भारत–मंगोलिया संबंधों को नई गति: 10 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

भारत और मंगोलिया ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi और मंगोलिया के राष्ट्रपति Khurelsukh Ukhnaa के बीच हुई द्विपक्षीय एवं प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद कुल 10 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक तथा मजबूत बनाना है।

समझौता ज्ञापनों के प्रमुख क्षेत्र

हस्ताक्षरित MoUs के अंतर्गत मानवीय सहायता, मंगोलिया में विरासत स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार, आव्रजन में सहयोग, भूविज्ञान और खनिज संसाधनों में साझेदारी, सहकारिता के संवर्धन तथा डिजिटल समाधानों के आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ये समझौते आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देंगे।

द्विपक्षीय संबंधों की 70वीं वर्षगांठ का स्मरण

इस अवसर पर भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से स्मारक डाक टिकट जारी किए। यह कदम दोनों देशों के ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करता है।

मंगोलियाई नागरिकों के लिए मुफ्त ई-वीजा की घोषणा

संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत ने मंगोलियाई नागरिकों को मुफ्त ई-वीजा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही भारत हर वर्ष मंगोलिया से युवा सांस्कृतिक दूतों की भारत यात्रा को प्रायोजित करेगा, जिससे लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलेगा।

भारत–मंगोलिया संबंधों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मंगोलिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आत्मिक और आध्यात्मिक हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि नालंदा विश्वविद्यालय ने मंगोलिया में बौद्ध धर्म के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों देशों ने नालंदा विश्वविद्यालय और गांडन मठ को जोड़कर इस ऐतिहासिक रिश्ते को नई ऊर्जा देने का निर्णय लिया है।

वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और मंगोलिया का वैश्विक मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा मूल्यों पर आधारित है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के निकट सहयोगी हैं और स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी तथा नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक का समर्थन करते हैं। इसके साथ ही दोनों देश ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के लिए भी मिलकर कार्य कर रहे हैं।

मंगोलिया के विकास में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मंगोलिया के विकास में एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार रहा है। भारत की 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता से बन रही तेल रिफाइनरी परियोजना मंगोलिया की ऊर्जा सुरक्षा को नया बल प्रदान करेगी।

मंगोलिया की ओर से भारत को धन्यवाद

मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना ने तेल रिफाइनरी परियोजना में भारत और प्रधानमंत्री मोदी के सर्वांगीण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने डिजिटल सहयोग से संबंधित MoU को भारत–मंगोलिया संबंधों में एक ऐतिहासिक समझौता बताया।

हवाई संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा

राष्ट्रपति उखना ने जानकारी दी कि मंगोलिया की एक एयरलाइन इस वर्ष के अंत से अमृतसर और नई दिल्ली के लिए चार्टर उड़ानें शुरू करने की तैयारी कर रही है। इससे पर्यटन, व्यापार और जन-संपर्क सहित द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिलेगी।

रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) P Kumaran ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर एक संयुक्त वक्तव्य अपनाया है। इसमें लचीली आपूर्ति शृंखलाओं और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग का रोडमैप शामिल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति खुरेलसुख की यात्रा प्रतीकात्मक और व्यावहारिक, दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण रही है।

राष्ट्रपति खुरेलसुख की भारत यात्रा का विवरण

मंगोलिया के राष्ट्रपति चार दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। यात्रा के पहले दिन उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे राष्ट्रपति Droupadi Murmu से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करेंगे, जहां उनके सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति के साथ मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, व्यवसायिक नेता और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। यह राष्ट्रपति खुरेलसुख की राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की पहली यात्रा है।

Leave a Comment