समग्र रुझान
भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति नवंबर में वार्षिक आधार पर –0.32% पर नकारात्मक बनी रही, जो अक्टूबर में दर्ज –1.21% की तुलना में कम नकारात्मक है। मासिक आधार पर, नवंबर में WPI 0.71% बढ़ा, जबकि पिछले महीने –0.13% की गिरावट दर्ज की गई थी।
प्रमुख कारण
Ministry of Commerce and Industry द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नकारात्मक मुद्रास्फीति का मुख्य कारण निम्न वस्तुओं की कीमतों में गिरावट रही:
- खाद्य पदार्थ
- खनिज तेल
- कच्चा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
- बुनियादी धातुएं
- बिजली
घटक-वार स्थिति
- खाद्य सूचकांक: –2.6% (वार्षिक) की गिरावट, लगातार तीसरे महीने नकारात्मक।
- प्राथमिक वस्तुएं तथा ईंधन एवं ऊर्जा: नकारात्मक रहीं, हालांकि गिरावट की गति धीमी हुई।
- विनिर्मित उत्पाद: मुद्रास्फीति 1.33% तक घटी, जिससे कीमतों के दबाव में नरमी दिखी।
मुख्य कमोडिटीज़ की लागत में नरमी से WPI में नकारात्मकता बनी रही, जबकि मासिक वृद्धि अल्पकालिक कीमतों में सुधार का संकेत देती है।
यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।