श्रीलंका की प्रधानमंत्री की नीति आयोग यात्रा: भारत–श्रीलंका सहयोग को नई दिशा

श्रीलंका की प्रधानमंत्री Harini Nireka Amarasuriya ने अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में NITI Aayog का दौरा किया। इस अवसर पर दोनों देशों ने अवसंरचना, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित कई क्षेत्रों में गहरे सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

नीति आयोग की भूमिका की सराहना

प्रधानमंत्री अमरसूरिया ने नीति आयोग को एक प्रभावी नीति थिंक टैंक बताते हुए इसकी उस क्षमता की प्रशंसा की, जिसके माध्यम से दीर्घकालिक नीति निर्माण को ज़मीनी क्रियान्वयन से जोड़ा जाता है। उन्होंने यह जानने में विशेष रुचि दिखाई कि नीति आयोग केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर विश्लेषण, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और नागरिक प्रतिक्रिया को शासन में कैसे एकीकृत करता है।

नीतिगत निरंतरता और सुधारों पर जोर

श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने अपने देश में चल रहे सुधार कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक चक्रों से परे नीति निरंतरता सुनिश्चित करने वाली संस्थाओं का महत्व अत्यधिक है। उन्होंने ऐसे संस्थागत ढांचों की आवश्यकता पर बल दिया जो स्थिरता और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित कर सकें।

भारतीय पहलों का प्रस्तुतीकरण

नीति आयोग के उपाध्यक्ष Suman K. Bery के मार्गदर्शन में हुई चर्चाओं में भारत की प्रमुख परिवर्तनकारी पहलों का अवलोकन प्रस्तुत किया गया। इनमें बहु-मॉडल अवसंरचना योजना के लिए PM Gati Shakti, समावेशी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, तथा पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग की संभावनाएं शामिल रहीं।

उभरती तकनीकों में द्विपक्षीय सहयोग

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल गवर्नेंस जैसी अग्रणी तकनीकों को भारत–श्रीलंका द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया। इन क्षेत्रों में ज्ञान-साझेदारी और संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विचार किया गया।

व्यापार, निवेश और अवसंरचना पर चर्चा

प्रस्तुतियों में भारत–श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते (ETCA) के अंतर्गत व्यापार और निवेश, तथा एकीकृत अवसंरचना योजना पर चर्चा की गई। भारत के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स मॉडल को श्रीलंका के कैंडी शहर में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

शिक्षा और पर्यटन में सहयोग

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा सुधारों पर जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही विरासत, ईको और वेलनेस पर्यटन में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क को मजबूत किया जा सके।

व्यापक भागीदारी और ज्ञान-साझेदारी

नीति आयोग के विभिन्न प्रभागों के अधिकारियों की बैठक में भागीदारी ने भारत की ज्ञान-साझेदारी और सहयोगात्मक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। यह सहभागिता दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई।