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मोरक्को के राजा ने फातिमा एज्जहरा को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया

Persons in News 📅 October 11, 2026

मोरक्को में पहली महिला प्रधानमंत्री की नियुक्ति

• मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने 29 सितंबर को फातिमा एज्जहरा एल मंसूरी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

• उनकी पार्टी, ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी (PAM), 23 सितंबर को हुए संसदीय चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

• इस पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की कुल 395 सीटों में से 97 सीटें जीतीं। यह दूसरे स्थान पर रहने वाली पार्टी से 31 सीटें अधिक थीं।

• स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण PAM को अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए अन्य राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन सरकार बनानी होगी।

• मोरक्को के संविधान के अनुसार, देश के सर्वोच्च प्राधिकारी राजा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त है। हालांकि, उन्हें उस राजनीतिक दल में से प्रधानमंत्री चुनना होता है, जो संसदीय चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतता है।

• यह संवैधानिक बदलाव वर्ष 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लागू किया गया था। इससे पहले राजा बिना किसी ऐसी बाध्यता के प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते थे।

फातिमा एज्जहरा एल मंसूरी कौन हैं?

• 50 वर्षीय फातिमा एज्जहरा एल मंसूरी अरब जगत में प्रधानमंत्री बनने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया की नजला बौदेन इस पद पर कार्य कर चुकी हैं।

• एल मंसूरी वर्ष 2009 में माराकेच की पहली महिला मेयर बनी थीं। छह वर्ष बाद उन्हें यह पद गंवाना पड़ा, लेकिन वर्ष 2021 में उन्होंने दोबारा मेयर का पद हासिल कर लिया।

• वह माराकेच के पाशा अब्देर्रहमान एल मंसूरी की बेटी हैं। उनके पिता एक वरिष्ठ स्थानीय अधिकारी थे और संयुक्त अरब अमीरात में मोरक्को के राजदूत के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

• फातिमा एज्जहरा एल मंसूरी वर्ष 2008 में फौद अली एल हिम्मा द्वारा स्थापित PAM में शामिल हुईं। फौद अली एल हिम्मा मोरक्को के राजा के करीबी सलाहकार हैं।

• उन्होंने फ्रांस के मोंपेलिए विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। वर्ष 2024 में वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गईं।

• उनकी सरकार से वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले फीफा फुटबॉल विश्व कप से संबंधित अरबों डॉलर के निवेश को आगे बढ़ाने की भी अपेक्षा होगी। इस विश्व कप का आयोजन मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल संयुक्त रूप से करेंगे।

भारत-मोरक्को संबंध

• भारत और मोरक्को के संबंध 14वीं शताब्दी तक पुराने हैं। उस समय टैंजियर के प्रसिद्ध यात्री और लेखक इब्न बतूता ने भारत की यात्रा की थी।

• आधुनिक इतिहास में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में मोरक्को के स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया था। मोरक्को की स्वतंत्रता के तुरंत बाद, 20 जून 1956 को भारत ने उसे मान्यता प्रदान की।

• भारत और मोरक्को के बीच वर्ष 1957 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए।

• समय के साथ दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध विकसित हुए हैं।

• अक्टूबर 2015 में नई दिल्ली में मोरक्को के राजा मोहम्मद VI और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली।

भारत-मोरक्को व्यापारिक संबंध

• वर्ष 2025 में भारत और मोरक्को के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 3.819 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि वर्ष 2024 में यह 2.66 अरब अमेरिकी डॉलर था।

• मोरक्को भारतीय उत्पादों के लिए एक प्रमुख बाजार है। भारत से मोबाइल फोन, पेट्रोलियम उत्पाद और शहद जैसे उत्पादों का निर्यात यहां किया जाता है।

• भारत के अन्य प्रमुख निर्यात उत्पादों में ऑटोमोबाइल के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वस्त्र, इंजीनियरिंग उत्पाद, रसायन, विशेष रसायन, प्लास्टिक और मसाले शामिल हैं।

• मोरक्को से भारत को मुख्य रूप से फॉस्फोरिक एसिड, फॉस्फेट, धात्विक अयस्क, धातु स्प्रे तथा अकार्बनिक रसायनों का निर्यात किया जाता है।

• कई भारतीय कंपनियां मोरक्को में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देती हैं।

मोरक्को में भारतीय समुदाय

• मोरक्को में भारतीय समुदाय की आबादी लगभग 1,350 है।

• इस समुदाय के कई लोग व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इनमें से अधिकांश मोरक्को के प्रमुख वाणिज्यिक और व्यापारिक केंद्र कैसाब्लांका शहर में रहते हैं।