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PM मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18 मई 2026 को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम (King Harald V) द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को भारत और नॉर्वे के बीच संबंधों को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने तथा वैश्विक नेतृत्व में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सफलता को दर्शाता है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे भारत और भारत की जनता के लिए सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत और नॉर्वे के बीच गहरी मित्रता, आपसी विश्वास और वैश्विक प्रगति के लिए साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ता स्नेह और सद्भाव इस सम्मान में झलकता है। “ग्रैंड क्रॉस” रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च स्तर है और इसे उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने नॉर्वे के हितों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आगे बढ़ाने में असाधारण योगदान दिया हो।

प्रधानमंत्री मोदी की यह नॉर्वे यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पिछले 43 वर्षों में नॉर्वे की पहली यात्रा है और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली आधिकारिक यात्रा भी है। वे दो दिवसीय दौरे पर स्वीडन से ओस्लो पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, हरित ऊर्जा, समुद्री सहयोग, जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक क्षेत्र में अनुसंधान और तकनीकी सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और नॉर्वे के संबंध हाल के वर्षों में विशेष रूप से ब्लू इकोनॉमी, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं।

गौरतलब है कि नॉर्वे पहुंचने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन का प्रतिष्ठित “रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस” सम्मान भी प्रदान किया गया था। यह स्वीडन का विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। लगातार दो यूरोपीय देशों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिए जाने को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी मजबूत विदेश नीति का प्रतीक माना जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक प्रभावशाली और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है।

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