बिश्केक में भारत–मध्य एशिया सुरक्षा संवाद: आतंकवाद, अफगानिस्तान और उभरती तकनीकों पर फोकस

भारत और मध्य एशिया के चार देशों ने किर्गिज़ गणराज्य की राजधानी बिश्केक में आयोजित सुरक्षा वार्ता के दौरान आतंकवाद, कट्टरपंथ, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह बैठक सुरक्षा परिषद सचिवों/राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की तीसरी बैठक के रूप में आयोजित की गई।

बैठक का आयोजन और भागीदारी

यह बहुपक्षीय बैठक बिश्केक में आयोजित हुई, जिसमें भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बैठक में कज़ाखस्तान, किर्गिज़ गणराज्य और उज़्बेकिस्तान के समकक्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए, जबकि ताजिकिस्तान का प्रतिनिधित्व उसकी सुरक्षा परिषद के उप सचिव स्तर पर किया गया।

क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर साझा चिंता

बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनज़र निरंतर संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया। सभी पक्षों ने आतंकवाद, कट्टरपंथ, उग्रवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित और दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति व्यक्त की।

अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता पर जोर

प्रतिभागियों ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस संदर्भ में, उन्होंने काबुल के साथ अधिक निकटता से जुड़ने, सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने तथा संपर्क (कनेक्टिविटी) और आर्थिक विकास से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इन प्रयासों को दीर्घकालिक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक माना गया।

कनेक्टिविटी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच बेहतर संपर्क को प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही, सहयोग के दायरे को डिजिटल अवसंरचना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों तक विस्तारित करने पर भी सहमति बनी, जिन्हें भविष्य के क्षेत्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

सहयोग के दायरे का विस्तार

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस मंच के तहत सहयोग के नए क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। डिजिटल कनेक्टिविटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अवसंरचना और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को भविष्य में और गहराया जाएगा, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ विकासात्मक साझेदारी को भी मजबूती मिल सके।

द्विपक्षीय और शिष्टाचार भेंट

बैठक के इतर, अजित डोभाल और मध्य एशियाई देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने किर्गिज़ राष्ट्रपति Sadyr Zhaparov से शिष्टाचार भेंट की। इसके अलावा, डोभाल ने कज़ाखस्तान, किर्गिज़ गणराज्य और उज़्बेकिस्तान के सुरक्षा परिषद प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी कीं।

संवाद की पृष्ठभूमि

भारत–मध्य एशिया NSA स्तर का यह तीसरा संवाद 27 जनवरी 2022 को आयोजित पहले भारत–मध्य एशिया शिखर सम्मेलन में बनी सहमति पर आधारित है। इस प्रारूप के अंतर्गत पूर्व की बैठकें नई दिल्ली में 6 दिसंबर 2022 और अस्ताना में 23 अक्टूबर 2023 को आयोजित की गई थीं।

हालिया कूटनीतिक संदर्भ

बिश्केक में आयोजित यह बैठक 6 जून को नई दिल्ली में हुई चौथी भारत–मध्य एशिया विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद हुई है। यह दर्शाता है कि भारत और मध्य एशियाई देश रणनीतिक और सुरक्षा मामलों पर निरंतर संवाद बनाए हुए हैं।