15वीं भारत–वियतनाम रक्षा नीति वार्ता

भारत और वियतनाम ने 10 नवंबर 2025 को हनोई में आयोजित 15वीं भारत–वियतनाम रक्षा नीति वार्ता (Defence Policy Dialogue – DPD) के दौरान अपनी रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस उच्चस्तरीय संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह तथा वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल होआंग ज़ुआन चिएन ने की। वार्ता में दोनों देशों ने विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी संचालन और उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को गहराने पर सहमति व्यक्त की।

इस रक्षा नीति वार्ता का सबसे प्रमुख परिणाम रहा पनडुब्बी खोज एवं बचाव सहयोग (Submarine Search and Rescue – SAR) से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर। इस समझौते के अंतर्गत भारत और वियतनाम एक-दूसरे को पनडुब्बी खोज, बचाव और आपातकालीन सहायता अभियानों में सहयोग प्रदान करेंगे। यह व्यवस्था ऐसे समय में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब दोनों देशों की नौसेनाएँ अपने अंडरसी (Undersea) बेड़े का विस्तार कर रही हैं। इस MoU से पनडुब्बी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, दोनों नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ेगी तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जल के भीतर उत्पन्न आपात स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रतिक्रिया की आधारशिला रखी जाएगी। दोनों पक्षों ने इसे भारत–वियतनाम के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास का प्रतीक बताया।

वार्ता के दौरान दोनों देशों ने पिछली रक्षा नीति वार्ता के बाद हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इसमें हाइड्रोग्राफी सहयोग, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण एवं आदान-प्रदान कार्यक्रम, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, पोर्ट कॉल्स एवं जहाज यात्राएँ, तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और शिपयार्ड उन्नयन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग शामिल रहा। यह समीक्षा दर्शाती है कि भारत और वियतनाम का रक्षा सहयोग अब पारंपरिक सैन्य क्षेत्रों से आगे बढ़कर उन्नत एवं तकनीकी क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुका है।

भविष्य को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति व्यक्त की। विशेष रूप से साइबर सुरक्षा एवं साइबर रक्षा, रीयल-टाइम सूचना एवं खुफिया जानकारी साझा करना, सैन्य चिकित्सा, तथा विशेषज्ञ-स्तरीय संवाद जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर भी गहन विचार-विमर्श किया।

रक्षा औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत के रक्षा उत्पादन विभाग और वियतनाम के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस इंडस्ट्री के बीच चल रही कार्यान्वयन व्यवस्था के तहत दिसंबर 2025 में अगली रक्षा उद्योग बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। इससे संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी साझेदारी और सह-विकास (Co-development) कार्यक्रमों को गति मिलने की उम्मीद है।

अपनी यात्रा के दौरान भारतीय रक्षा सचिव ने वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से भी भेंट की और 15वीं रक्षा नीति वार्ता के प्रमुख निष्कर्षों से उन्हें अवगत कराया। दोनों पक्षों ने अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह भी निर्णय लिया गया कि 16वीं भारत–वियतनाम रक्षा नीति वार्ता 2026 में भारत में आयोजित की जाएगी, जो भारत–वियतनाम संयुक्त विज़न स्टेटमेंट 2030 के लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।