DRDO ने पूरे किए नेक्स्ट जनरेशन आकाश मिसाइल के यूज़र ट्रायल्स

उपलब्धि का सार

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आकाश नेक्स्ट जेनरेशन (आकाश-एनजी) वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के यूज़र इवैल्युएशन ट्रायल्स सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह परीक्षण परिचालन परिस्थितियों में प्रणाली के प्रदर्शन को परखने के लिए किए गए थे और इसके साथ ही आकाश-एनजी को सेवा में शामिल करने की दिशा में एक अहम चरण पूरा हुआ है।

आकाश-एनजी मिसाइल प्रणाली

आकाश-एनजी, मौजूदा आकाश वायु रक्षा प्रणाली का उन्नत संस्करण है। इसे दुश्मन के विमानों, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से कम, मध्यम और अधिक ऊंचाई पर प्रभावी सुरक्षा देने के लिए विकसित किया गया है।

प्रमुख तकनीकी विशेषताएं

  • स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर

  • सॉलिड रॉकेट मोटर

  • बेहतर सटीकता और तेज प्रतिक्रिया समय

  • जटिल युद्ध परिदृश्यों में लक्ष्य भेदन की क्षमता

यूज़र ट्रायल्स के निष्कर्ष

यूज़र ट्रायल्स के दौरान आकाश-एनजी ने:

  • विभिन्न दूरियों पर हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक रोका

  • कम ऊंचाई और सीमा के पास के परिदृश्यों में प्रभावी प्रदर्शन किया

  • लंबी दूरी और अधिक ऊंचाई वाले लक्ष्यों का सफल अवरोधन किया

इन परिणामों से प्रणाली की विश्वसनीयता और परिचालन तैनाती की तत्परता की पुष्टि हुई है।

स्वदेशीकरण और रणनीतिक महत्व

आकाश-एनजी का विकास उच्च स्तर के स्वदेशीकरण के साथ किया गया है। इसमें उपयोग किए गए RF सीकर और प्रणोदन प्रणाली विदेशी तकनीक पर निर्भरता को कम करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करते हैं।

भारतीय वायु सेना के लिए महत्व

आकाश-एनजी के शामिल होने से:

  • हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मजबूत होगी

  • आधुनिक हवाई खतरों के खिलाफ प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी

  • भारत की स्तरित वायु रक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी

मुख्य बिंदु

  • DRDO ने आकाश-एनजी के यूज़र ट्रायल्स पूरे किए

  • अलग-अलग ऊंचाई और दूरी पर लक्ष्य भेदन सफल

  • स्वदेशी RF सीकर और सॉलिड रॉकेट मोटर से लैस

  • भारतीय वायु सेना की वायु रक्षा क्षमता में वृद्धि

यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।