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भारत और म्यांमार के बीच प्रथम द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास ‘राहत मित्र’ का आयोजन

भारत और म्यांमार ने अपने रक्षा सहयोग तथा मानवीय सहायता के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच पहला द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief – HADR) अभ्यास ‘राहत मित्र’ (RAHAT MITRA) 5 और 6 नवंबर को चेन्नई में आयोजित किया गया।

इस अभ्यास में भारत और म्यांमार की तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के 300 से अधिक सैन्य कर्मियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में सहयोग, समन्वय तथा परिचालन क्षमता को बढ़ाना है।

अभ्यास ‘राहत मित्र’ (Exercise RAHAT MITRA) के प्रमुख उद्देश्य

  • इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना है।

  • इसके माध्यम से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।

  • प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता एवं राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की क्षमता विकसित करना है।

  • आपदा के समय दोनों देशों की सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा संयुक्त रूप से राहत अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाना है।

  • इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की सेनाओं को अपने अनुभव साझा करने और पेशेवर स्तर पर एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।

अभ्यास ‘राहत मित्र’ की थीम

इस प्रथम द्विपक्षीय त्रि-सेवा अभ्यास की थीम ‘मानवता के लिए एक साथ, साझेदारी से अधिक मजबूत’ (Together for Humanity, Stronger through Partnership) रखी गई।

यह थीम भारत और म्यांमार के बीच मानवीय सहयोग, आपसी विश्वास तथा क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।

त्रि-सेवा अभ्यास का महत्त्व

‘राहत मित्र’ भारत और म्यांमार की तीनों सेनाओं के बीच आयोजित पहला द्विपक्षीय त्रि-सेवा HADR अभ्यास है। इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना की भागीदारी ने इसे विशेष महत्त्व प्रदान किया।

इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के रक्षा बलों को निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर मिला—

  1. पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान: दोनों देशों के सैन्य कर्मियों ने आपदा राहत अभियानों से जुड़े अपने अनुभव और कार्यप्रणालियाँ साझा कीं।

  2. परिचालन समन्वय: मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों के दौरान संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

  3. आपसी विश्वास: दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ और विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

  4. संयुक्त राहत क्षमता: प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने की क्षमता विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और MAHASAGAR दृष्टिकोण से संबंध

अभ्यास ‘राहत मित्र’ भारत की विदेश नीति के दो महत्त्वपूर्ण दृष्टिकोणों को दर्शाता है—

1. पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy):

भारत की पड़ोसी प्रथम नीति का उद्देश्य अपने निकटवर्ती देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। म्यांमार भारत का एक महत्त्वपूर्ण पड़ोसी देश है, जिसके साथ भारत की लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी स्थलीय सीमा है।

यह अभ्यास भारत और म्यांमार के बीच रक्षा सहयोग तथा मानवीय सहायता के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण है।

2. MAHASAGAR दृष्टिकोण:

MAHASAGAR का पूर्ण रूप Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions है।

हिंदी में इसका अर्थ है—क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति।

यह भारत का एक रणनीतिक दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य समुद्री क्षेत्र सहित व्यापक क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा, विकास, सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना है।

भारत-म्यांमार संबंधों में अभ्यास ‘राहत मित्र’ का महत्त्व

  • यह अभ्यास दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण एवं द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल है।

  • इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता विकसित होगी।

  • यह दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता, मानवीय सहयोग और आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

  • यह भारत की क्षेत्रीय सहयोग, मानवीय सहायता तथा पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

  • अभ्यास का नाम: राहत मित्र (RAHAT MITRA)

  • भाग लेने वाले देश: भारत और म्यांमार

  • अभ्यास का प्रकार: द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास

  • आयोजन स्थल: चेन्नई, तमिलनाडु

  • आयोजन की तिथि: 5–6 नवंबर

  • प्रतिभागियों की संख्या: 300 से अधिक सैन्य कर्मी

  • सेनाओं की भागीदारी: थल सेना, नौसेना और वायु सेना

  • थीम: Together for Humanity, Stronger through Partnership

  • संबंधित भारतीय नीति: पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy)

  • संबंधित रणनीतिक दृष्टिकोण: MAHASAGAR

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