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एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन

Sports 📅 October 11, 2026
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट सहित कई खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

भारत के कुल 85 पदकों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। यह प्रदर्शन विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और देश में खेलों के विस्तार को दर्शाता है।

एशियन गेम्स 2026 : प्रमुख तथ्य

  • आयोजन स्थल: आइची-नागोया, जापान

  • आयोजन की अवधि: 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026

  • भारत का स्थान: चौथा

  • भारत के कुल पदक: 85

  • स्वर्ण पदक: 21

  • रजत पदक: 27

  • कांस्य पदक: 37

  • भाग लेने वाले देश: एशिया के 45 देश

  • अगले एशियन गेम्स: 2030 में दोहा, कतर में आयोजित किए जाने हैं।

पदक तालिका में शीर्ष देश

एशियन गेम्स की पदक तालिका में चीन ने अपना दबदबा कायम रखा। जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर रहा, जबकि भारत चौथे स्थान पर रहा।

स्थान देश स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
1 चीन 169 89 83 341
2 जापान 83 95 91 269
3 दक्षिण कोरिया 39 43 68 150
4 भारत 21 27 37 85

चीन ने लगातार 12वें एशियन गेम्स में पदक तालिका में पहला स्थान प्राप्त किया। जापान ने मेजबान देश के रूप में दूसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने चौथे स्थान पर रहते हुए कई प्रमुख खेलों में पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

एशियन गेम्स का महत्व

एशियन गेम्स एशिया की सबसे बड़ी बहु-खेल प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें विभिन्न एशियाई देशों के खिलाड़ी अनेक खेलों में भाग लेते हैं। यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती है।

इन खेलों में प्रदर्शन से देशों की खेल संबंधी तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का आकलन भी किया जाता है। भारत के लिए यह प्रतियोगिता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां मिलने वाला अनुभव ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों में सहायक हो सकता है।

जस्पाल राणा पुरस्कार और राजा रणधीर सिंह पुरस्कार

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एशियन गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए जस्पाल राणा पुरस्कार और राजा रणधीर सिंह पुरस्कार की शुरुआत की। इन पुरस्कारों का उद्देश्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ी को सम्मानित करना तथा भारतीय खेल जगत की दो प्रमुख हस्तियों की विरासत को याद करना है।

इस समाचार के अनुसार, तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ को उद्घाटन जस्पाल राणा पुरस्कार और पहलवान सुजीत कलकल को उद्घाटन राजा रणधीर सिंह पुरस्कार के लिए चुना गया।

कुमकुम मोहोड़ का प्रदर्शन

17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने एशियन गेम्स में पदार्पण करते हुए तीन पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण पदक शामिल बताए गए हैं। महिला रिकर्व तीरंदाजी में उनके प्रदर्शन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।

महिला रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया लंबे समय से एक मजबूत शक्ति रहा है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन इस खेल में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। कुमकुम की उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक मानी जा सकती है।

सुजीत कलकल की उपलब्धि

पहलवान सुजीत कलकल को पुरुषों की 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने के लिए राजा रणधीर सिंह पुरस्कार का पहला प्राप्तकर्ता बताया गया है।

कुश्ती भारत के पारंपरिक और सफल खेलों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन देश की कुश्ती परंपरा, प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारी के महत्व को रेखांकित करता है।

भारत के लिए सबसे सफल खेल

भारत के पदकों में एथलेटिक्स, निशानेबाजी और तीरंदाजी का विशेष योगदान रहा।

  • एथलेटिक्स: भारत ने 24 पदक जीते, जो किसी एक खेल में भारत का सर्वाधिक पदक योगदान रहा।

  • निशानेबाजी: भारतीय निशानेबाजों ने कुल 15 पदक जीते।

  • तीरंदाजी: भारत ने नौ पदक हासिल किए, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल रहे।

  • मुक्केबाजी: भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण और तीन कांस्य सहित छह पदक जीते।

  • कुश्ती: पहलवानों ने दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य सहित छह पदक हासिल किए।

  • क्रिकेट: पुरुष और महिला, दोनों भारतीय टीमों ने स्वर्ण पदक जीते।

  • हॉकी: पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का प्रदर्शन शानदार बनाया।

  • कबड्डी: पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए।

  • गोल्फ: प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

भारत के स्वर्ण पदक विजेता

भारत ने कुल 21 स्वर्ण पदक जीते। प्रमुख विजेताओं और स्पर्धाओं का विवरण इस प्रकार है।

क्रम खिलाड़ी/टीम स्पर्धा
1 भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम क्रिकेट
2 भारतीय महिला क्रिकेट टीम क्रिकेट
3 भारतीय पुरुष कबड्डी टीम कबड्डी
4 भारतीय महिला कबड्डी टीम कबड्डी
5 भारतीय पुरुष हॉकी टीम हॉकी
6 भारतीय महिला हॉकी टीम हॉकी
7 कमलजीत और सुरuchi इंदर सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम
8 नीरू ढांडा महिला ट्रैप शूटिंग
9 किरण पहल, एम.आर. पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज महिला 4×400 मीटर रिले
10 ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपार्थी महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम
11 कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम
12 चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव मिश्रित कंपाउंड तीरंदाजी
13 नीरू ढांडा और क्यानन चेनाई मिश्रित ट्रैप शूटिंग
14 अंकिता भगत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम
15 लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किग्रा मुक्केबाजी
16 परवीन हुड्डा महिला 65 किग्रा मुक्केबाजी
17 अंकुश पुरुष 80 किग्रा मुक्केबाजी
18 सुजीत कलकल पुरुष 65 किग्रा कुश्ती
19 कुमकुम अनिल मोहोड़ महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी
20 प्रणवी शरथ उर्स महिला व्यक्तिगत गोल्फ
21 अमन सहरावत पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती

भारत के रजत पदक विजेता

भारत ने 27 रजत पदक हासिल किए। प्रमुख रजत पदक विजेताओं में निम्नलिखित खिलाड़ी शामिल रहे।

क्रम खिलाड़ी/टीम स्पर्धा
1 सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदर्सा के. विनोद महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम
2 एलावेनिल वलारिवन महिला 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत
3 रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम
4 हिमांशु ढिल्लों पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत
5 मीराबाई चानू महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन
6 नाओरेम रोशिबिना देवी महिला 60 किग्रा सांडा, वुशु
7 भारतीय मिश्रित रिले टीम मिश्रित 4×400 मीटर रिले
8 ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम
9 सावन बरवाल पुरुष मैराथन
10 तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसे महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम
11 गुलवीर सिंह पुरुष 10,000 मीटर
12 गुलवीर सिंह पुरुष 1,500 मीटर
13 तजिंदरपाल सिंह तूर शॉट पुट
14 अभय सिंह पुरुष एकल स्क्वैश
15 अनाहत सिंह महिला एकल स्क्वैश
16 एंसी सोजन महिला लंबी कूद
17 सर्वेश कुशारे पुरुष ऊंची कूद
18 ईशा सिंह महिला 25 मीटर पिस्टल
19 मुरली श्रीशंकर पुरुष लंबी कूद
20 यशवीर सिंह पुरुष भाला फेंक
21 नीरू ढांडा, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत महिला टीम ट्रैप शूटिंग
22 मनु टी.एस. और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल पुरुष स्किफ नौकायन
23 नितेश सिवाच 97 किग्रा ग्रीको-रोमन कुश्ती
24 धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोड़ मिश्रित रिकर्व तीरंदाजी
25 धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप संजय भोगे और नीरज चौहान पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम
26 अदिति अशोक, प्रणवी शरथ उर्स और दीक्षा डागर महिला टीम गोल्फ
27 अंतिम पंघाल महिला 53 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती

भारत के कांस्य पदक विजेता

भारत ने 37 कांस्य पदक जीते। इन पदकों में निशानेबाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती, स्क्वैश, नौकायन और अन्य खेलों का योगदान रहा।

क्रम खिलाड़ी/टीम स्पर्धा
1 रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत
2 सुचिका तरियाल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स
3 परिनाज़ धालीवाल, महेश्वरी चौहान और रायज़ा ढिल्लों महिला स्कीट टीम
4 अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेघ सिंह गिल और मैराज अहमद खान पुरुष स्कीट टीम
5 जय मीना सॉफ्ट टेनिस
6 भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम बैडमिंटन
7 सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स रोइंग
8 परिनाज़ धालीवाल और अनंतजीत सिंह नरुका मिश्रित स्कीट टीम
9 सीमा कुमारी महिला 10,000 मीटर
10 मनुष शाह और दीया चितले टेबल टेनिस मिश्रित युगल
11 मनप्रीत कौर शॉट पुट
12 गुलवीर सिंह पुरुष 5,000 मीटर
13 बारानिका एलंगोवन महिला पोल वॉल्ट
14 जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार स्क्वैश मिश्रित युगल
15 प्राची चौधरी महिला 400 मीटर
16 हरिता भद्रा महिला 200 मीटर
17 तेजस्विन शंकर पुरुष डेकाथलॉन
18 पारुल चौधरी महिला 5,000 मीटर
19 पिंकसी बलहारा महिला 78 किग्रा कुराश
20 विथ्या रामराज महिला 400 मीटर बाधा दौड़
21 रोहित यादव पुरुष भाला फेंक
22 नरेंद्र बेरवाल पुरुष 92 किग्रा से अधिक मुक्केबाजी
23 गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा एस.एस., अनिमेष कुजूर और हरिता भद्रा मिश्रित 4×100 मीटर रिले
24 पूजा सिंह महिला ऊंची कूद
25 धर्मवीर चौधरी, मनु टी.एस., जय कुमार और विशाल टी.के. पुरुष 4×400 मीटर रिले
26 प्रिया घंघास महिला 60 किग्रा मुक्केबाजी
27 कपिल पोखरिया पुरुष 90 किग्रा मुक्केबाजी
28 सुनील कुमार पुरुष 87 किग्रा ग्रीको-रोमन कुश्ती
29 अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज़ महिला स्क्वैश टीम
30 गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु पुरुष व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी
31 वेलवन सेंथिलकुमार, वीर छत्रानी, अभय सिंह और सूरज कुमार चांद स्क्वैश टीम
32 हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा महिला स्किफ नौकायन
33 नेत्रा कुमानन महिला डिंगी नौकायन
34 भारतीय पुरुष क्वाड्रेंट टीम सेपकटकरॉ
35 नीरज चौहान पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी
36 दीपक पूनिया पुरुष 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
37 पारुल चौधरी महिला 3,000 मीटर स्टीपलचेज

भारत के प्रदर्शन की प्रमुख उपलब्धियाँ

1. तीरंदाजी में ऐतिहासिक सफलता: महिला रिकर्व टीम और कुमकुम मोहोड़ की उपलब्धियों ने भारतीय तीरंदाजी को विशेष पहचान दिलाई। व्यक्तिगत महिला रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीतना भारत के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

2. निशानेबाजी में प्रभावशाली योगदान: 15 पदकों के साथ निशानेबाजी भारत के प्रमुख पदक दिलाने वाले खेलों में शामिल रही। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण जीतकर विशेष उपलब्धि हासिल की।

3. टीम खेलों में स्वर्णिम प्रदर्शन: पुरुष और महिला क्रिकेट, कबड्डी तथा हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को महत्वपूर्ण अंक और पदक दिलाए। दोनों हॉकी टीमों का स्वर्ण जीतना विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

4. एथलेटिक्स में सबसे अधिक पदक: 24 पदकों के साथ एथलेटिक्स भारत का सबसे अधिक पदक देने वाला खेल रहा। दौड़, रिले, लंबी कूद, ऊंची कूद और थ्रो जैसी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते।

5. युवा खिलाड़ियों का उभार: कुमकुम मोहोड़ जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि भारतीय खेलों में नई प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाल रही हैं।

पिछले एशियन गेम्स से तुलना

भारत ने 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में 106 पदक जीते थे, जबकि 2026 में भारत के खाते में 85 पदक आए। इस प्रकार कुल पदकों की संख्या में 21 पदकों की कमी रही। स्वर्ण पदकों की संख्या भी पिछले संस्करण के 28 से घटकर 21 रह गई।

इसके बावजूद, 85 पदकों का प्रदर्शन एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ पदक प्रदर्शन बताया गया है। यह परिणाम एक ओर भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दर्शाता है, तो दूसरी ओर उन खेलों की समीक्षा की आवश्यकता भी बताता है जहां भारत अपेक्षित पदक नहीं जीत सका।

2030 एशियन गेम्स

अगले एशियन गेम्स वर्ष 2030 में दोहा, कतर में आयोजित किए जाने हैं। भारत के लिए आगामी संस्करण में पदक तालिका में ऊपर पहुंचने हेतु खिलाड़ियों की तैयारी, खेल विज्ञान, चोट प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से सहायता देने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • समाचार का मुख्य विषय: खेल एवं समसामयिकी

  • आयोजन: 20वें एशियन गेम्स, 2026

  • मेजबान: आइची-नागोया, जापान

  • भारत की पदक तालिका में स्थिति: चौथा स्थान

  • भारत का कुल पदक: 85

  • स्वर्ण–रजत–कांस्य: 21–27–37

  • सर्वाधिक पदक देने वाला खेल: एथलेटिक्स — 24 पदक

  • निशानेबाजी में भारत के पदक: 15

  • तीरंदाजी में भारत के पदक: 9

  • जस्पाल राणा पुरस्कार: कुमकुम मोहोड़

  • राजा रणधीर सिंह पुरस्कार: सुजीत कलकल

  • अगले एशियन गेम्स: 2030, दोहा, कतर