केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत करने के लिए UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण के तहत 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। इन समझौतों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच हस्ताक्षर किए गए हैं।
इन MoU का मुख्य उद्देश्य देश के ऐसे क्षेत्रों तक हवाई संपर्क पहुंचाना है, जहां वर्तमान में हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं या बहुत सीमित हैं। इसके साथ ही छोटे हवाई अड्डों, हेलीपैड और अन्य विमानन सुविधाओं के विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
UDAN के अगले चरण का उद्देश्य
UDAN के नए चरण में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जरूरतों के अनुसार विमानन परिसंपत्तियों की पहचान, विकास और संचालन किया जाएगा।
इस व्यवस्था के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किसी क्षेत्र में हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट, हेलीपैड या अन्य विमानन बुनियादी ढांचे की आवश्यकता कहां है और उन्हें किस प्रकार विकसित किया जाए।
इससे विशेष रूप से दूरदराज, पहाड़ी, सीमावर्ती, द्वीपीय और कम हवाई संपर्क वाले क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
UDAN योजना क्या है?
UDAN का पूरा नाम “Ude Desh Ka Aam Nagrik” यानी “उड़े देश का आम नागरिक” है। यह भारत सरकार की महत्वपूर्ण क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना है।
UDAN को राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (NCAP), 2016 के प्रमुख घटकों में शामिल किया गया था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2016 को Regional Connectivity Scheme यानी RCS-UDAN की शुरुआत की थी।
इस योजना का मूल उद्देश्य आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाना तथा देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ना है।
पहली UDAN उड़ान कब शुरू हुई?
UDAN के तहत पहली क्षेत्रीय उड़ान का उद्घाटन 27 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
यह उड़ान शिमला से दिल्ली के बीच शुरू की गई थी। इसके बाद UDAN के माध्यम से देश के अनेक छोटे शहरों और क्षेत्रीय केंद्रों को बड़े शहरों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हुई।
UDAN योजना की प्रमुख विशेषताएं
UDAN एक मांग-आधारित योजना (Demand-driven Scheme) है। इसका अर्थ है कि एयरलाइन कंपनियां किसी विशेष मार्ग पर यात्रियों की संभावित मांग का आकलन करती हैं और उसी के आधार पर क्षेत्रीय हवाई सेवाएं संचालित करती हैं।
सामान्य तौर पर RCS-UDAN के तहत 200 से 800 किलोमीटर तक की दूरी वाले मार्गों को शामिल किया जाता है। हालांकि, पहाड़ी, दूरदराज, द्वीपीय और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए न्यूनतम दूरी की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि छोटे शहरों और कम सेवा वाले क्षेत्रों के लोगों को भी हवाई यात्रा का अवसर मिल सके।
मार्च 2026 में स्वीकृत हुआ Modified UDAN
मार्च 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने UDAN के नए और संशोधित स्वरूप Modified UDAN को मंजूरी दी।
यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 10 वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
Modified UDAN के लिए सरकार ने कुल ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को लंबे समय तक बनाए रखना और छोटे शहरों में विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
100 नए एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे
Modified UDAN के तहत सरकार ने 100 अतिरिक्त एयरोड्रोम विकसित करने की योजना बनाई है।
इनके विकास पर ₹12,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा। इससे देश के ऐसे क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी जहां अभी पर्याप्त विमानन बुनियादी ढांचा मौजूद नहीं है।
इसके अलावा 200 हेलीपैड विकसित करने की भी योजना है।
छोटे हवाई अड्डों को मिलेगा समर्थन
Modified UDAN के अंतर्गत छोटे हवाई अड्डों के रखरखाव के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी।
क्षेत्रीय मार्गों पर एयरलाइन संचालन को आर्थिक रूप से बनाए रखने के लिए Viability Gap Funding (VGF) जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम यात्री मांग वाले लेकिन रणनीतिक या क्षेत्रीय रूप से महत्वपूर्ण मार्गों पर हवाई सेवाएं लगातार जारी रह सकें।
21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ MoU का महत्व
21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ हुए समझौते UDAN के अगले चरण में केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इन समझौतों के माध्यम से तीन प्रमुख पक्षों—
- केंद्र सरकार
- राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारें
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)
के बीच समन्वित तरीके से विमानन बुनियादी ढांचे के विकास का ढांचा तैयार किया गया है।
राज्यों की स्थानीय आवश्यकताओं और कनेक्टिविटी की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए नए विमानन परिसंपत्तियों की पहचान और विकास किया जाएगा।
UDAN से अब तक कितना लाभ हुआ?
अगस्त 2026 तक UDAN के तहत 687 हवाई मार्गों को परिचालन में लाया जा चुका था। इन मार्गों के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम को जोड़ा गया।
इस योजना के तहत अब तक 3.41 लाख से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया, जिनमें लगभग 1.66 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार में UDAN की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
दूरदराज के क्षेत्रों को मिला फायदा
UDAN के कारण देश के पहाड़ी, दूरदराज और द्वीपीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर हुआ है।
बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल यात्रियों को ही नहीं मिला, बल्कि इससे कई अन्य क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिला है, जैसे—
- पर्यटन
- स्वास्थ्य सेवाएं
- आपातकालीन सेवाएं
- स्थानीय व्यापार
- रोजगार
- क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां
दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क उपलब्ध होने से लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में कम समय लगता है।
क्षेत्रीय एयरलाइनों को बढ़ावा
UDAN ने भारत में क्षेत्रीय एयरलाइन सेवाओं और विभिन्न प्रकार के विमानों के संचालन को भी बढ़ावा दिया है।
छोटे शहरों में हवाई सेवाओं के विस्तार से क्षेत्रीय विमानन बाजार विकसित हुआ है। इससे भविष्य में छोटे हवाई अड्डों और क्षेत्रीय मार्गों पर विमानन गतिविधियों के विस्तार के लिए आधार तैयार हुआ है।
भारत का घरेलू विमानन बाजार
भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है।
बढ़ती आय, पर्यटन, व्यापार, बेहतर हवाई बुनियादी ढांचे और छोटे शहरों तक विमान सेवाओं के विस्तार के कारण घरेलू हवाई यात्रा में लगातार वृद्धि हुई है।
UDAN जैसी योजनाएं इस विस्तार को देश के बड़े महानगरों तक सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों और कम सेवा वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद करती हैं।
4 जुलाई 2026 को अगले चरण की शुरुआत
UDAN के अगले चरण के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल 4 जुलाई 2026 को जोधपुर में की गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ MoU के माध्यम से योजना के अगले चरण को संस्थागत रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
इससे UDAN को केवल हवाई मार्ग शुरू करने वाली योजना के बजाय एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और अन्य विमानन बुनियादी ढांचे के समग्र विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- UDAN का पूरा नाम: Ude Desh Ka Aam Nagrik
- योजना का दूसरा नाम: Regional Connectivity Scheme (RCS)
- शुरुआत: 21 अक्टूबर 2016
- पहली UDAN उड़ान: 27 अप्रैल 2017
- पहला मार्ग: शिमला–दिल्ली
- पहली उड़ान का उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- संबंधित मंत्रालय: नागरिक उड्डयन मंत्रालय
- मुख्य उद्देश्य: सस्ती और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी
- सामान्य मार्ग दूरी: 200–800 किमी
- विशेष क्षेत्रों के लिए: न्यूनतम दूरी सीमा नहीं
- Modified UDAN की अवधि: वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36
- Modified UDAN का कुल परिव्यय: ₹28,840 करोड़
- नए एयरोड्रोम का लक्ष्य: 100
- नए हेलीपैड का लक्ष्य: 200
- अगले चरण के लिए MoU: 21 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
- अगस्त 2026 तक परिचालित मार्ग: 687
- कनेक्ट किए गए विमानन स्थल: 95
- संचालित उड़ानें: 3.41 लाख से अधिक
- लाभान्वित यात्री: लगभग 1.66 करोड़
- भारत का घरेलू विमानन बाजार: विश्व में तीसरा सबसे बड़ा