भारत और कनाडा ने $2.6 अरब की यूरेनियम डील पर हस्ताक्षर किए, 2030 तक $50 अरब के व्यापार का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता भारत–कनाडा संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में सामने आई है। यह यात्रा 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देश पिछले कुछ समय से ठहरे हुए संबंधों को पुनः सक्रिय और मजबूत करना चाहते हैं।

दोनों देशों ने 79 वर्षों के राजनयिक संबंधों के संदर्भ में इस साझेदारी को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच और अधिक प्रासंगिक बताया। लोकतांत्रिक मूल्यों—संप्रभुता, कानून का शासन और बहुपक्षीय सहयोग—को आधार बनाते हुए संबंधों को पुनर्संतुलित करने पर सहमति बनी।

रणनीतिक दृष्टिकोण : “वसुधैव कुटुम्बकम” का आधार

दोनों नेताओं ने संबंधों को “वसुधैव कुटुम्बकम” (One Earth, One Family, One Future) के सिद्धांत पर आधारित करने का निर्णय लिया।

  • भारत का “विकसित भारत” विजन

  • कनाडा का “Build Canada Strong” एजेंडा

इन दोनों राष्ट्रीय दृष्टिकोणों को जोड़कर एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की दिशा तय की गई।

CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) : आर्थिक संबंधों का केंद्र

इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर औपचारिक वार्ता शुरू करने का निर्णय रहा।

मुख्य बिंदु:

  • वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को शामिल किया जाएगा

  • लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक बढ़ाना

  • समयसीमा: 2026 के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देना

  • CEO फोरम का पुनर्गठन, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़े

यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम कर आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला हो सकता है।

ऊर्जा साझेदारी और सामरिक संसाधन सहयोग

भारत–कनाडा संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ ऊर्जा सुरक्षा रहा है। दोनों देशों ने एक व्यापक Strategic Energy Partnership को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

  • स्वच्छ ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा दोनों में सहयोग

  • सिविल न्यूक्लियर सहयोग का विस्तार

  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करना

  • कनाडा की कंपनी Cameco और भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के बीच 2.6 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता

  • LNG, LPG, कच्चे तेल, पोटाश और यूरेनियम के व्यापार को बढ़ावा

  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कनाडा की ऊर्जा निर्यात क्षमता का विस्तार

स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु सहयोग

दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में समझौते किए:

  • सौर, पवन, बायोएनर्जी और ऊर्जा भंडारण में सहयोग

  • ग्रिड आधुनिकीकरण और ऊर्जा संक्रमण को तेज करना

महत्वपूर्ण पहल:

  • कनाडा का International Solar Alliance (ISA) में शामिल होने का इरादा

  • कनाडा का Global Biofuels Alliance में पूर्ण सदस्य बनना

कृषि, पोषण और खाद्य सुरक्षा

कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा दी गई:

  • एग्री-टेक और फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी

  • NIFTEM कुंडली में Pulse Protein Centre of Excellence की स्थापना

यह पहल पोषण सुरक्षा, फोर्टिफाइड खाद्य विकास और कृषि नवाचार को बढ़ावा देगी।

शिक्षा और प्रतिभा गतिशीलता

शिक्षा और मानव संसाधन सहयोग इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा:

  • AICTE और Mitacs के बीच समझौता

  • हर वर्ष 300 भारतीय छात्रों के लिए रिसर्च इंटर्नशिप

  • 24 शैक्षणिक समझौतों का निष्पादन

नई पहल:

  • Joint Talent and Innovation Strategy

यह छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को मजबूत करेगा।

सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क

सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए:

  • कला, विरासत और ऑडियो-विजुअल क्षेत्र में सहयोग

  • नई तकनीकों के उपयोग के साथ क्रिएटिव इंडस्ट्री का विस्तार

विशेष:

  • कनाडा की Bharat Tribes Fest 2026 में भागीदारी

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग

दोनों देशों ने विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया:

  • Joint Science and Technology Cooperation Committee का पुनः गठन

  • AI, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम कम्युनिकेशन में सहयोग

अंतरिक्ष क्षेत्र में:

  • Canadian Space Agency और ISRO के बीच सहयोग

  • वायुमंडलीय विज्ञान, अंतरिक्ष अन्वेषण और AI आधारित अनुप्रयोग

सुरक्षा और रक्षा सहयोग

सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने पर सहमति बनी:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा संवाद

  • आतंकवाद विरोधी सहयोग

  • साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त प्रयास

नई पहलें:

  • India–Canada Defence Dialogue

  • Maritime Security Partnership

  • कनाडा द्वारा भारत में रक्षा अटैशे की नियुक्ति

क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग

दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई:

  • स्वतंत्र, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक

  • वैश्विक मंचों पर समन्वय

भारत ने कनाडा के Indian Ocean Rim Association (IORA) में संवाद भागीदार बनने के प्रयास का समर्थन किया।