सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और विज्ञापन जगत के दिग्गज प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब सार्वजनिक प्रसारण क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलावों और दर्शकों की बदलती अपेक्षाओं के दौर से गुजर रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रसून जोशी को बधाई देते हुए उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि जोशी न केवल विज्ञापन, साहित्य, कला और सिनेमा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं, बल्कि उनकी सोच और अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की गहराई से जुड़ी हुई है। मंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में प्रसार भारती को नई ऊर्जा, स्पष्ट उद्देश्य और एक सशक्त रचनात्मक दिशा मिलेगी।
प्रसून जोशी का करियर बहुआयामी रहा है। वे अगस्त 2017 से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष रह चुके हैं, जहां उन्होंने रचनात्मक स्वतंत्रता और नियामकीय जिम्मेदारी के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाया। इसके अतिरिक्त, वे McCann World Group India के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और McCann World Group Asia Pacific के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह अनुभव उन्हें मीडिया, विज्ञापन और जनसंचार के क्षेत्र में गहरी समझ प्रदान करता है।
प्रसून जोशी वर्ष 2016 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के ट्रस्टी भी हैं। इस भूमिका में उन्होंने भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार में योगदान दिया है। उनकी रचनात्मक दृष्टि और सांस्कृतिक समझ प्रसार भारती जैसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रसार भारती, जो दूरदर्शन और आकाशवाणी का संचालन करती है, वर्तमान में डिजिटल प्लेटफॉर्म, OTT सेवाओं और निजी मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में प्रसून जोशी का अनुभव संस्थान को नवाचार, रचनात्मकता और आधुनिक संचार माध्यमों के साथ तालमेल बैठाने में सहायक हो सकता है।
दिसंबर 2025 में तत्कालीन अध्यक्ष नवनीत कुमार सहगल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यह पद रिक्त था, जिसे अब प्रसून जोशी की नियुक्ति से भरा गया है। यह नेतृत्व परिवर्तन संस्थान के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।