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NEET-UG पेपर लीक: CBI ने लातूर के कोचिंग संस्थान के मालिक को किया गिरफ़्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संचालक और प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 18 मई 2026 को की गई। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह मामला देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

मामला क्या है?

NEET-UG (National Eligibility cum Entrance Test) देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय परीक्षा है। वर्ष 2026 में लगभग 23 लाख विद्यार्थियों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को किया गया था।

CBI के अनुसार परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों ने रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीवविज्ञान (Biology) के प्रश्नपत्र लीक कर दिए थे और चुनिंदा छात्रों को विशेष कोचिंग क्लासों के माध्यम से वे प्रश्न पढ़ाए गए।

शिवराज मोटेगांवकर की भूमिका

शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में स्थित RCC Coaching Institute के मालिक हैं। उनकी संस्था की कुल 9 शाखाएँ हैं। यह संस्थान NEET-UG की तैयारी कराने के लिए प्रसिद्ध माना जाता है।

CBI के अनुसार:

  • मोटेगांवकर का संबंध P.V. कुलकर्णी नामक केमिस्ट्री लेक्चरर से था।
  • P.V. कुलकर्णी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
  • कुलकर्णी NTA से जुड़े हुए थे और उन पर Chemistry प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप है।

छापेमारी में क्या मिला?

CBI ने RCC संस्थान और मोटेगांवकर के घर पर छापा मारा। वहां से Chemistry Question Bank, महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन बरामद किए गए।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि Question Bank में वही प्रश्न पाए गए जो असली NEET परीक्षा में पूछे गए थे। इससे यह संदेह और मजबूत हो गया कि प्रश्नपत्र पहले से लीक हुआ था।

CBI की जांच

CBI ने यह मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया था। यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई।

इसके बाद:

  • विशेष जांच टीमें बनाई गईं।
  • कई राज्यों में छापेमारी हुई।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच शुरू की गई।

CBI ने कहा है कि जांच में अब “पेपर लीक के वास्तविक स्रोत” तक पहुंच बनाई जा चुकी है।

जीवविज्ञान प्रश्नपत्र लीक का मामला

इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे का नाम भी शामिल है।

CBI के अनुसार:

  • मनीषा मंधारे को Botany और Zoology प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुँच थी।
  • अप्रैल 2026 में उन्होंने कुछ NEET अभ्यर्थियों को इकट्ठा किया।
  • इन छात्रों को अपने घर पर “विशेष कोचिंग क्लास” दी।
  • उन्होंने छात्रों को संभावित प्रश्न लिखवाए और किताबों में मार्क करवाए।

जांच में पाया गया कि इन क्लासों में बताए गए अधिकांश प्रश्न वास्तविक परीक्षा में आए थे।

मनीषा वाघमारे की भूमिका

पुणे की ब्यूटी पार्लर संचालिका मनीषा वाघमारे पर आरोप है कि:

  • उन्होंने छात्रों को इकट्ठा करने का काम किया।
  • वे P.V. कुलकर्णी की मदद कर रही थीं।
  • छात्रों को विशेष कोचिंग क्लासों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्हें 14 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

अन्य गिरफ्तार आरोपी

CBI ने जिन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:

  1. धनंजय लोखंडे – अहिल्यानगर, महाराष्ट्र
  2. शुभम खैरनार – नासिक, महाराष्ट्र
  3. मंगलाल बिवाल – जयपुर, राजस्थान
  4. विकास बिवाल – जयपुर, राजस्थान
  5. दिनेश बिवाल – जयपुर, राजस्थान
  6. यश यादव – गुरुग्राम, हरियाणा

इन पर “मिडिलमैन” यानी बिचौलिये के रूप में काम करने का आरोप है। इनका कार्य छात्रों को उन कोचिंग क्लासों तक पहुंचाना था जहां लीक प्रश्नपत्र पढ़ाए जा रहे थे।

CBI का बयान

CBI ने कहा:

  • Chemistry और Biology पेपर लीक होने की पुष्टि करने वाले पर्याप्त सबूत मिले हैं।
  • विशेष कोचिंग क्लासों में लीक प्रश्नों पर चर्चा की गई थी।
  • मामले की जांच अभी जारी है।
  • जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

इस मामले का महत्व

यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि:

  • NEET भारत की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है।
  • लाखों छात्र वर्षों मेहनत करते हैं।
  • पेपर लीक से ईमानदार छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
  • परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।

यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह देश के शिक्षा तंत्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।

संभावित प्रभाव

इस मामले के कारण:

  • NTA की सुरक्षा व्यवस्था की जांच हो सकती है।
  • परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार किए जा सकते हैं।
  • भविष्य में डिजिटल निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
  • दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई संभव है।

निष्कर्ष

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब एक बड़े संगठित नेटवर्क का रूप लेता दिखाई दे रहा है, जिसमें शिक्षकों, कोचिंग संस्थानों और बिचौलियों की संलिप्तता सामने आ रही है। CBI लगातार जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ तथा बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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