भारतीय सिनेमा के वर्ष 2024 के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था, में आयोजित किए जाएंगे। भारत की राष्ट्रपति इस समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से फिल्मों में उत्कृष्ट रचनात्मक, तकनीकी और कलात्मक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को तीन अलग-अलग निर्णायक मंडलों के अध्यक्षों द्वारा की गई थी।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना 1954 में फिल्म जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। पुरस्कारों के पहले संस्करण में वर्ष 1953 में बनी फिल्मों को सम्मानित किया गया था।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य भारतीय सिनेमा में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और ऐसी फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है, जो कलात्मक, तकनीकी तथा सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
इनका आयोजन प्रतिवर्ष सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के पहले संस्करण में केवल तीन प्रमुख श्रेणियां थीं। इनमें फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री फिल्म और बाल फिल्म शामिल थीं।
पहले संस्करण में मराठी फिल्म ‘श्यामची आई’ को सर्वश्रेष्ठ अखिल भारतीय फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक प्रदान किया गया था।
‘महाबलीपुरम’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म के लिए राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक मिला था, जबकि ‘दो बीघा जमीन’ को सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट प्रदान किया गया था।
समय के साथ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का विस्तार होता गया और इसमें अभिनय, निर्देशन, तकनीकी कार्य तथा फिल्म निर्माण से जुड़ी विभिन्न विधाओं को शामिल किया गया।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत
भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान को सम्मानित करने के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1969 में की गई थी।
इस पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध अभिनेत्री देविका रानी थीं।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है और इसे सिनेमा के क्षेत्र में दीर्घकालीन तथा उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की प्रमुख श्रेणियां
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मुख्य रूप से तीन प्रमुख वर्गों में प्रदान किए जाते हैं—फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन।
इसके अतिरिक्त भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान के रूप में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है।
फीचर फिल्म श्रेणी
फीचर फिल्म श्रेणी में फिल्मों से जुड़े विभिन्न रचनात्मक और तकनीकी क्षेत्रों को सम्मानित किया जाता है।
इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन, अभिनय, छायांकन, संगीत निर्देशन और वेशभूषा डिजाइन सहित अनेक पुरस्कार शामिल हैं।
इस श्रेणी के माध्यम से फिल्म निर्माण की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों और तकनीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में विभिन्न प्रकार की डॉक्यूमेंट्री और लघु फिल्मों को सम्मानित किया जाता है।
इसमें डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म, एनीमेशन, कला एवं संस्कृति पर आधारित फिल्म, कथावाचन या वॉयस-ओवर और पटकथा जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
यह श्रेणी भारतीय समाज, संस्कृति, कला और विभिन्न विषयों को अलग-अलग रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत करने वाली फिल्मों को पहचान देती है।
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन भी एक महत्वपूर्ण श्रेणी है।
इसके अंतर्गत सिनेमा पर लिखी गई सर्वश्रेष्ठ पुस्तक और सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक को सम्मानित किया जाता है।
इस श्रेणी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा से संबंधित गंभीर लेखन, विश्लेषण और आलोचना को प्रोत्साहित करना है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में विजेताओं का चयन
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए पिछले कैलेंडर वर्ष के दौरान प्रमाणित फिल्मों को विचार के लिए आमंत्रित किया जाता है।
फीचर फिल्मों, गैर-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के लिए अलग-अलग निर्णायक मंडल गठित किए जाते हैं।
फीचर फिल्म श्रेणी में विजेताओं के चयन के लिए दो-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है। सबसे पहले देश के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त फिल्मों का मूल्यांकन क्षेत्रीय निर्णायक मंडलों द्वारा किया जाता है।
इसके बाद एक केंद्रीय निर्णायक मंडल अंतिम विजेताओं का चयन करता है।
फीचर फिल्म निर्णायक मंडल
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए फिल्म निर्देशक जयराज ने फीचर फिल्म निर्णायक मंडल की अध्यक्षता की।
उनके नेतृत्व में निर्णायक मंडल ने वर्ष 2024 में प्रमाणित फीचर फिल्मों का मूल्यांकन किया और विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया।
गैर-फीचर फिल्म निर्णायक मंडल
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता असीम सिन्हा ने की।
इस मंडल ने डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म और अन्य गैर-फीचर श्रेणियों में प्रस्तुत फिल्मों का मूल्यांकन किया।
सिनेमा पर लेखन के निर्णायक मंडल
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन श्रेणी के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता ए. चंद्रशेखर ने की।
इस श्रेणी में सिनेमा से संबंधित पुस्तकों और फिल्म आलोचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का मूल्यांकन किया गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के प्रमुख विजेता
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों को शामिल किया गया है।
‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म के लिए यामी गौतम को प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रमुख भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मम्मूटी और कार्तिक आर्यन ने साझा किया। मम्मूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए यह सम्मान मिला।
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार
तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार फिल्म के निर्देशन के क्षेत्र में उनके कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है।
सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म
‘कल्कि 2898 एडी’ को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म प्रदान करने वाले पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार ऐसी फिल्म को दिया जाता है जिसे व्यापक दर्शक वर्ग के मनोरंजन और लोकप्रियता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक
रणदीप हुड्डा को फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित फिल्म निर्देशक का पुरस्कार मिला।
यह सम्मान निर्देशन के क्षेत्र में उनके कार्य को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के स्तर पर पहचान देता है।
गैर-फीचर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री पुरस्कार
‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में सम्मानित किया गया।
इससे गैर-फीचर और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के क्षेत्र में किए गए रचनात्मक कार्यों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
भारतीय भाषाओं की विविधता का प्रतिनिधित्व
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता भी दिखाई देती है।
इस संस्करण में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया गया है।
इसके अलावा तुलु और गढ़वाली फिल्मों को भी पहचान मिली है।
विशेष रूप से गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में संथाली भाषा की एक फिल्म को पहली बार मान्यता मिलने की बात इस संस्करण के संदर्भ में उल्लेखनीय है।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
वर्ष 2024 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को प्रदान किया जाएगा।
सरकार ने इस पुरस्कार की घोषणा 16 सितंबर 2026 को की।
अनंत नाग का जन्म वर्ष 1948 में कर्नाटक में हुआ था। उन्होंने 1970 के दशक की शुरुआत में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और छह भारतीय भाषाओं में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है।
वह लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘मालगुडी डेज’ में अपनी भूमिका के लिए भी जाने जाते हैं।
अनंत नाग का फिल्मी योगदान
अनंत नाग ने कई दशकों तक भारतीय सिनेमा में अभिनय किया है और विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम किया है।
उनके लंबे फिल्मी करियर में सिनेमा के साथ-साथ टेलीविजन में भी उनका योगदान रहा है।
उन्हें पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और पांच कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिल चुके हैं।
भारत सरकार ने वर्ष 2025 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
एकता नगर में पुरस्कार समारोह का महत्व
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन एकता नगर, गुजरात में किया जा रहा है। यह स्थान पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था।
सरकार ने भविष्य में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों को केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित न रखने और उन्हें देश के अलग-अलग राज्यों तथा शहरों में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का व्यापक उद्देश्य
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार केवल फिल्मों और फिल्म कलाकारों को सम्मानित करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य भारतीय सिनेमा में रचनात्मकता, कलात्मकता, तकनीकी उत्कृष्टता और सामाजिक प्रासंगिकता को प्रोत्साहित करना भी है।
इन पुरस्कारों के माध्यम से भारत की अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी फिल्मों को राष्ट्रीय मंच मिलता है।
इससे देश के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रही अलग-अलग फिल्म निर्माण परंपराओं और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को पहचान मिलती है।
सात दशक से अधिक की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यात्रा
1954 में सीमित श्रेणियों के साथ शुरू हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आज भारतीय सिनेमा के व्यापक प्रतिनिधित्व वाले राष्ट्रीय मंच में विकसित हो चुके हैं।
प्रारंभिक दौर में जहां कुछ ही श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाते थे, वहीं समय के साथ अभिनय, निर्देशन, संगीत, छायांकन, वेशभूषा, डॉक्यूमेंट्री, एनीमेशन, फिल्म लेखन और अन्य तकनीकी एवं रचनात्मक क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया।
इस प्रकार सात दशकों से अधिक की यात्रा में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास और उसकी विविधता के साथ लगातार विस्तृत होते गए हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- पुरस्कार: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- किस वर्ष की फिल्मों के लिए: 2024 में प्रमाणित फिल्में
- पुरस्कार समारोह: 22 सितंबर 2026
- स्थान: एकता नगर, गुजरात
- पहले किस नाम से जाना जाता था: केवड़िया
- पुरस्कार प्रदान करने वाली: भारत की राष्ट्रपति
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना: 1954
- पहले पुरस्कार: 1953 में बनी फिल्मों के लिए
- आयोजक मंत्रालय: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत: 1969
- पहली दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्तकर्ता: देविका रानी
- 72वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा: 18 जुलाई 2026
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: आर्टिकल 370
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम — आर्टिकल 370
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: मम्मूटी — ब्रह्मयुगम; कार्तिक आर्यन — चंदू चैंपियन
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी — अमरन
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: कल्कि 2898 एडी
- सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक: रणदीप हुड्डा — स्वातंत्र्य वीर सावरकर
- सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म: भंगार
- सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: राम-नामी
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024: अनंत नाग
- फीचर फिल्म निर्णायक मंडल के अध्यक्ष: जयराज
- गैर-फीचर फिल्म निर्णायक मंडल के अध्यक्ष: असीम सिन्हा
- सिनेमा पर लेखन निर्णायक मंडल के अध्यक्ष: ए. चंद्रशेखर