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भारतीय नौसेना में शामिल हुआ पहला स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत ‘INS समर्थक’

Defence 📅 October 19, 2026

INS समर्थक भारतीय नौसेना में शामिल

भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भारतीय नौसेना ने 16 अक्टूबर को अपने पहले श्रेणी के बहुउद्देशीय पोत (Multi-Purpose Vessel—MPV) INS समर्थक को नौसेना में शामिल किया। इस पोत को कर्नाटक स्थित कारवार नौसैनिक अड्डे पर आयोजित समारोह में भारतीय नौसेना को समर्पित किया गया।

INS समर्थक आधुनिक तकनीक से सुसज्जित एक बहुउद्देशीय पोत है, जिसे विभिन्न समुद्री अभियानों, निगरानी, गश्त, परीक्षण और मूल्यांकन संबंधी कार्यों के लिए तैयार किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि यह केवल एक प्रकार के अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकता है।

इस पोत का निर्माण भारत में निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd—L&T) ने किया है। यह भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और रक्षा क्षेत्र में घरेलू उद्योगों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

INS समर्थक क्या है?

INS समर्थक भारतीय नौसेना का पहला बहुउद्देशीय पोत है। इसे समुद्री निगरानी, गश्त, विभिन्न प्रकार के परीक्षणों और अन्य विशेष अभियानों के लिए तैयार किया गया है।

बहुउद्देशीय पोत ऐसे जहाज होते हैं, जिन्हें अलग-अलग प्रकार के कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है। इनकी संरचना और परिचालन क्षमताएं इस प्रकार विकसित की जाती हैं कि आवश्यकता के अनुसार इनका उपयोग विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में किया जा सके।

INS समर्थक को विशेष रूप से परीक्षण और मूल्यांकन के लिए एक बहुमुखी मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसके माध्यम से नौसेना विभिन्न उपकरणों, प्रणालियों और परिचालन क्षमताओं का परीक्षण कर सकती है।

यह पोत 21वीं सदी की भारतीय नौसेना की बढ़ती तकनीकी और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

INS समर्थक के नाम का अर्थ

‘समर्थक’ शब्द का अर्थ है किसी विचार, उद्देश्य या कार्य का समर्थन करने वाला अथवा उसे आगे बढ़ाने वाला व्यक्ति या तत्व। अंग्रेजी में इसका अर्थ ‘The Proponent’ बताया गया है।

यह नाम पोत की उस भूमिका को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत वह भारतीय नौसेना के विभिन्न अभियानों, परीक्षणों और समुद्री गतिविधियों को सहायता प्रदान करेगा।

भारत के निजी शिपयार्ड द्वारा निर्मित पहला प्रमुख युद्धपोत

INS समर्थक भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसे किसी विदेशी शिपयार्ड के बजाय भारत की निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड ने डिजाइन और निर्मित किया है।

यह भारत के उन प्रयासों को दर्शाता है, जिनके अंतर्गत रक्षा उपकरणों और नौसैनिक पोतों के निर्माण में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।

पारंपरिक रूप से युद्धपोत निर्माण में सरकारी रक्षा शिपयार्डों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश की जहाज निर्माण क्षमता का विस्तार करने, तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने और रक्षा उत्पादन के औद्योगिक आधार को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

INS समर्थक को इस दृष्टि से भारत में निजी शिपयार्ड द्वारा निर्मित पहला प्रमुख युद्धपोत बताया गया है।

‘मेक इन इंडिया’ पहल से संबंध

INS समर्थक का डिजाइन और निर्माण केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप किया गया है।

मेक इन इंडिया का उद्देश्य भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देना, घरेलू उद्योगों की क्षमता विकसित करना, निवेश आकर्षित करना और देश को उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

रक्षा क्षेत्र में इस पहल का विशेष महत्व है, क्योंकि आधुनिक सैन्य उपकरणों और जहाजों के निर्माण के लिए उच्च तकनीक, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और जटिल औद्योगिक प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है।

INS समर्थक का निर्माण इस दिशा में भारत की घरेलू औद्योगिक क्षमताओं को प्रदर्शित करता है। इससे निजी कंपनियों और रक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

पोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री

INS समर्थक की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।

स्वदेशी सामग्री का अर्थ उन घटकों, उपकरणों और प्रणालियों से है, जिनका निर्माण या विकास भारत में किया गया हो अथवा जो निर्धारित मानदंडों के अनुसार घरेलू स्रोतों से प्राप्त किए गए हों।

रक्षा उत्पादन में स्वदेशी सामग्री का अनुपात बढ़ने से देश को कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। इससे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने, घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित करने और तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने में सहायता मिलती है।

हालांकि, किसी पोत की परिचालन क्षमता केवल स्वदेशी सामग्री के प्रतिशत पर निर्भर नहीं करती। इसके डिजाइन, प्रणालियों की विश्वसनीयता, रखरखाव और चालक दल के प्रशिक्षण की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मॉड्यूलर निर्माण तकनीक का उपयोग

INS समर्थक के निर्माण में मॉड्यूलर निर्माण और प्री-आउटफिटिंग जैसी तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया है।

मॉड्यूलर निर्माण (Modular Construction): इस तकनीक में जहाज के विभिन्न हिस्सों या संरचनात्मक मॉड्यूलों का निर्माण अलग-अलग किया जाता है। बाद में इन हिस्सों को जोड़कर पूरा पोत तैयार किया जाता है।

प्री-आउटफिटिंग (Pre-outfitting): इस प्रक्रिया में जहाज के विभिन्न हिस्सों को अंतिम रूप से जोड़ने से पहले ही उनमें आवश्यक उपकरणों, पाइपों, केबलों और अन्य प्रणालियों को स्थापित किया जाता है।

इन तकनीकों से निर्माण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, अलग-अलग कार्यों को समानांतर रूप से पूरा करने और जहाज निर्माण की दक्षता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

INS समर्थक के प्रमुख समुद्री कार्य

INS समर्थक को कई प्रकार के समुद्री अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी बहुउद्देशीय प्रकृति भारतीय नौसेना को अलग-अलग परिस्थितियों में इसका उपयोग करने की सुविधा प्रदान करती है।

1. समुद्री निगरानी और गश्त

पोत का प्रमुख कार्य समुद्री निगरानी और गश्त करना है। समुद्री निगरानी के माध्यम से किसी क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाती है, जबकि गश्त का उद्देश्य निर्धारित समुद्री क्षेत्र में उपस्थिति बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में सहायता करना है।

भारत की लंबी समुद्री तटरेखा और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को देखते हुए समुद्री निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

INS समर्थक जैसे पोत नौसेना की समुद्री गतिविधियों और निगरानी संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता कर सकते हैं।

2. कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान (LIMO)

INS समर्थक को कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (Low Intensity Maritime Operations—LIMO) के लिए भी तैयार किया गया है।

इन अभियानों में ऐसी समुद्री सुरक्षा परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं, जिनमें पारंपरिक बड़े स्तर के नौसैनिक युद्ध के बजाय सीमित स्तर की सुरक्षा कार्रवाई, निगरानी या विशेष अभियान की आवश्यकता होती है।

इस प्रकार के अभियानों में परिस्थितियों के अनुसार लचीली और प्रभावी परिचालन क्षमता महत्वपूर्ण होती है।

3. लक्ष्य तैनाती और परीक्षण मंच

INS समर्थक का एक महत्वपूर्ण उपयोग लक्ष्य तैनाती और परीक्षणों के लिए मंच के रूप में करना है।

नौसेना को विभिन्न हथियार प्रणालियों, उपकरणों और तकनीकों की क्षमता का आकलन करने के लिए समुद्र में नियंत्रित परीक्षण करने पड़ते हैं। ऐसे परीक्षणों के लिए उपयुक्त समुद्री मंच की आवश्यकता होती है।

बहुउद्देशीय पोत इस प्रकार के परीक्षणों को संचालित करने और संबंधित उपकरणों के मूल्यांकन में सहायता कर सकता है।

इससे नौसेना को नई तकनीकों और परिचालन प्रणालियों की उपयोगिता का आकलन करने का अवसर मिलता है।

4. मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR)

INS समर्थक को मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief—HADR) संबंधी कार्यों के लिए भी तैयार किया गया है।

समुद्री चक्रवात, बाढ़, तटीय आपदाओं या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और संबंधित राहत अभियानों में सहयोग करना महत्वपूर्ण होता है।

बहुउद्देशीय पोत आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री, उपकरण और सहायता कर्मियों के परिवहन में भूमिका निभा सकता है।

इस प्रकार इसकी उपयोगिता केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आपदा के समय नागरिकों की सहायता करने में भी हो सकती है।

5. सीमित अस्पताल पोत में परिवर्तन

INS समर्थक को आवश्यकता के अनुसार सीमित अस्पताल पोत में परिवर्तित करने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है।

आपातकालीन परिस्थितियों में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना समुद्री अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी पोत को सीमित अस्पताल पोत में बदलने से घायल या बीमार व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा और अन्य निर्धारित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।

हालांकि, इसे सीमित अस्पताल पोत में परिवर्तित करने की क्षमता का अर्थ यह नहीं है कि पोत स्थायी रूप से पूर्ण सुविधाओं वाले अस्पताल जहाज के रूप में कार्य करता है।

6. बचाव और रिकवरी अभियान

INS समर्थक को बचाव और रिकवरी से संबंधित अभियानों में भी उपयोग किए जाने के लिए तैयार किया गया है।

समुद्र में जहाजों या अन्य उपकरणों से जुड़ी दुर्घटनाओं के दौरान बचाव, सहायता और संबंधित रिकवरी गतिविधियों की आवश्यकता हो सकती है।

ऐसे अभियानों में उपयुक्त पोत का उपयोग परिस्थितियों के अनुसार सहायता पहुंचाने और संबंधित परिचालन गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा सकता है।

दो बहुउद्देशीय पोतों की श्रृंखला का पहला पोत

INS समर्थक भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे दो बहुउद्देशीय पोतों में पहला है।

इसका अर्थ है कि यह केवल एक अलग जहाज परियोजना नहीं, बल्कि नौसेना की व्यापक पोत-निर्माण योजना का हिस्सा है। बहुउद्देशीय पोतों की ऐसी श्रृंखला नौसेना को विभिन्न प्रकार के परीक्षण, निगरानी और सहायता संबंधी कार्यों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध करा सकती है।

दूसरे पोत के शामिल होने से संबंधित विवरण यहां उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

INS समर्थक के प्रतीक चिह्न का महत्व

INS समर्थक के प्रतीक चिह्न (Crest) में लहरों से उभरते हुए एक शक्तिशाली भारतीय हाथी को दर्शाया गया है।

हाथी भारतीय संस्कृति में शक्ति, स्थिरता और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं, लहरों से उभरता हुआ हाथी समुद्री वातावरण में शक्ति और परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने की क्षमता का संकेत देता है।

इस प्रतीक चिह्न में शक्ति के साथ चपलता को भी दर्शाया गया है। यह पोत की बहुउद्देशीय प्रकृति और विभिन्न समुद्री परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता के अनुरूप है।

भारत की समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा उत्पादन में महत्व

INS समर्थक का भारतीय नौसेना में शामिल होना देश की समुद्री क्षमताओं और स्वदेशी जहाज निर्माण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

इस पोत की बहुउद्देशीय प्रकृति नौसेना को निगरानी, गश्त, परीक्षण, मानवीय सहायता और अन्य समुद्री अभियानों में अतिरिक्त विकल्प प्रदान करती है।

इसके अतिरिक्त, 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और निजी शिपयार्ड द्वारा निर्माण भारत की घरेलू रक्षा औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।

यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि रक्षा उत्पादन में सरकारी संस्थानों और निजी उद्योगों की भागीदारी से आधुनिक नौसैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में प्रगति की जा सकती है।

कुल मिलाकर, INS समर्थक भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण यात्रा, समुद्री सुरक्षा और बहुउद्देशीय नौसैनिक क्षमताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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