वाराणसी ने एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के साथ वाराणसी ने चीन के 2018 के रिकॉर्ड (1,53,981 पौधे) को पीछे छोड़ दिया।
रिकॉर्ड की पुष्टि
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक ऋषिनाथ द्वारा सत्यापन
- ड्रोन सर्विलांस और डिजिटल काउंटिंग सिस्टम से निगरानी
- प्रमाण पत्र मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रदान किया गया
पौधारोपण अभियान का विवरण
- स्थान: सुजाबाद-डोमारी क्षेत्र, वाराणसी
- क्षेत्रफल: लगभग 350 बीघा
- इसे शहरी वन (Urban Forest) के रूप में विकसित किया जा रहा है
- क्षेत्र को 60 सेक्टरों में विभाजित किया गया, जिनके नाम काशी के प्रमुख घाटों पर रखे गए
पौधों की विविधता
अभियान में 27 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जैसे—
- वृक्ष: शीशम, अर्जुन, सागौन, बांस
- फलदार: आम, अमरूद, पपीता
- औषधीय: अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय
मियावाकी तकनीक का उपयोग
- मियावाकी तकनीक से घने और तेजी से बढ़ने वाले वन का विकास
- अनुमान: 2–3 वर्षों में घना हरित क्षेत्र तैयार
व्यापक भागीदारी
इस अभियान में शामिल हुए:
- भारतीय सेना, NDRF, CRPF, PAC
- वन एवं कृषि विभाग, नमामि गंगे, DUDA
- हजारों छात्र, NCC कैडेट और NSS स्वयंसेवक
सिंचाई और रखरखाव
- 10.8 किमी पाइपलाइन नेटवर्क स्थापित
- 10 बोरवेल और 360 रेनगन सिस्टम से सिंचाई व्यवस्था
- पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण पर विशेष ध्यान
आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व
- यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राजस्व सृजन में भी सहायक होगी
- निजी एजेंसी के साथ समझौते के तहत तीसरे वर्ष से आय शुरू होने की संभावना
- काशी की हरित विकास और सतत योजना का उदाहरण