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भारत और बेल्जियम ने 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने पर सहमति जताई

भारत और बेल्जियम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अगले पाँच वर्षों में दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, निवेश, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-बेल्जियम संबंधों के संपूर्ण आयामों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।

द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और बेल्जियम के बीच वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.92 अरब डॉलर रहा।

दोनों देशों ने अगले पाँच वर्षों में इस वार्षिक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस लक्ष्य का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को व्यापक बनाना और नए क्षेत्रों में व्यापार के अवसर विकसित करना है।

भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में विशेष रूप से हीरे एवं अन्य बहुमूल्य पत्थरों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अलावा रसायन, धातु, वस्त्र, मशीनरी तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों का भी व्यापार होता है।

भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग को बढ़ावा

बैठक में रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों और साझेदारियों का स्वागत किया गया।

दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच एक Letter of Intent पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में नियमित एवं संस्थागत सहयोग के लिए एक ढाँचा तैयार करना है।

इसके अंतर्गत निम्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का प्रावधान है—

  • नियमित रक्षा आदान-प्रदान।
  • सैन्य अधिकारियों के बीच Staff Talks।
  • शिक्षा एवं प्रशिक्षण।
  • रक्षा अनुसंधान में सहयोग।
  • रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी।
  • रक्षा प्रौद्योगिकी में सहयोग।

यह समझौता भारत और बेल्जियम के रक्षा संस्थानों के बीच नियमित संवाद को मजबूत करने में मदद करेगा।

रक्षा विनिर्माण और तकनीकी सहयोग

दोनों नेताओं ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाओं को स्वीकार किया।

विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों पर जोर दिया गया—

  • रक्षा विनिर्माण।
  • उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी।
  • नवाचार।
  • सह-विकास।
  • सह-उत्पादन।
  • रक्षा औद्योगिक साझेदारी।

Belgian Security and Defence Industry (BDSI) तथा Society of Indian Defence Manufacturers (SIDM) के बीच हुए विभिन्न समझौतों एवं साझेदारियों का दोनों पक्षों ने स्वागत किया।

इससे दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच तकनीकी सहयोग, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उपकरणों के विकास के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग

भारत और बेल्जियम ने नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग से संबंधित एक संशोधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

यह नया समझौता वर्ष 2015 में स्थापित सहयोग के ढाँचे तथा Renewable Energy पर Joint Working Group द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाता है।

नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग का दायरा अब कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया है।

इनमें शामिल हैं—

  • ग्रीन हाइड्रोजन।
  • सौर ऊर्जा।
  • ऊर्जा भंडारण।
  • अपतटीय पवन ऊर्जा।
  • जैव-ऊर्जा।
  • लघु जलविद्युत।
  • पंप्ड स्टोरेज प्लांट।

यह सहयोग स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में दोनों देशों के प्रयासों को मजबूत कर सकता है।

दोनों देशों में रक्षा अताशे की नियुक्ति

भारत और बेल्जियम ने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और संस्थागत रूप देने के लिए रक्षा अताशे की नियुक्ति का भी स्वागत किया।

  • बेल्जियम ने नई दिल्ली में Defence Attaché नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
  • भारत ने ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास में निकट भविष्य में Resident Defence Attaché नियुक्त करने के अपने निर्णय की जानकारी दी है।

रक्षा अताशे दोनों देशों की रक्षा संस्थाओं के बीच संपर्क, संवाद और सहयोग को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

India-Belgium Investment Fast-Track Mechanism

बैठक के प्रमुख आर्थिक परिणामों में से एक India-Belgium Investment Fast-Track Mechanism का शुभारंभ है।

इस तंत्र का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश संबंधों को मजबूत करना और निवेश प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

यह एक समर्पित मंच के रूप में काम करेगा, जिसके माध्यम से—

  • बेल्जियम के भारत में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • भारतीय कंपनियों के बेल्जियम में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • व्यवसायों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • निवेश से जुड़ी बाधाओं की पहचान एवं समाधान किया जाएगा।
  • निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा।
  • दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाएगा।

यह व्यवस्था दोनों देशों के निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी वातावरण बनाने में सहायक हो सकती है।

भारत-बेल्जियम संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और बेल्जियम के बीच राजनयिक संबंध काफी पुराने और मजबूत हैं।

बेल्जियम स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती यूरोपीय देशों में शामिल था। दोनों देशों ने सितंबर 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए।

समय के साथ दोनों देशों के संबंध व्यापार और निवेश से आगे बढ़कर रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, विज्ञान, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित हुए हैं।

भारत-बेल्जियम आर्थिक संबंध

भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक संबंधों का आधार व्यापार और निवेश है।

दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों पर चर्चा के लिए India-BLEU Joint Economic Commission एक महत्वपूर्ण मंच है।

इस आयोग की स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी।

JEC का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार एवं आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना है।

भारत के प्रमुख निर्यात

भारत से बेल्जियम को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में शामिल हैं—

  • बहुमूल्य धातुएँ।
  • रत्न एवं बहुमूल्य पत्थर।
  • रसायन।
  • आधार धातुएँ।
  • अन्य औद्योगिक उत्पाद।

हीरा व्यापार भारत-बेल्जियम व्यापार संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत के प्रमुख आयात

बेल्जियम से भारत में आयात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में शामिल हैं—

  • बहुमूल्य धातुएँ एवं पत्थर।
  • आधार धातुएँ।
  • रसायन।
  • वस्त्र।
  • मशीनरी।
  • अन्य औद्योगिक एवं तकनीकी उत्पाद।

इस प्रकार दोनों देशों के बीच व्यापार में कच्चे माल, औद्योगिक उत्पादों और उच्च मूल्य वाले उत्पादों का महत्वपूर्ण स्थान है।

भारत में बेल्जियम का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

अप्रैल 2000 से जून 2025 के बीच भारत में बेल्जियम से आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लगभग 4.045 अरब डॉलर रहा।

इस निवेश के आधार पर बेल्जियम भारत में FDI का 18वाँ सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा।

निवेश संबंधों को और मजबूत करने के लिए Investment Fast-Track Mechanism की शुरुआत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बेल्जियम में भारतीय कंपनियों की उपस्थिति

भारत की कई प्रमुख कंपनियों ने बेल्जियम में अपनी उपस्थिति स्थापित की है।

विशेष रूप से भारतीय IT और सॉफ्टवेयर कंपनियाँ बेल्जियम में सक्रिय हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • TCS
  • Infosys
  • Tech Mahindra
  • HCL

इन कंपनियों की बेल्जियम में उपस्थिति केवल बेल्जियम के बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापक यूरोपीय बाजारों को सेवाएँ प्रदान करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बेल्जियम में भारतीय प्रवासी समुदाय

बेल्जियम में भारतीय समुदाय भी दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नवीनतम अनुमान के अनुसार, बेल्जियम में भारतीय मूल के 35,000 से अधिक लोग रहते हैं।

यह भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक, व्यावसायिक और मानवीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान देता है।

भारत-बेल्जियम संबंधों का व्यापक महत्व

भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, निवेश, प्रौद्योगिकी और उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।

विशेष रूप से रक्षा विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग भविष्य के आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

वहीं, पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई दिशा प्रदान कर सकता है।

बैठक के प्रमुख परिणाम

  1. अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य।
  2. भारत और बेल्जियम के रक्षा मंत्रालयों के बीच Letter of Intent पर हस्ताक्षर।
  3. रक्षा विनिर्माण, तकनीक, नवाचार, सह-विकास और सह-उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
  4. BDSI और SIDM के बीच विभिन्न रक्षा समझौतों एवं साझेदारियों का स्वागत।
  5. नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग पर संशोधित MoU पर हस्ताक्षर।
  6. ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और अपतटीय पवन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार।
  7. नई दिल्ली में बेल्जियम के Defence Attaché की नियुक्ति का स्वागत।
  8. ब्रुसेल्स में भारतीय Resident Defence Attaché नियुक्त करने का निर्णय।
  9. India-Belgium Investment Fast-Track Mechanism का शुभारंभ।
  10. दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कारोबारी बाधाओं को कम करने पर जोर।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

विषय महत्वपूर्ण तथ्य
भारत-बेल्जियम वार्ता 3 सितंबर 2026
वार्ता का स्थान नई दिल्ली
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर
2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 10.92 अरब डॉलर
व्यापार का लक्ष्य 5 वर्षों में दोगुना करना
राजनयिक संबंध सितंबर 1947
India-BLEU Joint Economic Commission 1997 में स्थापित
भारत में बेल्जियम का FDI 4.045 अरब डॉलर
FDI अवधि अप्रैल 2000–जून 2025
FDI योगदान में बेल्जियम की रैंक 18वाँ
प्रमुख व्यापारिक वस्तु हीरा
भारत की प्रमुख कंपनियाँ TCS, Infosys, Tech Mahindra, HCL
बेल्जियम में भारतीय प्रवासी 35,000 से अधिक
प्रमुख नया निवेश तंत्र India-Belgium Investment Fast-Track Mechanism
प्रमुख ऊर्जा क्षेत्र ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, अपतटीय पवन ऊर्जा

निष्कर्ष

भारत और बेल्जियम ने अपने संबंधों को व्यापार और निवेश से आगे बढ़ाकर रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग के व्यापक क्षेत्र में विस्तारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य आर्थिक साझेदारी को नई गति देने की क्षमता रखता है।

रक्षा क्षेत्र में Letter of Intent, रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी और सह-विकास एवं सह-उत्पादन पर जोर दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा पर संशोधित MoU और Investment Fast-Track Mechanism हरित ऊर्जा तथा निवेश संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।