ट्रंप द्वारा नए आयात शुल्क की घोषणा

Donald Trump द्वारा लगाए गए व्यापक पारस्परिक (reciprocal) टैरिफ को US Supreme Court ने असंवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया। फैसले के अगले ही दिन ट्रंप ने न्यायालय की कड़ी आलोचना करते हुए उसे “हास्यास्पद, खराब तरीके से लिखा गया और अत्यंत अमेरिका-विरोधी” बताया।

नया टैरिफ निर्णय

  • ट्रंप ने विश्वभर से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 150 दिनों के लिए अस्थायी आयात अधिभार (Temporary Import Surcharge) लगाने की घोषणा की।

  • पहले इस अधिभार को 10 प्रतिशत रखा गया था, जिसे शनिवार को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।

  • यह 15 प्रतिशत टैरिफ भारत सहित सभी देशों पर समान रूप से लागू होगा।

भारत पर प्रभाव

  • इस निर्णय के बाद भारत पर लागू अमेरिकी टैरिफ दर 18 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत हो गई।

  • भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि वह अमेरिकी निर्णय और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है।

  • मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका द्वारा घोषित कदमों के व्यापारिक और आर्थिक निहितार्थों का आकलन किया जा रहा है।

कानूनी आधार

  • व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत अपने अधिकार का प्रयोग किया।

  • यह धारा राष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय भुगतान संतुलन से जुड़ी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए आयात अधिभार और विशेष प्रतिबंध लगाने की अनुमति देती है।

टैरिफ से छूट प्राप्त वस्तुएँ

  • अमेरिकी अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ वस्तुओं को अस्थायी आयात शुल्क से मुक्त रखा गया है।

  • इनमें शामिल हैं:

    • कुछ महत्वपूर्ण खनिज और धातुएँ

    • ऊर्जा और ऊर्जा उत्पाद

    • उर्वरक और ऐसे प्राकृतिक संसाधन जो अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं

    • कुछ कृषि उत्पाद जैसे बीफ, टमाटर और संतरा

    • दवाएँ और दवा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री

    • कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद

    • यात्री वाहन, हल्के व भारी ट्रक, बसें और उनके कुछ पुर्जे

    • कुछ एयरोस्पेस उत्पाद

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर असर

  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) आधारित टैरिफ को अमान्य करने के बाद भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा बदल सकती है।

  • दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता लगभग एक वर्ष से बातचीत के चरण में है और अभी तक कानूनी रूप से हस्ताक्षरित नहीं हुआ है।

  • अमेरिका पहले ही भारत पर टैरिफ 18 प्रतिशत करने का निर्णय ले चुका था, लेकिन अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग ने इसे लागू नहीं किया था। अब यह दर 15 प्रतिशत होगी।

वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव

  • स्विट्ज़रलैंड स्थित थिंक टैंक Global Trade Alert के अनुसार, यदि IEEPA टैरिफ हटाए जाते तो अमेरिका का औसत व्यापार-भारित टैरिफ 15.3 प्रतिशत से घटकर 8.3 प्रतिशत हो जाता।

  • IEEPA टैरिफ हटने से विभिन्न देशों के निर्यातकों पर पड़ने वाला प्रभाव अलग-अलग होता।

  • चीन, ब्राज़ील, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों को 10 प्रतिशत से अधिक की टैरिफ राहत मिलती।

  • कुछ छोटे देशों को 20 प्रतिशत या उससे अधिक की राहत मिलती।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

  • 6–3 के फैसले के बाद ट्रंप ने न्यायाधीशों को “मूर्ख” और “लैपडॉग” जैसे शब्दों से संबोधित किया।

  • उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कुछ सदस्यों में देश के हित में निर्णय लेने का साहस नहीं था।

भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप का बयान

  • भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर ट्रंप ने कहा कि फैसले के बावजूद “कुछ भी नहीं बदलेगा”।

  • उनके अनुसार, भारत अमेरिका को टैरिफ देगा, जबकि अमेरिका भारत को टैरिफ नहीं देगा।

  • ट्रंप ने Narendra Modi की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक महान और समझदार नेता हैं।

  • उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल आयात में कटौती की, जिससे वैश्विक संघर्ष को समाप्त करने में मदद मिल सके।