डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की उच्चस्तरीय सामान्य बहस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे 27 सितंबर 2025 को महासभा को संबोधित करेंगे। इस वर्ष प्रधानमंत्री Narendra Modi के न्यूयॉर्क जाकर UNGA सत्र में भाग लेने की संभावना नहीं है।

प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति और पृष्ठभूमि

पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के ‘समिट ऑफ द फ्यूचर’ में भाग लिया था, जबकि जयशंकर ने महासभा को संबोधित किया था। इस वर्ष भारत की भागीदारी मंत्रीस्तरीय स्तर पर हो रही है, जो वैश्विक कूटनीतिक व्यस्तताओं के बीच एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है।

80वें UNGA सत्र की थीम और अवधि

संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य बहस 23 से 29 सितंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। इस सत्र की थीम “Better Together: 80 Years and More for Peace, Development and Human Rights” रखी गई है। इसमें वैश्विक शांति, विकास और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

इस सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय इज़राइल–हमास संघर्ष, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों जैसे प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा। जयशंकर के संबोधन में इन विषयों पर भारत का दृष्टिकोण सामने आने की उम्मीद है।

अमेरिका और ब्राज़ील की भूमिका

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump 23 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे। यह उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद संयुक्त राष्ट्र में पहला संबोधन होगा। संयुक्त राष्ट्र की परंपरा के अनुसार, ब्राज़ील सामान्य बहस की शुरुआत करेगा।

भारत का वैश्विक दृष्टिकोण

जयशंकर के संबोधन में भारत द्वारा बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात प्रमुखता से उठाई जा सकती है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में दिए गए अपने भाषणों में वे वैश्विक निर्णय-निर्माण में समानता और प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं और कह चुके हैं कि अब कुछ गिने-चुने देशों द्वारा वैश्विक एजेंडा तय करने का दौर समाप्त हो चुका है।

भारत–अमेरिका संबंधों में हालिया तनाव

इस वर्ष का UNGA सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच कुछ तनाव देखने को मिला है। अमेरिका द्वारा प्रमुख भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क और रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर 25 प्रतिशत अधिभार लगाए जाने के बाद भारत ने इन कदमों को अनुचित बताया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद जारी है और व्यापार समझौते की उम्मीद बनी हुई है।

UNGA के दौरान अन्य प्रमुख कार्यक्रम

80वें सत्र के दौरान कई विषयगत बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। इनमें संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ का स्मरण, जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मेलन (जिसे संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres आयोजित करेंगे), और महिलाओं के अधिकारों पर बीजिंग घोषणा के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम शामिल है।

उभरते वैश्विक मुद्दे

इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शासन, युवा विकास और म्यांमार में रोहिंग्या संकट जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ये मुद्दे वैश्विक नीति-निर्माण में तेजी से महत्व प्राप्त कर रहे हैं।

वक्ताओं की सूची और संभावित बदलाव

संयुक्त राष्ट्र की परंपरा के अनुसार, UNGA सत्र के वक्ताओं की सूची अस्थायी होती है और सत्र से पहले इसमें परिवर्तन संभव है। अंतिम कार्यक्रम सत्र की तिथि के निकट तय किया जाएगा।