मलेशिया यात्रा का उद्देश्य
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में ASEAN शिखर सम्मेलन में भाग लेने के कारण अपनी प्रस्तावित मलेशिया यात्रा रद्द कर दी थी।
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इस कारण उत्पन्न कूटनीतिक असहजता को दूर करने के लिए उन्होंने नए वर्ष में अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में मलेशिया को चुना।
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यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को सुधारने और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।
भारत-मलेशिया के बीच द्विपक्षीय वार्ता
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मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई।
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इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
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इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
2025 में दोनों देशों के संबंधों में तनाव
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2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद मलेशिया ने हमले की निंदा की थी।
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लेकिन मलेशियाई प्रधानमंत्री ने हमले की “पूरी और निष्पक्ष जांच” और भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद की बात कही।
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उन्होंने मध्यस्थता की पेशकश भी की और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की मेजबानी की।
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इन घटनाओं से भारत-मलेशिया संबंधों में कुछ तनाव उत्पन्न हुआ।
आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख
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इन मतभेदों के बावजूद, दोनों देशों ने संयुक्त बयान में आतंकवाद की स्पष्ट और कड़ी निंदा की।
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“सीमा पार आतंकवाद” (Cross-border terrorism) को भी स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया गया।
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दोनों देशों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त राष्ट्र व FATF में समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई।
तकनीकी और आर्थिक सहयोग
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सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर हुए।
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यह सहयोग IIT मद्रास ग्लोबल और मलेशिया की एडवांस्ड सेमीकंडक्टर अकादमी के बीच साझेदारी पर आधारित है।
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व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल तकनीक में सहयोग को प्राथमिकता दी गई।
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विवादास्पद मुद्दों जैसे भारत में वांछित उपदेशक जाकिर नाइक के मलेशिया में रहने पर सार्वजनिक चर्चा से बचा गया।
बहुपक्षीय मुद्दों पर मतभेद
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ASEAN शिखर सम्मेलन में मोदी की अनुपस्थिति से ASEAN-India व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा पर असर पड़ा।
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भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ASEAN के साथ FTA को “खराब तरीके से तय” कहा था, जिससे असंतोष पैदा हुआ।
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मोदी की यात्रा ने यह संदेश दिया कि भारत ASEAN के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखे हुए है।
BRICS और क्षेत्रीय सहयोग
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भारत इस वर्ष BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा।
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संयुक्त बयान में भारत ने BRICS की सदस्यता के लिए मलेशिया की इच्छा को केवल “नोट” किया।
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मलेशिया BRICS का साझेदार देश है, जबकि इंडोनेशिया पूर्ण सदस्य बन चुका है।
PM मोदी की मलेशिया यात्रा में हुए मुख्य समझौते
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सेमीकंडक्टर सहयोग – भारत और मलेशिया ने सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
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डिजिटल भुगतान सहयोग – भारत के UPI और मलेशिया के PayNet के बीच सीमा-पार भुगतान (Cross-Border Payments) को लेकर समझौता हुआ, जिससे डिजिटल लेन-देन और अधिक सुगम होगा।
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भारत-मलेशिया CEO फोरम – 10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा हुई। मलेशिया ने भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का स्वागत किया।
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आतंकवाद के विरुद्ध साझा रुख – दोनों देशों के नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सहमति व्यक्त की।
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रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग – समुद्री सुरक्षा, सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
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आपदा प्रबंधन सहयोग – आपात स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साझा किया गया।
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नया भारतीय वाणिज्य दूतावास – प्रधानमंत्री ने मलेशिया में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate General) खोलने की घोषणा की।
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तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति और केंद्र – मलेशियाई छात्रों के लिए ‘तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति’ शुरू की गई। साथ ही, यूनिवर्सिटी मलाया में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित किया जाएगा।
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OCI कार्ड पात्रता विस्तार – मलेशिया में भारतीय प्रवासियों के लिए OCI कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
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भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम परिवर्तन – मलेशिया में ‘इंडियन कल्चरल सेंटर’ का नाम बदलकर ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र’ रखा जाएगा।
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आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा सहयोग – यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और भारत के आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के बीच पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद में सहयोग हेतु समझौता हुआ।
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TVET के माध्यम से रोजगार क्षमता – व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) के जरिए युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।
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IBCA में मलेशिया की भागीदारी – मलेशिया आधिकारिक रूप से इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल हो गया।
यात्रा का व्यापक महत्व
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इस यात्रा से भारत और मलेशिया के बीच समन्वय बढ़ने की संभावना है।
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यह भारत और ASEAN क्षेत्र के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक आधार तैयार करती है।
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दोनों देश वैश्विक परिवर्तनों का सामना करने के लिए साझा रणनीति विकसित कर सकते हैं।
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मलेशियाई प्रधानमंत्री ने मोदी की यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो सकारात्मक कूटनीतिक संकेत है।