जेफ्री आर्चर: प्रसिद्ध उपन्यासकार का निधन
• बेस्टसेलर ब्रिटिश लेखक जेफ्री आर्चर का 6 अक्टूबर को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
• जेफ्री आर्चर की पुस्तकों की दुनिया भर में 30 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं। वे तेज गति वाली रोमांचक और रहस्यपूर्ण कहानियों पर आधारित उपन्यासों के लिए प्रसिद्ध थे।
• उनके प्रमुख उपन्यासों में वर्ष 1976 में प्रकाशित पहला उपन्यास Not a Penny More, Not a Penny Less तथा वर्ष 1979 में प्रकाशित प्रसिद्ध उपन्यास Kane & Abel शामिल हैं।
• उनका अंतिम उपन्यास Adam and Eve अक्टूबर में प्रकाशित होने वाला है।
प्रारंभिक जीवन और साहित्यिक यात्रा
• जेफ्री आर्चर का जन्म 15 अप्रैल 1940 को उत्तरी लंदन में हुआ था।
• कहा जाता है कि उनका पहला उपन्यास Not a Penny More, Not a Penny Less उनके अपने जीवन के उस अनुभव से प्रेरित था, जब वे लगभग दिवालिया होने की स्थिति में पहुँच गए थे।
• साहित्यिक क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उनके उपन्यासों ने ब्रिटेन और अमेरिका की प्रमुख बेस्टसेलर सूचियों में लंबे समय तक स्थान बनाए रखा।
• वे ब्रिटेन की Sunday Times बेस्टसेलर सूची में कुल 14 वर्ष और 5 महीने तक रहे। वहीं, उनकी पुस्तकों ने The New York Times बेस्टसेलर सूची में पाँच वर्ष से अधिक समय तक स्थान बनाए रखा।
राजनीतिक जीवन और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में प्रवेश
• साहित्य के अतिरिक्त जेफ्री आर्चर ने ब्रिटेन की राजनीति में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर के कार्यकाल में कंजर्वेटिव पार्टी में आगे बढ़े।
• वर्ष 1992 में मार्गरेट थैचर के उत्तराधिकारी प्रधानमंत्री जॉन मेजर ने उन्हें ब्रिटेन के उच्च सदन, हाउस ऑफ लॉर्ड्स, का सदस्य नियुक्त किया।
• वर्ष 1999 में जब आर्चर लंदन के पहले निर्वाचित मेयर बनने के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके विरुद्ध एक पुराने मानहानि मुकदमे में अदालत से झूठ बोलने के आरोप फिर से चर्चा में आ गए।
कानूनी विवाद और जेल की सजा
• जेफ्री आर्चर ने एक समाचार पत्र के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उस समाचार पत्र ने उन पर एक यौनकर्मी को भुगतान करने का आरोप लगाया था। इस मुकदमे में आर्चर ने जीत हासिल की और उन्हें 5 लाख पाउंड का हर्जाना मिला।
• वर्ष 1999 में लंदन के पहले निर्वाचित मेयर पद के लिए कंजर्वेटिव पार्टी का उम्मीदवार चुने जाने के बाद यह मामला फिर से सार्वजनिक चर्चा में आया।
• उनके एक पूर्व मित्र ने उन पर अदालत में झूठ बोलने का आरोप लगाया। इसके बाद आर्चर पर झूठी गवाही देने और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप लगाए गए।
• उन्हें इन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया और चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
• वर्ष 2001 में झूठी गवाही के मामले में जेल जाने से कुछ समय पहले ही उन्हें कंजर्वेटिव पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
• वर्ष 2003 में दो वर्ष से कुछ अधिक समय जेल में बिताने के बाद उन्हें समय से पहले रिहा कर दिया गया।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वापसी और सेवानिवृत्ति
• जेल से रिहा होने के बाद जेफ्री आर्चर ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अपनी भूमिका जारी रखी। वे किसी राजनीतिक दल से संबद्ध हुए बिना वहाँ सदस्य बने रहे।
• वर्ष 2024 में उन्होंने हाउस ऑफ लॉर्ड्स से सेवानिवृत्ति ले ली।
जेल के अनुभवों पर आधारित पुस्तकें
• जेफ्री आर्चर ने जेल में बिताए अपने समय को तीन खंडों वाली पुस्तक शृंखला A Prison Diary में दर्ज किया।
• इस शृंखला के तीन भाग हैं—Hell, Purgatory और Heaven।
• इन पुस्तकों में उन्होंने ब्रिटेन की जेलों में कैदियों के जीवन, जेल की परिस्थितियों और वहाँ के अनुभवों का वर्णन किया।
• उनकी इन रचनाओं में उच्च सुरक्षा वाली जेल HMP बेलमार्श से लेकर नॉर्थ सी कैंप की खुली जेल तक के अनुभवों को शामिल किया गया है। इन पुस्तकों ने ब्रिटिश जेलों में कैदियों के जीवन के बारे में पाठकों को एक अलग दृष्टिकोण प्रदान किया।