उद्घाटन और प्रमुख घटनाक्रम
- Rajnath Singh, रक्षा मंत्री, ने 17 अक्टूबर को
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) की Nashik इकाई में:- लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Tejas Mk1A की तीसरी उत्पादन लाइन
- और Hindustan Turbo Trainer-40 (HTT-40) की दूसरी उत्पादन लाइन
का उद्घाटन किया।
- इसी अवसर पर नई उत्पादन लाइन से निर्मित पहले LCA तेजस Mk1A विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
- यह कार्यक्रम भारत की स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
आत्मनिर्भरता और रक्षा उत्पादन पर रक्षा मंत्री के विचार
- रक्षा मंत्री ने नई उत्पादन लाइनों को रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।
- उन्होंने कहा कि:
- भारत पहले लगभग 70 प्रतिशत सैन्य उपकरण आयात करता था।
- अब देश लगभग 65 प्रतिशत रक्षा आवश्यकताओं का घरेलू उत्पादन कर रहा है।
- सरकार का लक्ष्य भविष्य में 100 प्रतिशत स्वदेशी रक्षा उत्पादन हासिल करना है।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में वृद्धि
- रक्षा मंत्री के अनुसार:
- 2014–15 में रक्षा उत्पादन का वार्षिक मूल्य ₹46,429 करोड़ था।
- 2024–25 में यह बढ़कर ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
- रक्षा निर्यात:
- अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर ₹25,000 करोड़ तक पहुँच चुका है।
- सरकार का लक्ष्य:
- 2029 तक ₹3 लाख करोड़ रक्षा उत्पादन
- और ₹50,000 करोड़ रक्षा निर्यात प्राप्त करना है।
HAL की भूमिका और ऑपरेशन सिंदूर
- रक्षा मंत्री ने स्वदेशी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ाने में HAL की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
- उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान:
- HAL के इंजीनियरों द्वारा
Indian Air Force को दी गई
24×7 तकनीकी सहायता की विशेष रूप से प्रशंसा की।
- HAL के इंजीनियरों द्वारा
स्वदेशी हथियार प्रणालियों का एकीकरण
- HAL नासिक द्वारा:
- BrahMos मिसाइल का
Su-30MKI पर सफल एकीकरण
को भारत की स्वदेशी क्षमताओं का उदाहरण बताया गया।
- BrahMos मिसाइल का
- यह उपलब्धि महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में घरेलू प्रणालियों की प्रभावी तैनाती को दर्शाती है।
HAL के लिए भविष्य की दिशा
- रक्षा मंत्री ने HAL को भारत के रक्षा क्षेत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि:
- कंपनी को केवल तेजस या HTT-40 तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
- उसे आगे बढ़कर:
- अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान
- मानव रहित प्रणालियाँ (Unmanned Systems)
- और नागरिक उड्डयन
के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनानी चाहिए।
रोजगार सृजन और औद्योगिक सहयोग
- HAL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डी. के. सुनील ने बताया कि:
- नई उत्पादन लाइनों से लगभग 1,000 नए रोजगार सृजित हुए हैं।
- 40 से अधिक स्थानीय उद्योग साझेदारियाँ विकसित हुई हैं।
- इससे रक्षा विनिर्माण में सार्वजनिक–निजी सहयोग को मजबूती मिली है।
नासिक इकाई की बढ़ी हुई क्षमता
- नासिक इकाई अब:
- उन्नत स्वदेशी लड़ाकू विमानों
- और Su-30MKI जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म
के उत्पादन में सक्षम हो गई है।
- इससे भारत का एयरोस्पेस इकोसिस्टम और अधिक सशक्त हुआ है।