- छह उत्कृष्ट साक्षरता कार्यक्रमों को यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
- पुरस्कार पाने वाले देश हैं—कोलंबिया, लेबनान, मेक्सिको, नीदरलैंड, नाइजीरिया और थाईलैंड।
- पुरस्कार 8 और 9 सितंबर 2026 को मेक्सिको के चियापास राज्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के वैश्विक समारोह के दौरान प्रदान किए गए।
- समारोह का आयोजन यूनेस्को और मेक्सिको सरकार के सहयोग से किया गया।
- 2026 की थीम: “लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता”।
- थीम का उद्देश्य वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप साक्षरता तथा आजीवन सीखने की प्रणालियों, नीतियों और कार्यप्रणालियों पर नए सिरे से विचार करना है।
यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार
- यूनेस्को के अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कारों की शुरुआत 1967 में हुई।
- अब तक 600 से अधिक व्यक्तियों, संगठनों और संस्थानों को साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
- वर्तमान में यूनेस्को के दो अंतरराष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार हैं।
- यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार
- स्थापना: 1989
- सहयोग: दक्षिण कोरिया की सरकार
- विशेष ध्यान: मातृभाषा आधारित साक्षरता विकास
- पुरस्कारों की संख्या: 3
- प्रत्येक विजेता को:
- पदक
- प्रशस्ति-पत्र
- 30,000 अमेरिकी डॉलर
- यूनेस्को कन्फ्यूशियस साक्षरता पुरस्कार
- स्थापना: 2005
- सहयोग: चीन की सरकार
- विशेष ध्यान:
- कार्यात्मक साक्षरता
- तकनीकी वातावरण का उपयोग
- ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्कों की शिक्षा
- विद्यालय से बाहर के युवाओं की सहायता
- पुरस्कारों की संख्या: 3
- प्रत्येक विजेता को:
- पदक
- प्रशस्ति-पत्र
- 30,000 अमेरिकी डॉलर
- पुरस्कार विजेताओं का चयन यूनेस्को के महानिदेशक द्वारा नियुक्त अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल की सिफारिश पर किया जाता है।
- निर्णायक मंडल का कार्यकाल अधिकतम 6 वर्ष होता है।
2026 के पुरस्कार विजेता
यूनेस्को किंग सेजोंग साक्षरता पुरस्कार
- ‘एस्कुएलास एलईओ’ कार्यक्रम — बिब्लोरेड, कोलंबिया
- ‘लैंग्वेज फ्रेंडली स्कूल’ कार्यक्रम — रुटु फाउंडेशन, नीदरलैंड
- ‘प्रोजेक्ट पाल’ (प्राइमरी एक्सीलरेटेड लिटरेसी) — डब्ल्यूएईआर वाटर्स चैरिटी फाउंडेशन, नाइजीरिया
यूनेस्को कन्फ्यूशियस साक्षरता पुरस्कार
- विद्यालय से बाहर रह रहे विस्थापित युवाओं के लिए त्वरित शिक्षा कार्यक्रम — अलसामा प्रोजेक्ट, लेबनान
- ‘चियापास पुएदे’ राज्य साक्षरता कार्यक्रम — चियापास सरकार, मेक्सिको
- ‘लैंग्वेज फॉर लाइफ’ कार्यक्रम — हत याई नगर पालिका, थाईलैंड
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस
- अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस: 8 सितंबर
- 2026: अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ
- इसे 1966 में यूनेस्को के 14वें महासम्मेलन में घोषित किया गया था।
- पिछले छह दशकों में साक्षरता को मौलिक मानव अधिकार, शांति और सतत विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में बढ़ावा दिया गया है।
वैश्विक साक्षरता की स्थिति
- लगभग 73.9 करोड़ युवा और वयस्क अभी भी बुनियादी साक्षरता कौशल से वंचित हैं।
- इनमें लगभग 63% महिलाएं हैं।
- निरक्षर युवा और वयस्कों में 77% से अधिक उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिणी एशिया में रहते हैं।
- उप-सहारा अफ्रीका में लगभग 22.5 करोड़ तथा दक्षिणी एशिया में लगभग 34.7 करोड़ निरक्षर युवा और वयस्क हैं।
- दुनिया भर में 10 में से लगभग 4 विद्यार्थी प्राथमिक शिक्षा के अंत तक न्यूनतम पढ़ने की दक्षता हासिल नहीं कर पाते।
- लगभग 27.3 करोड़ बच्चे और युवा विद्यालय से बाहर हैं।
साक्षरता के क्षेत्र में यूनेस्को की भूमिका
- साक्षरता संबंधी रणनीतियों को मजबूत करना।
- आंकड़ों और निगरानी प्रणालियों में सुधार करना।
- शिक्षकों और संस्थानों की क्षमता बढ़ाना।
- गुणवत्तापूर्ण साक्षरता और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना।
- 2024-25 में यूनेस्को के प्रयासों से 4.6 लाख से अधिक शिक्षार्थियों और लाभार्थियों को सहायता मिली।
- इस अवधि में 43 देशों को समर्थन दिया गया।
- इनमें 22 देशों ने अपनी साक्षरता तथा वयस्क शिक्षा संबंधी नीतियों और ढांचों को मजबूत किया।
डिजिटल साक्षरता
- यूनेस्को डिजिटल विभाजन को कम करने के लिए कार्य कर रहा है।
- मीडिया एवं सूचना साक्षरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- डिजिटल कौशल विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
- तकनीक तक समान और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- उद्देश्य है कि डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया में कोई भी पीछे न छूटे।