CSL द्वारा INS Mahe युद्धपोत भारतीय नौसेना को सौंपा गया

  • Cochin Shipyard Limited (CSL) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित आठ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) में से पहला युद्धपोत भारतीय नौसेना को सौंपा।

  • इस युद्धपोत का नाम INS Mahe रखा गया है, जो Indian Navy के बेड़े में शामिल होने वाला ASW-SWC श्रेणी का पहला जहाज है।

  • INS Mahe का डिजाइन और निर्माण Det Norske Veritas (DNV) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार किया गया है, जो इसकी तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को प्रमाणित करता है।

  • यह युद्धपोत 78 मीटर लंबा है और यह डीज़ल इंजन–वॉटरजेट संयोजन से संचालित होने वाला भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है।

  • INS Mahe को विशेष रूप से निम्न कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है:

    • समुद्र के नीचे निगरानी (Underwater Surveillance)

    • खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue Operations)

    • कम तीव्रता वाले समुद्री सैन्य अभियान (Low Intensity Maritime Operations)

  • यह युद्धपोत तटीय क्षेत्रों (Coastal Waters) में:

    • पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare – ASW)

    • उन्नत माइन बिछाने की क्षमता (Advanced Mine-Laying Capabilities)
      जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाने में सक्षम है।

  • ASW-SWC श्रेणी के जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

  • स्वीकृति प्रपत्र (Acceptance Form) पर हस्ताक्षर:

    • एस. हरिकृष्णन, निदेशक (ऑपरेशंस), CSL

    • कमांडर अमित चंद्र चौबे, नामित कमांडिंग ऑफिसर, INS Mahe
      द्वारा किए गए।

  • यह समारोह 23 अक्टूबर 2025 को कोच्चि में आयोजित हुआ।

  • इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

    • रियर एडमिरल आर. अधिस्रीनिवासन, मुख्य स्टाफ अधिकारी (तकनीकी), पश्चिमी नौसेना कमान

    • कमोडोर अनुप मेनन, वारशिप प्रोडक्शन सुपरिंटेंडेंट, कोच्चि

    • भारतीय नौसेना एवं CSL के अन्य वरिष्ठ अधिकारी

Leave a Comment