राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के 42वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (National Security Guard—NSG) के 42वें स्थापना दिवस के अवसर पर बल के जवानों और अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भारत का एक विशेष संघीय आपातकालीन बल है, जिसका गठन आतंकवादी गतिविधियों और गंभीर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए किया गया था। इसे आमतौर पर ‘ब्लैक कैट्स’ (Black Cats) के नाम से जाना जाता है।
यह बल विशेष रूप से प्रशिक्षित और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कमांडो से बना है। इसका उपयोग उन असाधारण परिस्थितियों में किया जाता है, जहां गंभीर आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए विशेष कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) क्या है?
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भारत का एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है। इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के विभिन्न रूपों से निपटना और गंभीर सुरक्षा संकटों के दौरान विशेष अभियान चलाना है।
NSG को विशेष परिस्थितियों में कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इसका उपयोग सामान्य कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के बजाय उन चुनिंदा परिस्थितियों में किया जाता है, जहां उच्च स्तर के प्रशिक्षण, विशेष हथियारों और विशिष्ट रणनीतिक क्षमताओं की आवश्यकता होती है।
NSG की प्रमुख जिम्मेदारियों में आतंकवाद-रोधी अभियान, विमान अपहरण जैसी घटनाओं से निपटना, बम निष्क्रिय करना और निर्धारित विशिष्ट व्यक्तियों को निकट सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
NSG की स्थापना की पृष्ठभूमि
वर्ष 1984 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक विशेष संघीय आपातकालीन बल के गठन का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य ऐसे अत्यधिक प्रेरित, विशेष रूप से प्रशिक्षित और आधुनिक उपकरणों से लैस कर्मियों का दल तैयार करना था, जो आतंकवादी हमलों जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना कर सके।
जून 1984 में NSG के महानिदेशक और बल के अन्य आवश्यक प्रारंभिक पदों को स्वीकृति दी गई। इसके बाद इस बल के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई।
अगस्त 1986 में NSG के गठन से संबंधित विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह संगठन औपचारिक रूप से अस्तित्व में आया और इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन रखा गया।
NSG की संगठनात्मक संरचना और कार्यप्रणाली को विकसित करने में ब्रिटेन की स्पेशल एयर सर्विस (Special Air Service—SAS) तथा जर्मनी की GSG-9 जैसी विशेष इकाइयों के मॉडल से प्रेरणा ली गई।
NSG को ‘ब्लैक कैट्स’ क्यों कहा जाता है?
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो अपनी विशेष वर्दी, प्रशिक्षण और आतंकवाद-रोधी अभियानों में विशेषज्ञता के कारण ‘ब्लैक कैट्स’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
इस बल की कार्यप्रणाली में तेजी से कार्रवाई करना, लक्ष्य के अनुसार सटीक अभियान चलाना और कार्रवाई पूरी होने के बाद तत्काल निर्धारित क्षेत्र से हटना महत्वपूर्ण माना जाता है।
NSG का मूल दर्शन त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पर आधारित है। इसका उद्देश्य गंभीर सुरक्षा खतरों को नियंत्रित करना और परिस्थितियों के अनुसार न्यूनतम समय में अभियान को पूरा करना है।
इस बल के कमांडो उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में काम करने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। उनकी विशेष क्षमताओं में आतंकवादियों से मुकाबला करना, बंधकों को सुरक्षित निकालने से संबंधित अभियान और विस्फोटक उपकरणों को निष्क्रिय करना शामिल है।
NSG की संगठनात्मक संरचना
NSG एक विशिष्ट मिश्रित बल है, जिसमें भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों से चयनित कर्मियों को शामिल किया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग सुरक्षा संगठनों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करके एक विशेष आतंकवाद-रोधी क्षमता विकसित करना है।
बल के कर्मियों को उनके निर्धारित कार्यों के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें उच्च जोखिम वाले अभियान, विशेष हथियारों का उपयोग, विस्फोटक उपकरणों से निपटना और संकट की स्थिति में समन्वित कार्रवाई करना शामिल है।
NSG के प्रमुख कार्य
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को विशिष्ट सुरक्षा परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।
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आतंकवाद-रोधी अभियान: गंभीर आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्रवाई करना।
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विमान अपहरण-रोधी अभियान: विमान अपहरण जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षित कमांडो के माध्यम से कार्रवाई करना।
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बम निष्क्रिय करना: विस्फोटक उपकरणों और बम संबंधी खतरों से निपटना।
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विशिष्ट व्यक्तियों को निकट सुरक्षा: निर्धारित व्यक्तियों को विशेष परिस्थितियों में निकट सुरक्षा उपलब्ध कराना।
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विशेष आपातकालीन कार्रवाई: ऐसे संकटों में सहायता देना, जहां सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के अतिरिक्त विशेष कमांडो क्षमताओं की आवश्यकता हो।
NSG का मुख्यालय कहां स्थित है?
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का मुख्यालय हरियाणा के मानेसर में स्थित है।
देश के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवादी घटनाओं या गंभीर सुरक्षा संकटों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के उद्देश्य से NSG के क्षेत्रीय केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद क्षेत्रीय हब की स्थापना
नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के बाद NSG की क्षेत्रीय उपस्थिति बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया गया। इन हमलों ने गंभीर सुरक्षा संकटों के दौरान विशेष बलों की त्वरित तैनाती के महत्व को रेखांकित किया।
इसके बाद चार क्षेत्रीय हब स्थापित किए गए:
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मुंबई — महाराष्ट्र
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चेन्नई — तमिलनाडु
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हैदराबाद — तेलंगाना
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कोलकाता — पश्चिम बंगाल
इन केंद्रों का उद्देश्य प्रतिक्रिया समय कम करना और देश के विभिन्न हिस्सों में NSG की उपलब्धता को बेहतर बनाना था।
NSG के क्षेत्रीय हब का विस्तार
चार क्षेत्रीय हब की स्थापना के बाद NSG की क्षेत्रीय उपस्थिति का विस्तार आगे भी जारी रहा।
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2016: गुजरात के गांधीनगर में पांचवां क्षेत्रीय हब स्थापित किया गया।
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2024: जम्मू में छठा क्षेत्रीय हब स्थापित किया गया।
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अयोध्या: दिए गए विवरण के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक नया NSG हब स्थापित किया जा रहा है।
क्षेत्रीय हब की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य विशेष बलों की त्वरित तैनाती की क्षमता को बढ़ाना और अलग-अलग क्षेत्रों में गंभीर सुरक्षा घटनाओं के दौरान प्रतिक्रिया देने में लगने वाले समय को कम करना है।
भारत की आंतरिक सुरक्षा में NSG का महत्व
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड भारत की विशेष आतंकवाद-रोधी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका गठन उन परिस्थितियों से निपटने के लिए किया गया था, जिनमें सामान्य पुलिस व्यवस्था के अतिरिक्त विशेष प्रशिक्षण और विशिष्ट अभियान क्षमताओं की आवश्यकता होती है।
NSG की विशेषज्ञता आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, बम निष्क्रिय करने और अन्य उच्च जोखिम वाले अभियानों में है। सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों से चयनित कर्मियों को शामिल करने वाली इसकी संरचना इसे विशेष अभियान संचालित करने की क्षमता प्रदान करती है।
क्षेत्रीय हब के विस्तार से देश के विभिन्न हिस्सों में बल की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का 42वां स्थापना दिवस इस विशेष बल के गठन, उसके प्रशिक्षण, संगठनात्मक विकास और भारत की आंतरिक सुरक्षा में उसकी भूमिका को समझने का अवसर प्रदान करता है।