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भारतीय तटरक्षक बल में ICGS अजीत शामिल

Defence 📅 October 11, 2026

ICGS अजीत का कमीशनिंग समारोह

भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 9 अक्टूबर को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (Goa Shipyard Limited—GSL) में ICGS अजीत को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया। किसी जहाज को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया को कमीशनिंग (Commissioning) कहा जाता है।

ICGS अजीत एक आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel—FPV) है, जिसे भारत के समुद्री क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह जहाज तटीय गश्त, समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी-रोधी कार्रवाई और समुद्री प्रदूषण से निपटने जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में योगदान देगा।

इस जहाज की तैनाती से भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने और तटरक्षक बल की परिचालन क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है।

ICGS अजीत की तैनाती और प्रमुख जिम्मेदारियाँ

ICGS अजीत को गुजरात के ओखा (Okha) में आधारित किया जाएगा। ओखा अरब सागर के तट पर स्थित एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहाँ से संचालित होकर यह जहाज समुद्री निगरानी और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न अभियानों में भाग ले सकेगा।

ICGS अजीत की प्रमुख जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित हैं:

  • समुद्री निगरानी: भारतीय समुद्री क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना।

  • खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue—SAR): समुद्र में संकट में फँसे नाविकों, मछुआरों और अन्य लोगों की सहायता करना।

  • तस्करी-रोधी अभियान: समुद्री मार्गों से होने वाली अवैध तस्करी को रोकने में सहायता करना।

  • तटीय गश्त: तटीय क्षेत्रों और समुद्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।

  • मत्स्य संरक्षण: भारतीय जलक्षेत्रों में मछली पकड़ने से संबंधित नियमों के पालन की निगरानी करना।

  • समुद्री प्रदूषण नियंत्रण: तेल रिसाव और समुद्री प्रदूषण जैसी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने में योगदान करना।

  • विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की निगरानी: भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की निगरानी करना।

इन कार्यों के माध्यम से ICGS अजीत समुद्री सुरक्षा, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करेगा।

ICGS अजीत एक आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल

ICGS अजीत एक अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) है। फास्ट पेट्रोल वेसल ऐसे जहाज होते हैं, जिन्हें अपेक्षाकृत तेज गति से समुद्री क्षेत्रों में गश्त करने, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार किया जाता है।

इस प्रकार के जहाज समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि समुद्र में होने वाली अवैध गतिविधियों का पता लगाने और उन पर समय रहते कार्रवाई करने के लिए गति तथा परिचालन क्षमता आवश्यक होती है।

ICGS अजीत को विभिन्न प्रकार के समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसकी आधुनिक प्रणालियाँ और इंजन व्यवस्था इसे गश्त तथा अन्य परिचालन कार्यों में उपयोगी बनाती हैं।

ICGS अजीत की तकनीकी विशेषताएँ

ICGS अजीत की प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

विशेषता विवरण
जहाज का नाम ICGS अजीत
जहाज का प्रकार फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV)
निर्माण संस्था गोवा शिपयार्ड लिमिटेड
लंबाई 51.43 मीटर
चौड़ाई 8 मीटर
विस्थापन क्षमता 330 टन
ड्राफ्ट (जल में डूबने की गहराई) 2.5 मीटर
अधिकतम गति 27 नॉट से अधिक
परिचालन दूरी (Endurance) 1,500 समुद्री मील
तैनाती का स्थान ओखा, गुजरात
चालक दल 6 अधिकारी और 35 नाविक
स्वदेशी सामग्री 65 प्रतिशत से अधिक

ये विशेषताएँ दर्शाती हैं कि ICGS अजीत को तेज गति, समुद्री निगरानी और विभिन्न प्रकार के सुरक्षा अभियानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग

ICGS अजीत की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसके निर्माण में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।

स्वदेशी सामग्री का अर्थ है जहाज के निर्माण में देश के भीतर विकसित या निर्मित उपकरणों, प्रणालियों और अन्य घटकों का उपयोग। रक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े उपकरणों के निर्माण में स्वदेशी क्षमता विकसित करना भारत के लिए महत्त्वपूर्ण है।

स्वदेशी निर्माण से घरेलू रक्षा उद्योग, इंजीनियरिंग क्षमताओं और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलता है। इससे जहाजों के निर्माण तथा रखरखाव में भारतीय उद्योगों की भूमिका भी मजबूत हो सकती है।

ICGS अजीत का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह जहाज निर्माण क्षेत्र में भारत की घरेलू औद्योगिक क्षमता और समुद्री सुरक्षा के लिए आवश्यक प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयासों का उदाहरण है।

आधुनिक इंजन और प्रोपल्शन प्रणाली

ICGS अजीत में दो समुद्री डीजल इंजन (Twin Marine Diesel Engines) लगाए गए हैं। ये इंजन कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (Controllable Pitch Propellers—CPP) को संचालित करते हैं।

प्रोपेलर वह उपकरण है, जो पानी को पीछे की ओर धकेलकर जहाज को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक बल प्रदान करता है। कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर प्रणाली में प्रोपेलर के ब्लेड का कोण बदला जा सकता है, जिससे अलग-अलग परिचालन परिस्थितियों के अनुसार प्रणोदन व्यवस्था को अनुकूलित करने में सहायता मिलती है।

इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  • विभिन्न गति और परिचालन परिस्थितियों में प्रणोदन को अनुकूलित करने की क्षमता।

  • इंजन की शक्ति का प्रभावी उपयोग करने में सहायता।

  • जहाज की परिचालन दक्षता और प्रदर्शन में सुधार।

  • समुद्री गश्त तथा अन्य अभियानों के दौरान बेहतर नियंत्रण की संभावना।

दिए गए विवरण के अनुसार, इस श्रेणी के फास्ट पेट्रोल वेसल में यह अपनी तरह की पहली विशेषता है। इससे ICGS अजीत की तकनीकी विशिष्टता और परिचालन उपयोगिता बढ़ती है।

अधिकतम गति और परिचालन क्षमता

ICGS अजीत की अधिकतम गति 27 नॉट से अधिक है। समुद्री परिवहन में नॉट गति मापने की एक मानक इकाई है। एक नॉट का अर्थ एक समुद्री मील प्रति घंटे की गति है।

एक समुद्री मील लगभग 1.852 किलोमीटर के बराबर होता है। इसलिए 27 नॉट लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के बराबर है।

जहाज की परिचालन दूरी (Endurance) 1,500 समुद्री मील बताई गई है। इसका अर्थ है कि जहाज की परिचालन क्षमता लंबी दूरी तक समुद्री मिशनों में भाग लेने के लिए उपयोगी है। वास्तविक दूरी और समुद्र में रहने की अवधि गति, मौसम, ईंधन खपत तथा मिशन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

तेज गति और लंबी परिचालन पहुँच के कारण यह जहाज समुद्र में गश्त, आपातकालीन सहायता और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देने जैसे कार्यों में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली

ICGS अजीत में एक उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली (Integrated Machinery Control System) भी लगाई गई है।

इस प्रकार की प्रणाली जहाज की मशीनरी और उससे संबंधित परिचालन व्यवस्थाओं की निगरानी तथा नियंत्रण में सहायता करती है। इसका उद्देश्य जहाज की परिचालन तत्परता, कार्यक्षमता और स्थिर संचालन को बेहतर बनाना है।

आधुनिक जहाजों में विभिन्न मशीनों और प्रणालियों के प्रभावी प्रबंधन से परिचालन संबंधी समस्याओं का समय पर पता लगाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में सहायता मिल सकती है।

ICGS अजीत में इस प्रणाली का समावेश उसकी आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है।

चालक दल और परिचालन व्यवस्था

ICGS अजीत का संचालन छह अधिकारियों और 35 नाविकों सहित कुल 41 सदस्यों के चालक दल द्वारा किया जाएगा।

समुद्री सुरक्षा अभियान में चालक दल की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। अधिकारी जहाज के संचालन, मिशन की योजना और विभिन्न परिचालन गतिविधियों के समन्वय में योगदान देते हैं, जबकि नाविक जहाज की मशीनरी, नेविगेशन संबंधी कार्यों और अन्य आवश्यक गतिविधियों को संचालित करने में सहायता करते हैं।

एक प्रशिक्षित चालक दल समुद्र में निगरानी, गश्त, बचाव अभियान और आपातकालीन प्रतिक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी

ICGS अजीत की एक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone—EEZ) की निगरानी करना है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र समुद्र का वह क्षेत्र है, जहाँ किसी तटीय देश को समुद्री संसाधनों की खोज, दोहन, संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित विशेष आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं। संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS) के सामान्य ढाँचे के अंतर्गत यह क्षेत्र तट से अधिकतम 200 समुद्री मील तक विस्तृत हो सकता है, जहाँ लागू भौगोलिक और कानूनी परिस्थितियाँ इसकी अनुमति देती हैं।

भारत के लिए EEZ का महत्त्व इसलिए अधिक है, क्योंकि इस क्षेत्र में मत्स्य संसाधन, समुद्री ऊर्जा और अन्य आर्थिक गतिविधियाँ संचालित होती हैं।

ICGS अजीत जैसे गश्ती जहाज इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, समुद्री नियमों के अनुपालन और अवैध गतिविधियों को रोकने में योगदान दे सकते हैं।

तस्करी-रोधी और समुद्री डकैती-रोधी अभियान

समुद्री मार्गों का उपयोग वैध व्यापार और परिवहन के साथ-साथ कुछ मामलों में तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है। ऐसी गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

ICGS अजीत को तस्करी-रोधी और समुद्री डकैती-रोधी अभियानों में भाग लेने के लिए भी तैयार किया गया है।

इसके अंतर्गत जहाज संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, समुद्री क्षेत्रों में गश्त और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय में योगदान दे सकता है।

इस प्रकार की परिचालन क्षमता भारत के समुद्री क्षेत्रों को सुरक्षित रखने और समुद्री कानूनों के प्रभावी अनुपालन में सहायक होती है।

खोज एवं बचाव अभियान और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण

समुद्र में दुर्घटनाएँ, जहाजों में तकनीकी खराबी, मछली पकड़ने वाली नौकाओं की कठिनाइयाँ और खराब मौसम जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे समय में खोज एवं बचाव अभियान लोगों की जान बचाने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं।

ICGS अजीत को खोज एवं बचाव (SAR) मिशनों में भाग लेने के लिए तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह समुद्री प्रदूषण से संबंधित घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने में भी योगदान देगा।

समुद्री प्रदूषण, विशेष रूप से तेल रिसाव, समुद्री जीवों, तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और मत्स्य संसाधनों को नुकसान पहुँचा सकता है। ऐसे मामलों में त्वरित निगरानी और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय आवश्यक होता है।

इसलिए ICGS अजीत की भूमिका केवल सुरक्षा और गश्त तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री पर्यावरण की रक्षा और संकट के समय सहायता उपलब्ध कराने से भी जुड़ी है।

भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं में वृद्धि

भारतीय तटरक्षक बल भारत के समुद्री क्षेत्रों में कानूनों के प्रवर्तन, तटीय निगरानी, समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव तथा प्रदूषण प्रतिक्रिया जैसे कार्य करता है।

ICGS अजीत को शामिल किए जाने से तटरक्षक बल के पास एक और आधुनिक गश्ती जहाज उपलब्ध हुआ है। इससे समुद्री निगरानी और परिचालन गतिविधियों के संचालन में अतिरिक्त क्षमता प्राप्त हो सकती है।

विशेष रूप से ओखा में इसकी तैनाती गुजरात के तटीय क्षेत्र और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में तटरक्षक बल की गतिविधियों के लिए उपयोगी होगी।

भारत की लंबी तटरेखा और व्यापक समुद्री हितों को देखते हुए आधुनिक जहाजों, प्रशिक्षित कर्मियों और प्रभावी निगरानी प्रणालियों का संयोजन महत्त्वपूर्ण है।

ICGS अजीत का समग्र महत्त्व

ICGS अजीत का भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना भारत की समुद्री सुरक्षा, स्वदेशी जहाज निर्माण और आधुनिक परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

इस जहाज की प्रमुख विशेषताओं में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री, दो समुद्री डीजल इंजन, कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर, 27 नॉट से अधिक गति और 1,500 समुद्री मील की परिचालन दूरी शामिल हैं।

यह जहाज समुद्री निगरानी, तटीय गश्त, मत्स्य संरक्षण, तस्करी-रोधी कार्रवाई, खोज एवं बचाव और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण जैसे विभिन्न कार्यों में योगदान देगा।

इस प्रकार, ICGS अजीत भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने और समुद्री क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के व्यापक प्रयासों का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।