भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्क्वाड्रन लीडर सान्या को प्रतिष्ठित कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (Cat-A QFI) का दर्जा प्रदान किया है। इस उपलब्धि के साथ वह भारतीय वायुसेना के इतिहास में यह सम्मान प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। भारतीय वायुसेना ने इस उपलब्धि की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के माध्यम से साझा की। इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।
क्या है कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (Cat-A QFI)?
भारतीय वायुसेना में क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) प्रणाली के माध्यम से अधिकारियों की उड़ान विशेषज्ञता और प्रशिक्षण क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। यह प्रणाली विभिन्न श्रेणियों में विभाजित होती है—
- कैटेगरी-सी : प्रशिक्षणाधीन या प्रोबेशनरी इंस्ट्रक्टर
- कैटेगरी-बी : सामान्य पायलट प्रशिक्षण देने के लिए योग्य इंस्ट्रक्टर
- कैटेगरी-ए : सर्वोच्च प्रशिक्षक श्रेणी
कैटेगरी-ए प्रशिक्षकों को विशेष रूप से निम्न जिम्मेदारियाँ निभाने की अनुमति होती है—
- अन्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स को प्रशिक्षित करना
- उन्नत उड़ान कौशल का मूल्यांकन करना
- परिचालन उड़ान मानकों को बनाए रखना
कैट-ए प्रशिक्षक भारतीय वायुसेना के भविष्य के लड़ाकू और ऑपरेशनल पायलटों को तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्क्वाड्रन लीडर सान्या का करियर प्रोफाइल
- 20 जून 2015 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन प्राप्त किया।
- वह 42 SSC (W) FP कोर्स का हिस्सा थीं।
- वर्ष 2017 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पद पर पदोन्नत हुईं।
- वर्ष 2021 में स्क्वाड्रन लीडर बनीं।
- भारतीय सैन्य विमानन इतिहास में कैट-ए QFI का दर्जा प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।
उपलब्धि का महत्व
स्क्वाड्रन लीडर सान्या की यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और लैंगिक समावेशन को दर्शाती है। यह उपलब्धि देशभर की युवा महिला पायलटों और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की इच्छुक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
भारतीय वायुसेना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- स्थापना : 8 अक्टूबर 1932
- मुख्यालय : नई दिल्ली
- आदर्श वाक्य : “नभः स्पर्शं दीप्तम्” (गौरव के साथ आकाश को छूना)
- वर्तमान वायुसेना प्रमुख : एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह
भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका
- महिलाओं को 1990 के दशक में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में शामिल किया गया था।
- वर्ष 2016 में भारत ने प्रायोगिक आधार पर महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोली।
- सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं को सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन देने का समर्थन किया है।