भारत और जापान की वायु सेनाओं के बीच आयोजित संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ के दौरान दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों ने जोधपुर में तेजस लड़ाकू विमान में एक साथ उड़ान भरी। यह उड़ान भारत और जापान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग तथा दोनों वायु सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
जोधपुर में आयोजित हुआ संयुक्त हवाई अभ्यास
भारतीय वायु सेना (IAF) और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) राजस्थान के जोधपुर में ‘वीर गार्जियन 2026’ नामक द्विपक्षीय हवाई अभ्यास में भाग ले रही हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन क्षमता, सामरिक समन्वय और पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाना है।
यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहली बार भारतीय धरती पर जापानी लड़ाकू विमानों का संचालन
‘वीर गार्जियन 2026’ की एक प्रमुख विशेषता यह है कि जापानी लड़ाकू विमान पहली बार किसी द्विपक्षीय अभ्यास के तहत भारतीय धरती से संचालित किए जा रहे हैं।
जापान की वायु सेना के लड़ाकू विमानों का भारत में आकर संयुक्त अभ्यास में हिस्सा लेना दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है। इससे दोनों वायु सेनाओं को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं, उड़ान तकनीकों और सामरिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिल रहा है।
दोनों वायुसेना प्रमुखों ने तेजस में भरी उड़ान
अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सिंह और जापानी वायुसेना प्रमुख ने भारतीय स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में साथ उड़ान भरी।
यह उड़ान दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के बीच विश्वास और पेशेवर सहयोग को प्रदर्शित करती है। संयुक्त उड़ान के माध्यम से दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों को भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान की परिचालन क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिला।
भारत-जापान रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण उपलब्धि
उड़ान के बाद जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय वायुसेना प्रमुख ने भारतीय धरती पर जापानी लड़ाकू विमान के पहली बार संचालन को दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुआ है। संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से दोनों देश अपनी सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability), सामरिक सहयोग और आपसी समझ को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
जापानी वायुसेना प्रमुख ने तेजस की सराहना की
जापानी वायुसेना प्रमुख ने भारत की ओर से किए गए गर्मजोशीपूर्ण स्वागत और आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने भारतीय तेजस लड़ाकू विमान को भारत की तकनीकी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का प्रतीक बताया।
तेजस भारत में विकसित स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है और भारतीय एयरोस्पेस एवं रक्षा उत्पादन क्षमता का प्रमुख उदाहरण माना जाता है।
14 दिवसीय ‘वीर गार्जियन 2026’ अभ्यास
‘वीर गार्जियन 2026’ 14 दिनों तक चलने वाला संयुक्त हवाई अभ्यास है, जिसका समापन मंगलवार को होना निर्धारित है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाएं विभिन्न प्रकार के उन्नत परिचालन अभियानों में हिस्सा ले रही हैं।
इसमें वास्तविक उड़ान अभियानों के साथ-साथ दोनों देशों के सैन्यकर्मियों के बीच व्यापक पेशेवर संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान भी शामिल है।
भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमान
अभ्यास में भारतीय वायुसेना की ओर से विभिन्न अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- एलसीए तेजस — भारत में विकसित स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान।
- सुखोई-30 एमकेआई — भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान।
- राफेल — आधुनिक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान।
इन विमानों के माध्यम से भारतीय वायुसेना अभ्यास में विभिन्न प्रकार के उन्नत हवाई अभियानों और सामरिक गतिविधियों का प्रदर्शन कर रही है।
जापान की ओर से एफ-2ए लड़ाकू विमान
जापान इस अभ्यास में अपने एफ-2ए लड़ाकू विमानों के साथ भाग ले रहा है। जापानी विमानों का भारतीय वायुसेना के तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे विमानों के साथ अभ्यास दोनों देशों को विभिन्न प्रकार की परिचालन परिस्थितियों में संयुक्त रूप से प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करता है।
अभ्यास का व्यापक महत्व
‘वीर गार्जियन 2026’ केवल लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ानों तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच सामरिक समझ, परिचालन समन्वय, तकनीकी अनुभव और आपसी विश्वास को मजबूत करना है।
भारतीय और जापानी वायुसेना के कर्मियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिल रहा है। इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभियानों और रक्षा सहयोग की क्षमता को और मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- संयुक्त अभ्यास: वीर गार्जियन 2026
- भाग लेने वाले देश: भारत और जापान
- अभ्यास का स्थान: जोधपुर, राजस्थान
- अभ्यास की अवधि: 14 दिन
- भारत की ओर से प्रमुख विमान: तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल
- जापान की ओर से प्रमुख विमान: एफ-2ए
- महत्वपूर्ण उपलब्धि: जापानी लड़ाकू विमानों का पहली बार द्विपक्षीय अभ्यास के तहत भारतीय धरती से संचालन
- विशेष घटना: दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों ने तेजस में संयुक्त उड़ान भरी
- मुख्य उद्देश्य: परिचालन सहयोग, सामरिक समन्वय और दोनों वायु सेनाओं के बीच पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान।