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पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में जमीनी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पोर्टल लॉन्च किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने 19 सितंबर 2026 को पूर्वी भारत में जमीनी स्तर पर होने वाले नवाचारों (Grassroots Innovation) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। यह पोर्टल ‘Seva First Innovation Challenge – Eastern Zone’ का हिस्सा है, जिसे ‘Seva Sankalp Abhiyan’ के तहत शुरू किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य ऐसे स्थानीय और व्यावहारिक समाधानों को सामने लाना है, जो आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कर सकें और जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

पोर्टल का शुभारंभ

इस ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ न्यू टाउन, कोलकाता के पास स्थित IIT खड़गपुर रिसर्च पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया।

पोर्टल का आधिकारिक वेब पता sficeast.wb.gov.in है। इसके माध्यम से पूर्वी क्षेत्र के नवप्रवर्तकों और प्रतिभागियों से समस्या-समाधान आधारित प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।

‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज – ईस्टर्न जोन’

यह चुनौती पश्चिम बंगाल सरकार के ‘Seva Sankalp Abhiyan’ के अंतर्गत शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं की पहचान करना और उनके लिए नवीन, व्यावहारिक तथा प्रभावी समाधान विकसित करना है।

इस पहल की मूल भावना “Innovate Locally, Impact Nationally” यानी “स्थानीय स्तर पर नवाचार करें, राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालें” है।

इसके माध्यम से सरकार का प्रयास है कि नवाचार केवल पारंपरिक प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों या बड़े संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भी अपनी समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर मिले।

किन समस्याओं के समाधान आमंत्रित किए गए हैं?

पोर्टल के माध्यम से ऐसे प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं जो लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकें।

प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं:

  • स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच — ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाना।
  • कृषि क्षेत्र में नुकसान — फसल उत्पादन, भंडारण और कृषि से संबंधित नुकसान को कम करने के लिए नए समाधान।
  • जल संकट — पानी की कमी तथा जल प्रबंधन से संबंधित समस्याओं के समाधान।
  • कचरा प्रबंधन — अपशिष्ट के संग्रह, निपटान, पुनर्चक्रण और प्रबंधन को बेहतर बनाने वाले नवाचार।
  • पर्यावरणीय जोखिम — प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी एवं स्थानीय समाधान।

इस प्रकार चुनौती का फोकस केवल तकनीकी आविष्कारों पर नहीं, बल्कि ऐसे नवाचारों पर है जिनका समाज और आम नागरिकों के जीवन पर व्यावहारिक प्रभाव पड़ सकता है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की भूमिका

पश्चिम बंगाल सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology and Biotechnology) इस कार्यक्रम का नोडल विभाग है।

नोडल विभाग के रूप में यह कार्यक्रम के समन्वय और क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाएगा। इसके साथ राज्य सरकार के छह अन्य विभाग भी मिलकर काम करेंगे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और वस्त्र विभाग
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग
  • तथा अन्य संबंधित विभाग

इस अंतर-विभागीय सहयोग का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के लिए बहुआयामी और उपयोगी समाधान विकसित करना है।

दो श्रेणियों में भागीदारी

‘Seva First Innovation Challenge – Eastern Zone’ में प्रतिभागियों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में भाग लेने का अवसर दिया गया है।

1. जूनियर श्रेणी (Junior Category)

इस श्रेणी में:

  • स्कूली विद्यार्थी
  • पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी
  • स्नातक स्तर के विद्यार्थी

भाग ले सकते हैं।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही समस्या-समाधान, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है।

2. ओपन श्रेणी (Open Category)

इस श्रेणी में:

  • शोधकर्ता
  • शुरुआती चरण के स्टार्टअप
  • स्वतंत्र नवप्रवर्तक (Independent Innovators)

अपने विचार और समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।

इससे उन लोगों को भी मंच मिलेगा जो किसी पारंपरिक शैक्षणिक या अनुसंधान संस्थान से जुड़े बिना अपने स्तर पर नए समाधान विकसित कर रहे हैं।

जमीनी नवाचार पर विशेष जोर

इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका Grassroots Innovation पर जोर देना है। इसका अर्थ ऐसे नवाचारों से है जो स्थानीय समुदायों की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं से प्रेरित होकर विकसित किए जाते हैं।

उदाहरण के तौर पर किसी ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या, किसानों को होने वाला फसल नुकसान, स्थानीय स्तर पर कचरा प्रबंधन या स्वास्थ्य सेवाओं की कमी जैसी समस्याओं के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

सरकार का उद्देश्य ऐसे विचारों को पहचानना है जिन्हें केवल एक छोटे समुदाय तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।

कार्यक्रम में 550 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम में 550 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विद्यार्थी, नवप्रवर्तक और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल थे।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता भी उपस्थित रहे।

बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी इस पहल के प्रति विद्यार्थियों, नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप समुदाय की रुचि को दर्शाती है।

पहल का व्यापक उद्देश्य

‘Seva First Innovation Challenge – Eastern Zone’ का व्यापक उद्देश्य तकनीक और नवाचार को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना है।

यह पहल विद्यार्थियों और नवप्रवर्तकों को केवल नए उत्पाद बनाने के लिए नहीं, बल्कि “किस समस्या का समाधान किया जा सकता है?” इस दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रोत्साहित करती है।

यदि स्थानीय स्तर पर विकसित प्रभावी समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू किया जाता है, तो इससे स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यावहारिक सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • पहल का नाम: Seva First Innovation Challenge – Eastern Zone
  • अभियान: Seva Sankalp Abhiyan
  • लॉन्च की तारीख: 19 सितंबर 2026
  • लॉन्च स्थान: IIT खड़गपुर रिसर्च पार्क, न्यू टाउन, कोलकाता के पास
  • पोर्टल: sficeast.wb.gov.in
  • नोडल विभाग: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग
  • मुख्य अवधारणा: “Innovate Locally, Impact Nationally”
  • जूनियर श्रेणी: स्कूल, पॉलिटेक्निक और स्नातक विद्यार्थी
  • ओपन श्रेणी: शोधकर्ता, शुरुआती चरण के स्टार्टअप और स्वतंत्र नवप्रवर्तक
  • मुख्य फोकस: स्वास्थ्य, कृषि, जल, कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय जोखिम
  • लॉन्च कार्यक्रम में प्रतिभागी: 550 से अधिक