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भारत मेघालय में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ की मेजबानी कर रहा है

भारत मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ का आयोजन कर रहा है। इस सैन्य अभ्यास में 12 मित्र देशों की सेनाएँ भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय रक्षा सहयोग, सैन्य समन्वय तथा संयुक्त अभियान क्षमताओं को मजबूत करना है।

यह अभ्यास विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच सामरिक तालमेल बढ़ाने तथा साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है।

अभ्यास ‘प्रगति 2026’ के प्रमुख उद्देश्य

इस सैन्य अभ्यास के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • साझेदार देशों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना
  • विभिन्न सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (सामूहिक संचालन क्षमता) में सुधार करना
  • संयुक्त सामरिक प्रशिक्षण एवं समन्वय को मजबूत करना
  • क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को सुदृढ़ करना
  • सहभागी देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाना

अभ्यास के दौरान जंगल युद्धक प्रशिक्षण, सामरिक ड्रिल, हेलीबोर्न ऑपरेशन, घायलों की निकासी (Casualty Evacuation) तथा बहुराष्ट्रीय संयुक्त अभियानों का अभ्यास कराया जा रहा है।

भाग लेने वाले देश

इस बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में निम्न 12 मित्र राष्ट्र भाग ले रहे हैं—

  • भूटान
  • कंबोडिया
  • इंडोनेशिया
  • लाओस
  • मलेशिया
  • मालदीव
  • म्यांमार
  • नेपाल
  • फिलीपींस
  • सेशेल्स
  • श्रीलंका
  • वियतनाम

भारत इस बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास के प्रथम संस्करण की मेजबानी कर रहा है।

PRAGATI का पूर्ण रूप

PRAGATI का अर्थ है—

“Partnership of Regional Armies for Growth and Transformation in the Indian Ocean Region”

अर्थात् “हिंद महासागर क्षेत्र में विकास एवं परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी”।

यह अभ्यास क्षेत्रीय रक्षा कूटनीति तथा इंडो-पैसिफिक सुरक्षा सहयोग में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

मेघालय के उमरोई को चुनने का कारण

इस सैन्य अभ्यास के लिए मेघालय के उमरोई क्षेत्र का चयन कई कारणों से किया गया है—

  • यहाँ का भू-भाग जंगल युद्ध प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त है
  • यह क्षेत्र वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास की सुविधा प्रदान करता है
  • यहाँ आधुनिक सैन्य अवसंरचना एवं संयुक्त प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हैं

अभ्यास के दौरान बाधा दौड़ (Obstacle Courses), फायरिंग ड्रिल, त्वरित सैनिक तैनाती तथा बहुराष्ट्रीय समन्वय अभ्यास भी शामिल किए गए हैं।

भारत से जुड़े प्रमुख बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास

भारत समय-समय पर विभिन्न बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में भाग लेता है या उनकी मेजबानी करता है। इनमें प्रमुख हैं—

  • MILAN अभ्यास, जिसकी शुरुआत वर्ष 1995 में अंडमान एवं निकोबार कमान के अंतर्गत हुई थी।
  • तरंग शक्ति, जो भारतीय वायु सेना का पहला बड़े स्तर का बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है।
  • मालाबार अभ्यास, जिसकी शुरुआत वर्ष 1992 में भारत एवं अमेरिका के द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी, बाद में जापान एवं ऑस्ट्रेलिया भी इसमें शामिल हुए।
  • युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas), जो आतंकवाद-रोधी अभियानों एवं संयुक्त सैन्य संचालन पर केंद्रित है।
  • धर्म गार्जियन (Dharma Guardian), जो भारत-जापान रक्षा सहयोग को मजबूत करता है।

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