प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपनिवेशिक काल की साउथ ब्लॉक इमारत से स्थानांतरित होकर अपना नया कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ संभाल लिया है। यह बदलाव 13 फरवरी को हुआ, जो 1931 में नई दिल्ली के भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में उद्घाटन के 95 वर्ष पूरे होने का प्रतीकात्मक दिन भी था। सेवा तीर्थ से कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन प्रधानमंत्री ने ऐसी फाइलों को स्वीकृति दी, जो समाज के लगभग हर वर्ग—किसान, महिलाएँ, युवा और कमजोर नागरिकों—से सीधे जुड़ी हुई हैं, जिससे इस कार्यालय के नाम के अनुरूप “सेवा” के भाव को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया।
इन पहलों में सबसे पहले पीएम राहत (PM RAHAT) योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्वरित चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान न जाए और आपात स्थितियों में इलाज तुरंत शुरू हो सके। यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी लखपति दीदी पहल के लक्ष्य को भी दोगुना कर दिया है। यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को टिकाऊ रूप से वार्षिक कम से कम ₹1 लाख की आय अर्जित करने में सक्षम बनाने के लिए चलाई जा रही है। सरकार पहले ही तीन करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर चुकी है और अब मार्च 2029 तक छह करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तय किया गया है, जो ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई गति देगा।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत ऋण लक्ष्य को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ कर दिया गया है। इस कोष के माध्यम से पोस्ट-हार्वेस्ट अवसंरचना जैसे भंडारण, कोल्ड चेन, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयों और संग्रह केंद्रों का विकास किया जाता है, जिससे फसल की बर्बादी कम होती है, मूल्य संवर्धन होता है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होता है। यह निर्णय संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके अलावा, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को ₹10,000 करोड़ के कॉर्पस के साथ मंजूरी दी गई है। यह योजना SIDBI के माध्यम से SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों को पूंजी उपलब्ध कराती है, जो आगे स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। इस दूसरे चरण का उद्देश्य डीप टेक, प्रारंभिक चरण के नवाचार, उन्नत विनिर्माण और अत्याधुनिक तकनीकों को समर्थन देना है, जिससे भारत के स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, सेवा तीर्थ कार्यालय से स्वीकृत ये पहलें स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार और नवाचार को एक साथ आगे बढ़ाने का संकेत देती हैं और समावेशी तथा दीर्घकालिक विकास की सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।