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प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के अंतर्गत लगभग 25 लाख किसान पंजीकृत

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के अंतर्गत योजना शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 25 लाख किसान पंजीकरण करा चुके हैं। इस योजना की शुरुआत 12 सितंबर 2019 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में नियमित आय और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

राज्यों में हरियाणा लगभग 5.75 लाख पंजीकृत किसानों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद बिहार में 3.46 लाख से अधिक किसानों ने नामांकन कराया है। झारखंड और उत्तर प्रदेश में प्रत्येक राज्य से 2.5 लाख से अधिक किसान योजना से जुड़े हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 2 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना क्या है?

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका संचालन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।

यह स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र छोटे और सीमांत किसान इसमें शामिल हो सकते हैं।

योजना के अंतर्गत किसान को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर न्यूनतम ₹3,000 प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। यह लाभ योजना में निर्धारित पात्रता और बहिष्करण संबंधी शर्तों के अधीन है।

योजना का उद्देश्य

भारत में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। वृद्धावस्था में नियमित आय का स्रोत सीमित हो जाने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए PM-KMY का उद्देश्य किसानों के लिए वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार करना है। योजना के माध्यम से किसानों को यह भरोसा मिलता है कि 60 वर्ष की आयु के बाद उन्हें एक निश्चित मासिक पेंशन प्राप्त होगी।

योजना में कौन शामिल हो सकता है?

यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है।

पात्र किसान की प्रवेश आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। किसान की आयु जितनी कम होगी, उसके द्वारा किए जाने वाले मासिक अंशदान की राशि भी उसी के अनुसार निर्धारित होगी।

मासिक अंशदान कितना है?

योजना में किसान को ₹55 से ₹200 प्रतिमाह तक का अंशदान करना होता है। अंशदान की राशि किसान की प्रवेश आयु पर निर्भर करती है।

कम आयु में योजना से जुड़ने पर मासिक अंशदान अपेक्षाकृत कम होता है, जबकि अधिक आयु में योजना में प्रवेश करने पर निर्धारित अंशदान अधिक होता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि किसान के अंशदान के बराबर केंद्र सरकार भी पेंशन खाते में समान अंशदान करती है। इस प्रकार किसान और सरकार दोनों मिलकर पेंशन कोष का निर्माण करते हैं।

पेंशन की गारंटी

योजना के तहत पात्र किसान को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन मिलती है।

यह सुविधा पुरुष और महिला दोनों किसानों के लिए उपलब्ध है।

इससे किसानों को वृद्धावस्था में अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर आर्थिक रूप से निर्भर रहने की संभावना कम होती है और उन्हें एक निश्चित आय का सहारा मिलता है।

किसान की मृत्यु के बाद परिवार को लाभ

PM-KMY में केवल किसान की वृद्धावस्था की सुरक्षा का ही प्रावधान नहीं है, बल्कि उसके निधन के बाद उसके परिवार को भी आर्थिक सहायता दी जाती है।

यदि पेंशन प्राप्त कर रहे किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में किसान की पेंशन का 50 प्रतिशत प्राप्त करने का अधिकार होता है।

यह लाभ केवल पति या पत्नी के लिए उपलब्ध है और तभी दिया जाता है, जब वह स्वयं PM-KMY का लाभार्थी न हो।

योजना का प्रबंधन

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) इस योजना के लिए निधि प्रबंधक के रूप में कार्य करता है।

यह व्यवस्था योजना के तहत एकत्रित पेंशन कोष के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

PM-KMY का सामाजिक महत्व

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना को किसानों के लिए केवल पेंशन योजना के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है।

भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान अपने पूरे कार्यकाल में कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देते हैं। ऐसे में वृद्धावस्था में उनके लिए सम्मानजनक और नियमित आय सुनिश्चित करना सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

इस योजना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया गया है। धीरे-धीरे यह योजना किसानों के लिए एक देशव्यापी सामाजिक सुरक्षा कवच का रूप ले रही है।

राज्यवार प्रमुख तथ्य

हरियाणा: लगभग 5.75 लाख किसान
बिहार: 3.46 लाख से अधिक
झारखंड: 2.5 लाख से अधिक
उत्तर प्रदेश: 2.5 लाख से अधिक
छत्तीसगढ़: 2 लाख से अधिक
कुल नामांकन: लगभग 25 लाख किसान

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

योजना: प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
शुरुआत: 12 सितंबर 2019
संचालन: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
प्रकृति: स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना
पात्र आयु: 18–40 वर्ष
लाभार्थी: छोटे एवं सीमांत किसान
पेंशन आयु: 60 वर्ष
न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन: ₹3,000 प्रतिमाह
मासिक अंशदान: ₹55–₹200
सरकार का योगदान: किसान के अंशदान के बराबर
निधि प्रबंधक: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
पारिवारिक पेंशन: पति/पत्नी को किसान की पेंशन का 50 प्रतिशत
कुल पंजीकरण: लगभग 25 लाख किसान
सर्वाधिक पंजीकरण: हरियाणा — लगभग 5.75 लाख