गुजरात में ग्रीन AI-रेडी डेटा सेंटर: कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल अवसंरचना की दिशा में बड़ा कदम

गुजरात ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (Dholera SIR) में 250 मेगावाट क्षमता वाले ग्रीन AI-रेडी डेटा सेंटर परिसर की स्थापना हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

समझौते का विवरण

यह MoU नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit–2026 के दौरान हस्ताक्षरित हुआ। इस अवसर पर गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया उपस्थित थे।

समझौता गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और Larsen and Toubro VYOMA के बीच संपन्न हुआ। परियोजना में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान है और इसे वर्ष 2028 तक परिचालन में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना के उद्देश्य और विशेषताएँ

इस परियोजना का उद्देश्य एक बड़े पैमाने का, पर्यावरणीय रूप से सतत (environmentally sustainable) डेटा सेंटर स्थापित करना है, जो क्लाउड कंप्यूटिंग, एडवांस्ड एनालिटिक्स, AI-आधारित सेवाओं को समर्थन प्रदान कर सके।

नीतिगत संरेखण और आर्थिक प्रभाव

यह परियोजना गुजरात की IT/ITeS नीति (2022–27) के अनुरूप है और एक टिकाऊ डिजिटल इकोसिस्टम के विकास को समर्थन देती है।
धोलेरा SIR में प्रस्तावित यह परिसर—

  • उच्च प्रभाव वाले निवेश आकर्षित करेगा

  • नवाचार-आधारित विकास (innovation-led growth) को बढ़ावा देगा

  • निर्माण, कमीशनिंग और दीर्घकालिक संचालन के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगा

इसके अतिरिक्त, परियोजना से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम विकास के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे भारत के डिजिटल परिवर्तन में गुजरात की भूमिका और सशक्त होगी।

MoU की शर्तें और सरकारी भूमिका

MoU के अंतर्गत L&T VYOMA भूमि की उपयुक्तता, अवसंरचना की तैयारियों, उपलब्धता क्षेत्रों (availability zones), सततता मानकों का विस्तृत आकलन करेगी।

वहीं, गुजरात सरकार अपने विभिन्न विभागों के माध्यम से परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक संरचित ढांचा उपलब्ध कराएगी।

राष्ट्रीय AI दृष्टि से संबंध

यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा India AI Summit में प्रस्तुत ‘MANAV’ (मानव-केंद्रित AI) दृष्टि के अनुरूप है। इस दृष्टि में—

  • नैतिक और नैतिकतापूर्ण AI प्रणाली

  • जवाबदेह शासन

  • राष्ट्रीय डेटा संप्रभुता

  • समावेशी और सुलभ तकनीक पर बल दिया गया है।

राज्य स्तर पर प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री की इस दृष्टि के अनुरूप भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने AI और डिजिटल गवर्नेंस के लिए इस वर्ष के बजट में 850 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

L&T VYOMA के साथ किया गया यह MoU गुजरात में विश्वस्तरीय AI-रेडी डिजिटल अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।