प्रतियोगिता का आयोजन और महत्व
भारत ने पहली बार 11वीं एशियाई एक्वाटिक्स चैम्पियनशिप का आयोजन 28 सितम्बर से 11 अक्टूबर 2025 तक गुजरात के अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया। यह दक्षिण एशिया में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का दूसरा आयोजन था। इस प्रतियोगिता में 29 देशों के लगभग 1100 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों ने भाग लिया। यह प्रतियोगिता 2026 एशियाई खेलों (नागोया, जापान) के लिए क्वालीफाइंग इवेंट भी रही।
प्रतियोगिता के आयोजनकर्ता और स्पर्धाएँ
इस प्रतियोगिता का संयुक्त आयोजन स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और गुजरात सरकार द्वारा किया गया। इसमें चार प्रमुख स्पर्धाएँ शामिल थीं — स्विमिंग, आर्टिस्टिक स्विमिंग, डाइविंग और वाटर पोलो। कुल 65 पदक स्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिनमें स्विमिंग की 42, आर्टिस्टिक स्विमिंग की 11, डाइविंग की 10 तथा वाटर पोलो की 2 स्पर्धाएँ शामिल थीं।
पदक तालिका में देशों का प्रदर्शन
चीन ने प्रतियोगिता में 40 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदकों सहित कुल 54 पदक जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया। कजाखस्तान 23 पदकों के साथ दूसरे तथा जापान 21 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने 4 रजत और 9 कांस्य पदकों सहित कुल 13 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और 11वाँ स्थान प्राप्त किया।
भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारत का यह प्रदर्शन इस प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में मजबूत प्रतिस्पर्धा दिखाई और देश की एक्वाटिक्स क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया।
प्रमुख भारतीय खिलाड़ी और उपलब्धियाँ
श्रीहरि नटराज प्रतियोगिता के सबसे सफल भारतीय खिलाड़ी रहे, जिन्होंने कुल 7 पदक जीते। उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर बैकस्ट्रोक में रजत पदक तथा 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 4×100 मीटर मेडले रिले और 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीते।
भाव्या सचदेवा ने महिला 400 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीतकर भारत को महिला वर्ग में पहला पदक दिलाया।
कुशाग्र रावत ने पुरुष 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता।
बेनेडिक्शन आर. बेनिस्टन ने 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया।
ऋषभ दास ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता।
साजन प्रकाश ने 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त किया।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन
भारत की पुरुष रिले टीम — अनीश गौड़ा, साजन प्रकाश, शोअन गांगुली और श्रीहरि नटराज — ने 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में 7 मिनट 23.38 सेकंड का समय लेकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और रजत पदक जीता।
डाइविंग स्पर्धा में विल्सन सिंह निंगथौजाम और इंदीवर साइरेम ने मिश्रित सिंक्रोनाइज्ड 10 मीटर प्लेटफॉर्म स्पर्धा में चौथा स्थान प्राप्त किया, जो इस क्षेत्र में भारत की भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है।
भारत के लिए प्रतियोगिता का महत्व
इस प्रतियोगिता ने भारत की खेल अवसंरचना, आयोजन क्षमता और एक्वाटिक्स खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रदर्शित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी से भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू मैदान पर अनुभव प्राप्त हुआ और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी मजबूत हुई।
भविष्य की संभावनाएँ
भारत का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि एक्वाटिक्स खेलों में देश तेजी से प्रगति कर रहा है। बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और सरकारी सहयोग से आने वाले एशियाई खेलों और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन में और सुधार की संभावना है।
यह लेख शैक्षणिक एवं सामान्य सूचना के उद्देश्य से, विषयगत जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।