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CBI ने ‘जीवित जानवरों की तस्करी’ पर भारत और थाईलैंड की दो-दिवसीय बैठक आयोजित की
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ‘लाइव एनिमल ट्रैफिकिंग’ यानी जीवित पशु तस्करी पर भारत और थाईलैंड के बीच दो दिवसीय केस कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित की।
- यह बैठक 2 सितंबर 2026 को शुरू हुई।
- CBI इस बैठक का सह-आयोजन इंटरपोल के एनवायरनमेंटल सिक्योरिटी सब-डायरेक्टरेट (ENS) के समन्वय से कर रहा है।
- एशिया में पालतू जानवरों के व्यापार के लिए विदेशी जीवित पशुओं और पक्षियों की तस्करी एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति बन रही है।
- तस्करी के लिए मुख्य रूप से हवाई मार्गों का उपयोग किया जा रहा है।
- विदेशी जीवित पशुओं की तस्करी थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों में की जाती है।
- सिंगापुर का उपयोग तस्करी के लिए एक ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में किया जाता है।
- दूसरा प्रमुख तस्करी मार्ग थाईलैंड से म्यांमार के रास्ते भूमि मार्ग है।
- बैठक में विदेशी प्रजातियों की तस्करी के रुझान, तस्करी मार्गों और अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले छिपाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
- आपराधिक नेटवर्क के प्रमुख लक्ष्यों की पहचान और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
- बैठक का उद्घाटन CBI के विशेष निदेशक मनोज शशिधर ने किया।
- मनोज शशिधर के अनुसार, जीवित पशु और पक्षी तस्करी केवल वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह तेजी से एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध बन रही है।
- इस अपराध में संगठित आपराधिक नेटवर्क, उन्नत छिपाने की तकनीकें, जटिल परिवहन व्यवस्था और विभिन्न देशों तक फैले आपराधिक संबंध शामिल हैं।