“ऑपरेशन फायर ट्रेल” : DRI द्वारा चीनी पटाखों की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश

भारत में चीनी पटाखों/आतिशबाजी की अवैध तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय ने “ऑपरेशन फायर ट्रेल (Operation Fire Trail)” नामक विशेष अभियान चलाया।

इस अभियान के तहत DRI ने चीनी पटाखों से भरे 7 कंटेनरों का पता लगाया, उन्हें रोका, तथा लगभग ₹35 करोड़ मूल्य के पटाखे ज़ब्त किए।

ज़ब्ती का स्थान

ये कंटेनर निम्न प्रमुख बंदरगाहों/क्षेत्रों पर पाए गए:

    • न्हावा शेवा पोर्ट
    • मुंद्रा पोर्ट
    • कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र (Kandla SEZ)

तस्करी का तरीका (Modus Operandi)

  • ज़ब्त किए गए चीनी पटाखों का कुल वज़न – 100 मीट्रिक टन
  • इन पटाखों को गलत घोषणा (Misdeclaration) के माध्यम से आयात किया गया।
  • इन्हें कागज़ों में निम्न वस्तुओं के रूप में दिखाया गया:
    • Mini Decorative Plants
    • Artificial Flowers
    • Plastic Mats
  • आयात:
    • एक Kandla SEZ (KASEZ) इकाई
    • तथा कुछ IEC (Importer Exporter Code) धारकों के नाम पर किया गया।

कुछ खेपों को Kandla SEZ के माध्यम से इस उद्देश्य से लाया गया था, ताकि बाद में उन्हें अवैध रूप से घरेलू शुल्क क्षेत्र (Domestic Tariff Area – DTA) में उतारा जा सके। यह SEZ प्रावधानों का गंभीर दुरुपयोग माना गया।

गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई

जांच के दौरान SEZ इकाई के एक भागीदार (Partner) की मुख्य भूमिका सामने आई।

वह व्यक्ति गलत घोषणा तथा SEZ नियमों के दुरुपयोग के ज़रिये चीनी पटाखों की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया। आरोपी को गिरफ्तार किया गया और माननीय न्यायालय द्वारा न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

कानूनी प्रावधान (Legal Framework)

पटाखों का आयात भारत की विदेश व्यापार नीति (ITC-HS Classification) के अंतर्गत “Restricted Category” में आता है।

इसके लिए आवश्यक लाइसेंस Directorate General of Foreign Trade और Petroleum and Explosives Safety Organisation (Explosive Rules, 2008 के अंतर्गत) की बिना अनुमति आयात करना गंभीर अपराध है।

पटाखों से जुड़े खतरे

  • चीनी पटाखों में:
    • Red Lead
    • Copper Oxide
    • Lithium
      जैसे प्रतिबंधित और हानिकारक रसायन पाए जाते हैं।
  • ये पटाखे:
    • अत्यधिक ज्वलनशील (Highly Combustible) होते हैं।
  • इससे खतरा:
    • जन-सुरक्षा (Public Safety)
    • बंदरगाह अवसंरचना (Port Infrastructure)
    • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन
      — तीनों के लिए अत्यंत गंभीर होता है।

संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम

  • DRI की इस कार्रवाई से:
    • आकस्मिक विस्फोट,
    • आग लगने की घटनाएँ,
    • तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसे बड़े हादसों को रोका गया।
  • यदि ये खेप बाज़ार में पहुँच जाती, तो भारी जन-धन हानि हो सकती थी।

DRI की प्रतिबद्धता

  • यह ऑपरेशन दर्शाता है कि DRI:
    • तस्करी के विरुद्ध शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति अपनाए हुए है।
    • भारत के Exim (Import-Export) व्यापार तंत्र की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • DRI का लक्ष्य:
    • अवैध नेटवर्क का पता लगाना (Detect)
    • उन्हें रोकना (Deter)
    • और पूरी तरह ध्वस्त करना (Dismantle) है।