यूनाइटेड किंगडम ने छह सदस्यीय खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे ब्रिटेन और खाड़ी क्षेत्र के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे। इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने, निर्यात पर शुल्क कम होने और व्यवसायों व निवेशकों के लिए बाजार पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। इस सौदे को यूके के सबसे महत्वपूर्ण पोस्ट-ब्रेक्जिट व्यापार समझौतों में से एक माना जाता है।
समझौते की मुख्य विशेषताएं
- यह व्यापार समझौता यूनाइटेड किंगडम और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच हस्ताक्षरित किया गया, जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। इस समझौते के तहत GCC देशों को ब्रिटिश निर्यात पर लगभग 93% शुल्क हटाए जाएंगे। पूरी तरह लागू होने के बाद यह सौदा यूके के निर्यात पर वार्षिक शुल्क में लगभग 58 करोड़ पाउंड की कमी करेगा। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में खाद्य उत्पाद, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरण, डिजिटल सेवाएं और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं।
सौदे का आर्थिक महत्व
- यूके सरकार का अनुमान है कि यह समझौता दीर्घकाल में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में प्रतिवर्ष लगभग £3.7 अरब का योगदान कर सकता है। इससे वेतन बढ़ने और व्यापार संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की भी उम्मीद है। GCC क्षेत्र अपने बड़े ऊर्जा भंडार, मजबूत संप्रभु धन कोष और उच्च क्रय शक्ति के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह समझौता यूके और खाड़ी देशों के बीच निवेश प्रवाह को भी प्रोत्साहित करेगा।
यूनाइटेड किंगडम के लिए महत्व
- यह समझौता यूके के लिए रणनीतिक महत्व रखता है क्योंकि यह GCC ब्लॉक के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने वाला पहला G7 देश बन गया। यह सौदा यूरोपीय संघ के बाहर व्यापार साझेदारी बढ़ाने की ब्रिटेन की व्यापक पोस्ट-ब्रेक्जिट रणनीति का समर्थन करता है। इससे प्रौद्योगिकी, वित्त, रक्षा और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में खाड़ी बाजारों तक यूके की पहुंच भी मजबूत होती है। समझौते की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता खाड़ी देशों में काम करने वाली यूके फर्मों के लिए डेटा के मुक्त प्रवाह से संबंधित प्रावधान है।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बारे में
- खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) 1981 में स्थापित एक क्षेत्रीय राजनीतिक और आर्थिक संगठन है। इसका मुख्यालय रियाद, सऊदी अरब में स्थित है। यह संगठन सदस्य देशों के बीच आर्थिक एकीकरण, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग, व्यापार विकास और समन्वय को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है। GCC के छह सदस्य देश हैं: बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य
- यूके और GCC के बीच व्यापार वार्ता आधिकारिक तौर पर जून 2022 में शुरू हुई। यूके और GCC देशों के बीच वार्षिक व्यापार £57 अरब से अधिक का है। इस समझौते को यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद यूके द्वारा हस्ताक्षरित सबसे बड़ी व्यापार व्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, कुछ मानवाधिकार संगठनों ने श्रम अधिकारों और मानवाधिकार संरक्षण पर समर्पित प्रावधानों की कमी के लिए इस सौदे की आलोचना की।