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असम का रेलवे नेटवर्क अब 100% विद्युतीकृत हुआ

  • भारतीय रेलवे ने असम के पूरे ब्रॉड गेज (BG) रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है।
  • असम में कुल 2,589 रूट किलोमीटर का ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क है, जो अब पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।
  • असम में रेलवे परियोजनाएं पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) जोन के प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं।
  • लुमडिंग–बदरपुर हिल सेक्शन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के साथ ही असम में रेलवे विद्युतीकरण 100% हो गया।

प्रमुख विद्युतीकरण परियोजनाएं

इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से तीन प्रमुख रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं:

  • रंगिया–मुरकोंगसेलेक — 558 किमी
  • चापरमुख–डिब्रूगढ़ — 571 किमी
  • बदरपुर–सिलचर तथा बदरपुर–चुराइबाड़ी — 315 किमी

लुमडिंग–बदरपुर हिल सेक्शन

  • जून में इस खंड के विद्युतीकरण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई।
  • हाफलोंग ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) से न्यू हाफलोंग ट्रैक्शन सब-स्टेशन (NHLG TSS) को जोड़ने वाली 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन को ऊर्जीकृत किया गया।

भारत में रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत

  • भारत में रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी।
  • देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस से कुर्ला हार्बर के बीच चली थी।
  • यह ट्रेन 1,500 वोल्ट डीसी प्रणाली पर संचालित हुई थी।
  • यह मार्ग महाराष्ट्र में स्थित था।

असम में पूर्ण विद्युतीकरण के लाभ

  • रेलवे की खंडीय क्षमता में वृद्धि होगी।
  • इलेक्ट्रिक इंजनों की परिचालन एवं रखरखाव लागत कम होगी।
  • ट्रेनों को मार्ग में विद्युत कर्षण से डीजल कर्षण में बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • इलेक्ट्रिक इंजनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
  • ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज और सुचारु हो सकेगी।
  • रेलवे परिचालन में लचीलापन बढ़ेगा।
  • ट्रेन सेवाएं अधिक विश्वसनीय होने की उम्मीद है।
  • जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
  • ऊर्जा की अधिक दक्षता सुनिश्चित होगी।
  • रेलवे परिचालन अधिक पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ बनेगा।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

असम रेलवे नेटवर्क → 2,589 रूट किमी → 100% विद्युतीकृत

प्रशासनिक जोन → पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR)

अंतिम विद्युतीकृत खंड → लुमडिंग–बदरपुर हिल

ट्रांसमिशन लाइन → 132 केवी

भारत में रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत → 1925

पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन → बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस–कुर्ला हार्बर

पहली विद्युत प्रणाली → 1,500 वोल्ट डीसी