केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट के साथ वर्चुअल द्विपक्षीय बैठक की।
बैठक में भारत-फ्रांस के बीच अंतरिक्ष सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने मानव अंतरिक्ष उड़ान, उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष एजेंसियों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
यह बैठक 9-10 सितंबर 2026 को पेरिस में होने वाले इंटरनेशनल स्पेस समिट और 7-9 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में होने वाले स्पेस एक्सपो से पहले हुई। दोनों पक्षों ने पेरिस शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी और बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में फ्रांस की भागीदारी पर चर्चा की।
फ्रांस के मंत्री प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट की 28-30 सितंबर 2026 को भारत यात्रा को लेकर भी चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत फ्रांस के साथ अपनी दीर्घकालिक अंतरिक्ष साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पेरिस शिखर सम्मेलन में अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और सुरक्षित अंतरिक्ष प्रमुख विषय होंगे।
भारत ने बाह्य अंतरिक्ष के सतत उपयोग, अंतरिक्ष-आधारित वैज्ञानिक डेटा की पहुंच, खुलेपन और अखंडता से जुड़ी प्रस्तावित घोषणाओं का स्वागत किया।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के आवृत्ति प्रबंधन संबंधी नियामक ढांचे के समर्थन की भी पुष्टि की।
ISRO के अध्यक्ष/अंतरिक्ष विभाग के सचिव को पेरिस शिखर सम्मेलन में मुख्य उद्घाटन भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
उद्घाटन भाषण का विषय पृथ्वी की निम्न कक्षा (Low Earth Orbit) में भारत का भविष्य का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम होगा।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल अंतरिक्ष में डिजाइन एवं विनिर्माण प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष से कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से आगे के अन्वेषण जैसे विषयों पर भी प्रस्तुति दे सकता है।
दोनों देशों ने बेंगलुरु स्पेस एक्सपो के माध्यम से अंतरिक्ष एजेंसियों, उद्योगों और उभरते निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के बीच अधिक संपर्क बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।
प्रो. फिलिप बैप्टिस्ट अपनी भारत यात्रा के दौरान बेंगलुरु स्थित ISRO केंद्रों का दौरा करने और डॉ. जितेंद्र सिंह से मिलने के इच्छुक हैं।
दोनों देशों की संबंधित टीमें सहयोग के नए क्षेत्रों और पेरिस शिखर सम्मेलन के लिए अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर आगे विचार-विमर्श जारी रखेंगी।
ISRO और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी CNES ने मेघा-ट्रॉपिक्स (Megha-Tropiques) और SARAL जैसे संयुक्त उपग्रह मिशनों में सहयोग किया है।
दोनों देश पृथ्वी अवलोकन और जलवायु संबंधी अनुप्रयोगों के क्षेत्र में भी आगे सहयोग कर रहे हैं।