस्य
  • अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष, 2026: एवरिस्ट नदायिशिमिये
  • एवरिस्ट नदायिशिमिये का देश: बुरुंडी
  • अफ्रीकी संघ जी-20 का स्थायी सदस्य बना: 2023
  • भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन: चौथे सम्मेलन के शीघ्र आयोजन पर चर्चा
  • बैठक का स्थान: नई दिल्ली
  • बैठक की तिथि: 13 सितंबर 2026
  • बैठक का अवसर: 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

मुख्य आधिकारिक स्रोत: भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और अफ्रीकी संघ की आधिकारिक वेबसाइट।